दिलीप संजय एक्का-वाटिकन सिटी
वाटिकन सिटी, बृहस्पतिवार, 28 मार्च 2019 (रेई) धरती में नमी बने रहने के लिए उसे जल की जरुरत है उसी भांति मानव हृदय को उर्वारक बने रहने हेतु ईश्वर पर विश्वास करने की आवश्यकता है। ईश्वर के वचनों को सुनना और उन पर विश्वास करना हमारे हृदय को ईश्वर के साथ संयुक्त करता है।
संत पापा फ्रांसिस ने 28 मार्च के अपने ट्वीट संदेश में लिखाः
यदि हम ईश्वर के वचनों को नहीं सुनते तो हमारे हृदय जल बिन धरती की तरह हो जाता है। इसी करणा येसु हमसे कहते हैं, “तुम अपना हृदय कठोर न बनाओं।”