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जनरल रोमियो दल्लायर और डॉ शेल्टी व्हिटमैन के साथ संत पापा फ्राँसिस जनरल रोमियो दल्लायर और डॉ शेल्टी व्हिटमैन के साथ संत पापा फ्राँसिस 

बाल सैनिकों के उपयोग को समाप्त करने हेतु संत पापा का समर्थन

दुनिया भर में पहल बाल सैनिकों के संस्थापक रोमियो डेलायर और कार्यकारी निदेशक हाल ही में वाटिकन में अपने काम के बारे में बताने और उनका समर्थन प्राप्त करने हेतु संत पापा फ्राँसिस से मुलाकात की।

माग्रेट सुनीता मिंज-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, बुधवार 13 फरवरी 2019 (वाटिकन सिटी) : बाल सैनिकों के प्रयोग के खिलाफ 12 फरवरी को अंतर्राष्ट्रीय दिवस मनाया गया। विभिन्न अवसरों पर संत पापा फ्राँसिस ने वैश्विक घटना के लिए अपनी चिंता व्यक्त की है और इस प्रथा को समाप्त करने का आह्वान किया है और इसे उन्होंने "दासता का रूप" कहा है।

संत पापा ने सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल रोमियो दल्लायर और डॉ शेल्टी व्हिटमैन से हाल ही में मुलाकात की थी। लेफ्टिनेंट जनरल रोमियो ने एक संगठन को शुरु किया, जिसका उद्देश्य बाल सैनिकों की भर्ती और उपयोग को समाप्त करना है। डॉ. शेल्टी व्हिटमैन संगठन का कार्यकारी निदेशक हैं।

बाल सैनिक पहल

बाल सैनिक पहल, एक वैश्विक साझेदारी है जो दुनिया भर में बाल सैनिकों की भर्ती और उपयोग को रोकने के लिए प्रशिक्षण और उपकरणों के साथ नेताओं को काबिल बनाने के साथ-साथ, बाल सैनिक के मुद्दे पर सुरक्षा क्षेत्र के दृष्टिकोण को सामने लाती है।

जनरल डेलायर और डॉ. व्हिटमैन ने 17 जनवरी को संत पापा से मुलाकात करने के बाद वाटिकन न्यूज को बताया कि संत पापा फ्राँसिस के साथ बैठक "महत्वपूर्ण पारस्परिक हित" के सामंजस्यपूर्ण और रचनात्मक माहौल में हुई।

‘शेक हैंड्स विद डेविल’

सेवानिवृत्त कनेडियन लेफ्टिनेंट-जनरल रोमियो डेलायर भयावह 1994 रवांडा नरसंहार के गवाह हैं जहाँ उन्होंने बच्चों को युद्ध के हथियार बनते और मरते देखा था। वे नरसंहार से पहले और उसके दौरान रवांडा के लिए संयुक्त राष्ट्र सहायता मिशन के फोर्स कमांडर थे। नियोजित नरसंहार और कार्रवाई करने के उनके दोहराए गए अनुरोधों के बारे में दी गई जानकारी के बावजूद, उन्हें हस्तक्षेप करने की अनुमति से वंचित कर दिया गया और संयुक्त राष्ट्र ने अपनी शांति सेना को वापस ले लिया, जिसमें 100 दिनों के भीतर 800,000 से अधिक लोग मारे गए थे।

डेलायर ने अपनी पुरस्कार-विजेता पुस्तक ‘शेक हैंड्स विद डेविल: में रवांडा में मानवता की विफलता" का वर्णन किया है। डेलायर ऐसे आतंक को दोबारा होने से रोकने की एक गहरी प्रतिबद्धता के साथ लौटे। उन्होंने बताया कि संत पापा से मुलाकात कर वे वाटिकन और संत पापा के सहयोग और समर्थन प्राप्त करना चाहते थे।

जनरल ने कहा कि संत पापा ने 2013 से ही आधुनिक गुलामी के संकट के बारे में विभिन्न स्थानों में अपने विचार प्रकट किये हैं। सत पापा ने हमारे कार्यों के बारे जानने के लिए बड़ी दिलचस्पी ली और विश्व नेताओं को प्रभावित करने के लिए अपना समर्थन देने में उत्सुकता दिखाई।

13 February 2019, 16:07