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पोलैंड के महाधर्माध्यक्ष स्तानिसलॉस गादेस्की ने पोलैंड के महाधर्माध्यक्ष स्तानिसलॉस गादेस्की ने 

धर्मसभा की सफलता हेतु प्रार्थना

पोलैंड के महाधर्माध्यक्ष स्तानिसलॉस गादेस्की ने धर्मसभा की सफलता हेतु ख्रीस्तयाग अर्पित किया।

दिलीप संजय एक्का-वाटिकन सिटी

पोलैंड के महाधर्माध्यक्ष स्तानिसलॉस गादेस्की ने 15वीं धर्माध्यक्षीय धर्मसभा की सफलता हेतु संत पापा जोन पौल द्वितीय की कब्रगाह में ख्रीस्तीयाग अर्पित किया।  

उन्होंने ख्रीस्तयाग के दौरान अपने प्रवचन में कहा कि आधुनिक दुनिया सभी निष्पक्षता, स्थिरता, मानकीकरण और सामान्यता को अस्वीकार करती है। सिद्धांतों को निर्देशित करना वर्तमान दुनिया में लोकप्रिय नहीं है।

मानव का भय

महाधर्माध्यक्ष गादेस्की ने संत पापा जोन पौल द्वितीय की शिक्षा को उद्धृत करते हुए कहा, “आधुनिक समय में व्यक्ति स्वयं अपने द्वारा बनाई गई वस्तुओं और अपनी बुद्धि से भयभीत है। उन्होंने इस बात पर जोर देते हुए कहा कि मानव की कलाकृति स्वयं मानव के विरूद्ध हो जाती है, वह उसे आतंरिक रुप से और उसके चारों ओर की चीजों को प्रभावित करती है।

मानव समाज में सिद्धांत कमजोर

“वर्तमान समय में वैज्ञानिक औऱ तकनीकी विकास के बावजूद मानव अपने को सिद्धांतों में कमजोर पाता है। हम अपने में कई मार्गों की खो करते और उन पर चलते हैं किन्तु हमारे जीवन की राह में दिशा निर्देशित करने वाली निशानियों की कमी है।” उन्होंने कहा कि आज मानव अपने जीवन में निष्पक्षता, स्थिरता, मानकीकरण और सामान्यता का तिरस्कार करता है। आज दुनिया में सिद्धांत अपने में विख्यात नहीं है जो कि विश्वास और तर्क में उत्पन्न हुए संकट को दिखलाता है। मनुष्य की पहचान आज नियमों और सिद्धांतों में नहीं रह गई है वरन यह मानवीय स्वतंत्रता का रुप ले चुकी है जो दूसरों के हानि पहुंचता है।

वर्तमान समय में हम सत्य का आदर होता हुआ नहीं पाते हैं विशेषकर कलीसियाई जीवन के संदर्भ में क्योंकि यह दुनिया की रीति से प्रभावित है। वर्तमान धर्मसभा हमें विश्व के युवाओं के लिए प्रार्थना करने हेतु निमंत्रण देता है।

05 October 2018, 16:42