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युद्धरत यमन में बच्चे युद्धरत यमन में बच्चे   (ANSA)

परमधर्मपीठीय-इसराएली आयोग की बैठक में बच्चों की सुरक्षा पर चर्चा

रोम में 18 से 20 नवम्बर तक जारी रही यहूदियों के साथ सम्बन्धों के लिये गठित परमधर्मपीठीय एवं इसराएली आयोग की बैठक में मानव प्रतिष्ठा तथा यहूदी एवं काथलिक धर्मशिक्षा में बच्चों की स्थिति पर विचार विमर्श किया गया। काथलिक प्रतिनिधिमण्डल के अध्यक्ष कार्डिनल पीटर टर्कसन ने रब्बी रास्सोन आरूसी के नेतृत्व में रोम आये इसराएली प्रतिनिधि मण्डल का स्वागत किया तथा सबपर प्रभु ईश्वर की आशीष की मंगल याचना की।

जूलयट जेनेवीव क्रिस्टफर-वाटिकन सिटी

रोम, शुक्रवार, 23 नवम्बर 2018, (रेई, वाटिकन रेडियो): रोम में 18 से 20 नवम्बर तक जारी रही यहूदियों के साथ सम्बन्धों के लिये गठित परमधर्मपीठीय एवं इसराएली आयोग की बैठक में मानव प्रतिष्ठा तथा यहूदी एवं काथलिक धर्मशिक्षा में बच्चों की स्थिति पर विचार विमर्श किया गया. काथलिक प्रतिनिधिमण्डल के अध्यक्ष कार्डिनल पीटर टर्कसन ने रब्बी रास्सोन आरूसी के नेतृत्व में रोम आये इसराएली प्रतिनिधि मण्डल का स्वागत किया तथा सबपर प्रभु ईश्वर की आशीष की मंगल याचना की.

बच्चों की सुरक्षा और प्रतिष्ठा

बैठक के उपरान्त एक संयुक्त विज्ञप्ति जारी की गई जिसमें बताया गया कि संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा घोषित विश्वव्यापी बाल दिवस के उपलक्ष्य में आयोग की बैठक हुई जिसमें मानव प्रतिष्ठा और विशेष रूप से बच्चों की सुरक्षा और उनकी देखरेख सम्बन्धी मुद्दों पर बल दिया गया और कहा गया कि कमज़ोर वर्ग एवं, विशेष रूप से, बच्चों की देख-रेख समाज के सभी वयस्कों का दायित्व है.  

इस तथ्य की ओर ध्यान आकर्षित कराया गया कि यहूदी और काथलिक धर्मानुयायियों की बाईबिल धरोहर यही घोषित करती है कि मानव प्राणी ईश प्रतिरूप में सृजित व्यक्ति है इसलिये मानव प्रतिष्ठा और विशेष रूप से बच्चों की प्रतिष्ठा का सम्मान करना अनिवार्य है. दस दिशा में बच्चों के साथ यथार्थ एवं प्रेमपूर्ण सम्बन्ध बनाने तथा उन्हें उपयुक्त पोषण, शिक्षा एवं स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान करने का आह्वान किया गया.

माता-पिताओं, अभिभावकों, शिक्षकों की भूमिका

संयुक्त विज्ञप्ति में यह भी कहा गया कि बच्चों का भरण-पोषण एवं शिक्षा-दीक्षा समुचित समाज की ज़िम्मेदारी है जिसमें, विशेष रूप से, माता-पिताओं, अभिभावकों, शिक्षकों तथा धार्मिक मार्गदर्शकों की भूमिका अहं होनी चाहिये.  

इसराएल एवं परमधर्मपीठ के काथलिक एवं यहूदी द्विपक्षीय आयोग के शिष्ठ मण्डलों के सदस्यों ने अपनी बैठक के उपरान्त सन्त पापा फ्राँसिस का भी साक्षात्कार किया जिन्होंने इस बात पर बल दिया कि काथलिक एवं यहूदी धर्मानुयायियों को एकजुट होकर शांति और विकास हेतु कार्य करना चाहिये. सन्त पापा ने कहा, "हम भाई-भाई एवं एक ईश्वर की सन्तान हैं और हमें एकजुट होकर शांति निर्माण हेतु कार्य करना चाहिये."

23 November 2018, 11:00