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वाटिकन कार्यकर्तो के संग संत पापा वाटिकन कार्यकर्तो के संग संत पापा   (Vatican Media)

संत पैदा नहीं होते हैं, बन जाते हैं, वाटिकन कर्मचारियों से सन्त

सन्त पापा फ्राँसिस ने कहा कि क्रिसमस अर्थात् ख्रीस्त जयन्ती महापर्व का अर्थ है आनन्द से परिपूर्ण होकर अन्यों को भी अपने आनन्द में शामिल करना। उन्होंने कहा, "क्रिसमस उत्कृष्ट रूप से आनन्द मनाने का महोत्सव है, फिर भी कई बार हम महसूस करते हैं कि लोग और हम ख़ुद भी इसके मर्म को समझ नहीं पाते और फिज़ूल की बातों में लग जाते हैं जिससे इसका आनन्द केवल सतही रह जाता है।"

जूलयट जेनेवीव क्रिस्टफर-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, शुक्रवार, 21 दिसम्बर 2018 (रेई, वाटिकन रेडियो): सन्त पापा फ्राँसिस ने शुक्रवार, 21 दिसम्बर को, क्रिसमस महापर्व के उपलक्ष्य में, वाटिकन में सेवारत कर्मचारियों को सम्बोधित कर कहा कि कोई भी व्यक्ति सन्त पैदा नहीं होता अपितु सन्त बन जाता है.

उन्होंने कहा कि क्रिसमस अर्थात् ख्रीस्त जयन्ती महापर्व का अर्थ है आनन्द से परिपूर्ण होकर अन्यों को भी अपने आनन्द में शामिल करना. उन्होंने कहा, "क्रिसमस उत्कृष्ट रूप से आनन्द मनाने का महोत्सव है, फिर भी कई बार हम महसूस करते हैं कि लोग और हम ख़ुद भी इसके मर्म को समझ नहीं पाते और फिज़ूल की बातों में लग जाते हैं जिससे इसका आनन्द केवल सतही रह जाता है ".

गौशाला की ओर यदि दृष्टि लगायें

सन्त पापा ने कहा, "गौशाला की ओर यदि दृष्टि लगाये तो हम मरियम, जोसफ और चरवाहों को देखते हैं जिनके चेहरों पर समस्त कठिनाइयों के बावजूद आनन्द झलकता नज़र आता है. आप कह सकते हैं कि वे तो सन्त थे किन्तु यह कदापि न भूलें कि वे भी हमारे ही समान मनुष्य थे जिन्हें जीवन पथ पर कई कष्टों का सामना करना पड़ा था, उनकी स्थिति सरल कतई नहीं थी क्योंकि सन्त कोई पैदा नहीं होता बल्कि अपने कर्मों से व्यक्ति सन्त बनता है. मरियम, जोसफ और चरवाहों ने सन्तता प्राप्त कर ली थी और इसीलिये यथार्थ आनन्द का वे अनुभव कर सके."

कार्यस्थल को "सांस लेने" योग्य वातावरण बनायें

वाटिकन कर्मचारियों को श्रम का मर्म समझाते हुए सन्त पापा ने कहा, "हमारे कार्य हमें थका देते हैं, यह स्वाभाविक है किन्तु यदि हममें से प्रत्येक येसु की पवित्रता पर मनन करे तो हमारा कार्य स्थल आनन्द से भर सकता है. हमारी एक मुस्कान, अन्यों के प्रति हमारा तनिक ध्यान, हमारी सौजन्यता, हमारा क्षमा मांगना सम्पूर्ण कार्यस्थल को "सांस लेने" योग्य वातावरण बना देता है. "  

सन्त पापा ने कहा, "उस भारी भरकम वातावरण से हम बचें जो हम पुरुष और महिलाएं अपने अहंकार, अपनी संकीर्णता और अपने पूर्वाग्रहों से बना देते हैं ताकि बेहतर तरीके से काम कर उत्कृष्ट फल उत्पन्न कर सकें. आप सबको क्रिसमस महापर्व की हार्दिक बधाइयाँ" !

 

21 December 2018, 11:18