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महाधर्माध्यक्ष आऊज़ा संयुक्त राष्ट्र संघ में परमधर्मपीठ के स्थायी पर्यवेक्षक महाधर्माध्यक्ष आऊज़ा संयुक्त राष्ट्र संघ में परमधर्मपीठ के स्थायी पर्यवेक्षक  

हर हालत में आतंकवाद की निन्दा की जाये, महाधर्माध्यक्ष आऊज़ा

न्यू यॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र संघ के मुख्यालय में गुरुवार को, "आतंकवादी कृत्यों द्वारा अन्तरराष्ट्रीय शान्ति एवं सुरक्षा पर बने ख़तरे", शीर्षक के अन्तर्गत, सुरक्षा परिषद की बैठक में परमधर्मपीठ के स्थायी पर्यवेक्षक महाधर्माध्यक्ष बेरनारदीतो आऊज़ा ने कहा कि हर हालत में आतंकवाद की निन्दा की जानी चाहिये।

जूलयट जेनेवीव क्रिस्टफर-वाटिकन सिटी

न्यू यॉर्क, शुक्रवार, 29 मार्च 2019 (रेई, वाटिकन रेडियो):  न्यू यॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र संघ के मुख्यालय में गुरुवार को, "आतंकवादी कृत्यों द्वारा अन्तरराष्ट्रीय शान्ति एवं सुरक्षा पर बने ख़तरे", शीर्षक के अन्तर्गत, सुरक्षा परिषद की बैठक में परमधर्मपीठ के स्थायी पर्यवेक्षक महाधर्माध्यक्ष बेरनारदीतो आऊज़ा ने कहा कि हर हालत में आतंकवाद की निन्दा की जानी चाहिये।

विश्व प्रतिनिधियों को सम्बोधित करते हुए सर्वप्रथम महाधर्माध्यक्ष ने न्यूज़ीलैण्ड में क्राईस्ट चर्च स्थित दो मस्जिदों पर हाल में हुए आतंकवादी हमले की कड़ी निन्दा की तथा मारे गये लोगों के प्रति गहन सहानुभूति का प्रदर्शन किया।

आतंकवाद विश्व शान्ति पर महान ख़तरा

महाधर्माध्यक्ष ने कहा, "दुर्भाग्यवश, आज के विश्व में आतंकवाद एक सामान्य सी बात हो गई है। लोग अनवरत हिंसक हमलों के भय तले दब रहे हैं जो अतिवादी एवं चरमपंथी विचारधाराओं का परिणाम है। आतंकवादी अंधाधुंध नुकसान पहुंचाते हैं, और प्रायः मानव समाज के सबसे कमज़ोर वर्ग पर प्रहार करते हैं। आतंकवादी शान्ति निर्माताओं एवं लोकोपकारी कार्यों में संलग्न लोगों को अपना निशाना बनाते हैं। वे होटेल, कॉन्सर्ट हाऊसेज़, सार्वजनिक स्थलों और यहाँ तक कि आराधना स्थलों पर हमले करते हैं। अस्तु, यह अनिवार्य है कि आतंकवाद और आतंकवाद सभी प्रकारों को रोकने के लिये ठोस उपाय किये जायें।"

उन्होंने कहा, "आतंकवादियों को उन सुविधाओं से वंचित रखा जाना चाहिये जो उनकी अपराधिक गतिविधियों में मददगार होती हैं। किसी को भी यह अनुमति नहीं मिलनी चाहिये कि वे आतंकवादियों को हथियार आदि मुहैया करायें। जो लोग हिंसक उग्रवादियों को समर्थन देते तथा आतंकवादियों को शरण प्रदान करते हैं उन्हें कानूनी अदालतों के समक्ष जवाबदेह ठहराया जाना चाहिये।"

सन्त पापा फ्राँसिस एवं अल अज़हर के ईमाम की घोषणा

महाधर्माध्यक्ष आऊज़ा ने सन्त पापा फ्राँसिस एवं अल अज़हर के प्रधान ईमाम शेख अहमद आल-तायेब द्वारा आतंकवाद के विरुद्ध हाल में प्रकाशित घोषणा को उद्धृत कर कहा कि आतंकवाद के हर प्रकार को अन्तरराष्ट्रीय अपराध माना जाना चाहिये क्योंकि ये विश्व की शान्ति एवं सुरक्षा पर महान ख़तरा हैं। उक्त घोषणा में उन्होंने काले धन, मानव तस्करी, हथियारों की बिक्री तथा प्राचीन वस्तुओं एवं कलाकृतियों की तस्करी को भी एक प्रकार का आतंकवाद निरूपित किया और कहा इन अभिशापों से मावनजाति की रक्षा करना अनिवार्य है। 

29 March 2019, 11:35