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नमिबिया के धर्माध्यक्ष विलियम नमिबिया के धर्माध्यक्ष विलियम 

महिलाओं एवं युवाओं को सशक्त करने की आवश्यकता

नमिबिया स्थित कीतमानशूप के धर्माध्यक्ष विलियम ख्रीस्तयन युवाओं पर चल रहे सिनॉड में भाग लेने वाले सबसे कम उम्र के धर्माध्यक्ष हैं। उन्होंने सिनॉड के केंद्र में सबसे आवश्यक मुद्दों पर पत्रकारों से बातें कीं।

उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी

धर्मप्रांत का नेतृत्व करने के लिए धर्माध्यक्ष विल्लियम की नियुक्ति फरवरी में हुई है। इसके पूर्व वे धर्मप्रांत में एक प्रशासक एवं नमिबिया में परमधर्मपीठीय मिशन सोसाईटी के राष्ट्रीय निदेशक के रूप में अपनी सेवा दे रहे थे।

उन्होंने धर्मप्रांत में युवाओं की स्थिति से अवगत कराते हुए कहा, "इस समय देश में, कई युवा हैं जो कलीसिया के जीवन में सचमुच भाग लेने के रास्ते एवं उपायों की खोज कर रहे हैं और यदि हम उन चीजों को उपलब्ध न करायें तो वे इसे छोड़कर अन्य कलीसियाओं में शामिल हो जायेंगे, खासकर, पेंतेकोस्तल कलीसिया में।

धर्माध्यक्ष ख्रीस्तयन सिनॉड के तीसरे भाग में सहभागी होने के लिए आये थे जिसमें उन्होंने बतलाया कि उसमें पवित्रता के लिए बुलाहट पर विचार-विमर्श किया गया क्योंकि युवा तकनीकि क्रांति एवं अन्य सभी चीजों के बावजूद अपने जीवन में इसी की खोज कर रहे हैं। वे पूर्ण विश्वास के साथ कह सकते हैं कि युवा अपने जीवन को सार्थक बनाने के रास्ते की खोज कर रहे हैं।

सुनने की आवश्यकता

उन्होंने कहा, "सिनॉड के दौरान मैंने पाया कि कलीसिया में युवाओं को सुने जाने की कमी है। अतः सिनॉड का एक बड़ा हिस्सा सुनने के लिए रखा गया है।" उन्होंने कहा कि जब युवा हमारे पास आकर अपने जीवन के बारे बात करना चाहते हैं तब हम बहुधा उन्हें सुनने के लिए समय नहीं दे पाते हैं। हम अधिकतर व्यस्त रहते हैं।"

जागने का आह्वान

धर्माध्यक्ष ने कहा, यह मेरे लिए जागने का आह्वान था ताकि उस गंभीर समस्या का सामना किया जा सके। व्यस्त रहते हुए भी युवाओं के लिए समय निकाल जा सके।"  

युवाओं को सशक्त करना

धर्माध्यक्ष ख्रीस्तयन ने बतलाया कि वे अपने साथ एक संदेश लेकर जा रहे हैं और वह संदेश है, "हमारी कलीसिया में युवा बहुत महत्वपूर्ण हैं। वे कलीसिया के आवश्यक अंग हैं। यह सबसे बड़ी भूल है कि हम जो कुछ भी करते हैं उसमें हमने उन्हें निर्णय लेने एवं नेतृत्व करने का अवसर नहीं दिया है।"

11 October 2018, 16:00