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पृथ्वी कारवां के साथ संत पापा फ्राँसिस पृथ्वी कारवां के साथ संत पापा फ्राँसिस  (AFP or licensors)

वाटिकन में हिरोशिमा शांति की लौ

संत पापा के आमदर्शन हेतु समूह में, "कारवां ऑफ़ द अर्थ" (पृथ्वी कारवां) भी था, जो शांति और परमाणु हथियारों के उन्मूलन को बढ़ावा देने हेतु 2015 में शुरू की गई थी।

माग्रेट सुनीता मिंज-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, बुधवार 20 मार्च 2019 ( रेई) : “परमाणु हथियारों के बिना भविष्य का निर्माण करने के लिए शांति और न्याय हेतु प्रार्थना” इस भावना के साथ, पांच अलग-अलग धर्मों की 13 वर्षीय लड़कियां वाटिकन आईं, जिनके साथ हिरोशिमा परमाणु बम से बचे, श्रीमान स्टसुकु थुरलो और कारवां के संस्थापक जापान के वाडा जी संघ मंदिर के प्रधान पुजारी रयोकू एंडो भी हैं। "कारवां ऑफ़ द अर्थ" पृथ्वी कारवां हमारे ग्रह पर सबसे सताये हुए लोगों और भूमि के लिए शांति, मेल-मिलाप और न्याय के लिए समर्पित एक पारस्परिक दुनिया की तीर्थयात्रा है।

आमदर्शन के दौरान संत पापा फ्राँसिस को शांति की ज्वाला के साथ प्रस्तुत किया गया था, जो परमाणु बम की जलती हुई राख से उत्पन्न हुई थी जिसे 6 अगस्त 1945 से सुलह के प्रतीक स्वरूप लगातार जलता हुआ रखा गया है। नागासाकी से युसा ओकाडा, बेथलेहम से जान्ना इब्राहिम, कनाडा के मिंगान से मणिकानेत मेस्तेकोशो,  संयुक्त राज्य अमेरिका के डलास से यासमीन अबूज़ाग्लो; वियना के मिरयम शमित्जोफर परमाणु हथियारों के बिना भविष्य के लिए युवा लोगों की उत्कट इच्छा का प्रतिनिधित्व करती हैं। दूसरे विश्व युद्ध के सत्तर साल बाद, पृथ्वी कारवां ने नागासाकी से हिरोशिमा, औशविट्ज़ से स्रेब्रेनिका तक और कनाडा के प्रथम स्वदेशी राष्ट्रों से इज़राइल और फिलिस्तीन की यात्रा की। हर साल पृथ्वी कारवां की प्रार्थनाएं और गतिविधियां दुनिया भर के हजारों लोगों को, सभी के लिए बेहतर भविष्य हेतु काम करने के लिए प्रेरित करती है।

20 March 2019, 16:44