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नवीन कारिशमाई संस्था का लोगो (प्रतीक) नवीन कारिशमाई संस्था का लोगो (प्रतीक)  

काथलिक करिश्माई नवीकरण हेतु एक नवीन अन्तरराष्ट्रीय संस्था

वाटिकन स्थित लोकधर्मियों, परिवार एवं जीवन सम्बन्धी परमधर्मपीठीय समिति ने एक नवीन अन्तरराष्ट्रीय संस्था की रचना की घोषणा है जो अन्तरराष्ट्रीय काथलिक करिशमाई नवीकरण अभियानों को सेवाएँ प्रदान करेगी। इस नवीन संस्था की स्थापना आठ दिसम्बर को की जायेगी।

जूलयट जेनेवीव क्रिस्टफर-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, शुक्रवार, 2 नवम्बर 2018 (रेई, वाटिकन रेडियो): वाटिकन स्थित लोकधर्मियों, परिवार एवं जीवन सम्बन्धी परमधर्मपीठीय समिति ने एक नवीन अन्तरराष्ट्रीय संस्था की रचना की घोषणा है जो अन्तरराष्ट्रीय काथलिक करिशमाई नवीकरण अभियानों को सेवाएँ प्रदान करेगी. स नवीन संस्था की स्थापना आठ दिसम्बर को की जायेगी.  

31 अक्टूबर को एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर लोकधर्मियों, परिवार एवं जीवन सम्बन्धी परमधर्मपीठीय समिति ने घोषणा की कि एक “नवीन, एकल, अन्तरराष्ट्रीय सेवा संस्था की रचना की जायेगी जो काथलिक करिशमाई नवीकरण अभियानों की ज़रूरतों पर ध्यान केन्द्रित करेगी”.  

नवीन संस्था का विवरण

वाटिकन प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार आठ सदरचना की स्थापना की जायेगी. इसके अतिरिक्त, इसे नियंत्रित करनेवाले नियमों को प्रयोगात्मक आधार पर अनुमोदन दिया जायेगा. विज्ञप्ति में कहा गया कि कई मौकों पर सन्त पापा फ्राँसिस ने इस नवीन संरचना का निवेदन किया था जिसका नाम होगा , “कारिस” इसका नाम होगा तथा यह सभी काथलिक करिशमाई नवीकरण अभिव्यक्तियों को सेवाएँ प्रदान करेगी .

अधिकार

विज्ञप्ति में यह भी बताया गया कि "कारिस" किसी एक काथलिक करिशमाई अभियान के अन्तर्गत रहकर संचालित नहीं होगी बल्कि सभी करिशमाई नवीकरण अभियान कलीसियाई शासन के अधीन होंगे.

संविधान और वित्त

विज्ञप्ति के अनुसार 2019 के पेन्तेकोस्त महापर्व के दिन से उक्त नवीन संरचना प्रभावी हो जायेगी. दस दिन से सभी अन्य करिशमाई दलों का विघटन "कारिस" नामक नवीन करिशमाई संस्था में होायेगा तथा इनकी सम्पत्ति भी "कारिस" में हस्तान्तरित कर दी जायेगी.

02 November 2018, 11:27