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ग्वादालूपे की माता और संत पापा ग्वादालूपे की माता और संत पापा  (Vatican Media)

मेक्सिको की महारानी ग्वादालूपे की माता मरियम

12 दिसम्बर ग्वादालूपे की माता मरियम का पर्व दिवस है। वे लैटिन अमेरिका की संरक्षिका हैं।

माग्रेट सुनीता मिंज-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, बुधवार 12 दिसम्बर 2018 (रेई) : मेक्सिको की महारानी और लैटिन अमेरिका की संरक्षिका के पर्व दिवस पर संत पापा फ्राँसिस आज शाम को वाटिकन के संत पेत्रुस महागिरजाघर में पवित्र यूखारिस्त समारोह का अनुष्ठान करेंगे। लैटिन अमेरिकी संत पापा फ्राँसिस ग्वादालूपे की माता मरियम के चरणों में सभी विश्वासियों को समर्पित करते हए उनके लिए प्रार्थना करेंगे।

पहला दर्शन

ग्वादालूपे की माता मरियम अपने आप को कपड़े में प्रकट किया। उन्होंने 1531 में मेक्सिको के तेपेयाक पहाड़ी पर दर्शन देकर अपना परिचय ईश्वर की माता और पूरे मानव जाति की माता के रुप में दिया। एक आदिवासी किसान, जुआन डिएगो ने  पहाड़ी पर एक चमकदार सुन्दर छवि देखी। माता मरियम ने खुद का परिचय देने के बाद जुआन से अपने लिए उसी स्थान पर एक मंदिर बनाने को कहा, ताकि वे उन सभी के साथ अपने प्यार और करुणा को साझा कर सके जो उनमें विश्वास करते हों।

माता मरियम का संदेश देने जुआन डिएगो मेक्सिको शहर के महाधर्माध्यक्ष जिआन दे जुमार्रागा के पास गये। धर्माध्यक्ष ने जुआन की बातों पर विश्वास नहीं किया और यह कहते हुए वापस भेज दिया कि अगर माता मरियम पुनः दर्शन दे तो वह उनसे सबूत के तौर पर कुछ चिन्ह मांगे।

जुआन डिएगो वापस पहाड़ी पर लौटे और माता मरियम ने पुनः उसे दर्शन दिया और कहा कि वो पहाड की चोटी पर चढ़कर कुछ फूल तोड़े और उसे महाधर्माध्यक्ष को दे।

शीतकाल में फूल

यद्यपि कड़ाके की सर्दी के मौसम में फूल नहीं खिलना चाहिए था, जुआन डिएगो को एक प्रकार का फूल पहाड़ में भरा मिला जिसे उन्होंने पहले कभी नहीं देखा था। माता मरियम ने फूलों को जुआन के कपड़े में बांध दिया, जो टिल्मा के नाम से जाना जाता है। जब जुआन डिएगो ने महाधर्माध्यक्ष जूमार्रागा को फूलों का टिल्मा अर्पित किया। उन्होंने कैस्टिलियन गुलाब को पहचाना, जो मेक्सिको में नहीं पाए जाते हैं। टिल्मा जिसमें डिएगो फूल लाये थे उस कपड़े पर माता मरियम की रंगीन छवि छप गई।  

टिल्मा

डिएगो की टिल्मा आज भी संरक्षित है जिसमें माता मरियम अपना सिर झुकाये दोनों हाथों को जोड़े हुए प्रार्थना की मुद्रा में हैं। वे ग्वादालूपे की माता मरियम का प्रतिनिधित्व करती है। यह कहानी विद्वान एंटोनियो वैलेरियानो द्वारा एज़्टेक की मूल भाषा नहुआट्ल पांडुलिपि में 1556 के आसपास लिखी गई थी।

20 मिलियन से अधिक लोग हर साल ग्वादालूपे की माता मरियम महागिरजाघर में माता मरियम का दर्शन करते हैं, जो अब उसी पहाड़ी पर स्थित है जिस पर वे दिखाई देती थीं।

संत पापा पोप जॉन पॉल द्वितीय ने सन् 1990 में मेक्सिको का दौरा किया और जुआन डिएगो को धन्य घोषित किया। 10 साल बाद, वर्ष 2000 में, उन्होंने जुआन को संत घोषित किया।

12 December 2018, 16:04