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युवाओं को सम्बोधित करते संत पापा युवाओं को सम्बोधित करते संत पापा  (AFP or licensors)

कलीसिया किस तरह डिजिटल दुनिया का हिस्सा बन सकती है

कलीसिया किस तरह डिजिटल दुनिया का हिस्सा बन सकती है। सिनॉड की प्रेस ब्रीफिंग में पत्रकारों को बतलाया गया कि धर्माध्यक्षीय धर्मसभा में 17 अक्टूबर को इसी विषय पर खास चर्चा हुई। कहा गया कि इसके लिए "डिजिटल मिशनरियों" की आवश्यकता है।

उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी

17 अक्टूबर के प्रेस ब्रीफिंग में ब्रादर अलोइस, तेज़े समुदाय के संरक्षक मुख्य अतिथि थे। उनके साथ फादर मौरो जोर्जो जुसेपे लेपोरी जो चिस्तेरचेंसे के मुख्य मठाधीश हैं, मोनसिन्योर डेविड बारतिमाज तेनचर ओ. एफ. एम. आईलैंड के धर्माध्यक्ष और पास्टर मार्को फोरनेरोने, सुधार कलीसियाओं के विश्व समुदाय के प्रतिनिधि प्रेस ब्रीफिंग के मुख्य प्रवक्ता थे।

वाटिकन संचार विभाग के अध्यक्ष डॉ. पाओलो रूफिनी ने ब्रीफिंग की शुरूआत सिनॉड में चर्चा किये गये विभिन्न मुद्दों की सूची बतलाते हुए की। उन्होंने कहा कि विभिन्न देशों में आंतरिक एवं बाह्य विस्थापन बहस का एक गर्मागर्म मुद्दा था। उन्होंने बतलाया कि धर्मसभा में युवा, राजनीति में भ्रष्टाचार के लिए नकारात्मक प्रतिक्रया व्यक्त कर रहे थे। युवा चाहते हैं कि कलीसिया एक उत्कृष्ट स्थल बने। अन्य मुद्दों में अंतःकरण, सच्चाई और दया, काथलिक स्कूलों एवं विश्वविद्यालयों में शिक्षा तथा ड्रग एवं नशीली पदार्थों का सेवन युवाओं को अपराध की ओर खींचता है आदि मुद्दों पर बातें हुईं। 

डिजिटल दुनिया

डॉ. रूफिनी ने कहा कि युवाओं की प्रेरिताई में संलग्न मुद्दों में डिजिटल दुनिया पर भी प्रकाश डाला गया। सिनॉड ने चिंतन किया कि जहाँ युवाओं की उपस्थिति  है कलीसिया वहाँ किस तरह सामाजिक संचार में सक्रिय हो सकती है। उन्होंने कहा कि कलीसिया डिजिटल दुनिया में आधिकारिक एवं गंभीर तरीकों से सक्रिय होना चाहती है। कलीसिया किस तरह डिजिटल मिशनरियों का निर्माण कर सकती है तथा डिजिटल दुनिया में किस तरह लोगों को पा सकती है जो स्वतंत्रता एवं जिम्मेदारी के पक्षपाती हैं। उन्होंने कहा कि कलीसिया अधिक संरचित तरीके से डिजिटल दुनिया का हिस्सा बनना चाहती है। 

धर्माध्यक्ष तेनचर ने कहा कि डिजिटल दुनिया की ओर कलीसिया का बहुत सकारात्मक दृष्टिकोण है। सभा में बार-बार दोहराया गया कि कम्प्युटर अथवा फोन अपने आप में अच्छा अथवा बुरा नहीं है यह तटस्थ है। डिजिटल दुनिया के बिना वे आइसलैंड में खो जायेंगे। धर्माध्यक्ष ने जानकारी दी कि उन्होंने किस तरह स्काईप के द्वारा धर्मशिक्षा का आयोजन किया था। उन्होंने बतलाया कि वे कम्प्युटर के सामने बैठे तथा बच्चों से सम्पर्क किया और बहुत ही स्वभाविक तरीके से बातें कीं। उन्होंने उन्हें बाईबिल को अपने फोन पर डाउनलॉड करने की सलाह दी। इस तरह बच्चे बाईबिल के शब्दों को तुरन्त पा सकते हैं। उन्होंने कहा कि यह उनके लिए विनाशक नहीं बल्कि सकारात्मक विकास का माध्यम बना। डिजिटल दुनिया कलीसिया को आगे ले रही है और यह अच्छा है।

सुनना एवं मन-परिवर्तन

ब्रादर अलोइस ने कहा कि मन-परिवर्तन का जिक्र धर्म सभा में कई बार किया गया। उन्होंने कहा कि वे मानसिकता में परिवर्तन महसूस कर रहे हैं। सिनॉड के कई धर्माचार्य युवाओं के करीब रहना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि यह कलीसिया की संरचना में परिवर्तन लायेगा। मित्रता एक आवर्ती शब्द है। वे इस शब्द का अधिक गहराई से ईशशास्त्रीय अर्थ पाना चाहते हैं, येसु को मित्र के रूप में अधिक गहराई से चिंतन करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि युवा सुना जाना चाहते हैं किन्तु कई बार वे कलीसिया का द्वार सुनने के लिए खुला नहीं पाते। उनका कहना था कि एकता एवं एकात्मता के द्वारा मित्रता को बढ़ाया जाना चाहिए। ब्रादर ने बतलाया कि तेज़े में सुनना मूल कार्य है, उसी तरह समस्त कलीसिया को भी कोई रास्ता खोजना चाहिए जिसके द्वारा युवाओं को खुले अभिव्यक्ति का अवसर दिया जा सके।  

ब्रादर ने ख्रीस्तीय एकतावर्धक वार्ता को महत्वपूर्ण कहा तथा बतलाया कि सभा में ख्रीस्तीय एकतावर्धक वार्ता की ओर से अधिक प्रतिभागी नहीं थे। उन्होंने कहा कि अधिक प्रतिनिधियों को भाग लेने की आवश्यकता थी। यह देखना मनोहर था कि ख्रीस्तीय एकता पर सम्मिलित कोशिश की गयी थी किन्तु यह दुःखद है कि सिनॉड में इस पर अधिक जिक्र नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि इसकी आवश्यकता है और युवा इसकी खोज कर रहे हैं ताकि एक-दूसरे के साथ आदान-प्रदान कर सकें। ब्रादर ने कहा कि कलीसिया युवाओं के लिए प्रार्थना सभा का आयोजन न करे बल्कि उनके साथ प्रार्थना करे। 

सिनॉड एक निर्माण स्थल 

फादर लेपोरी ने कहा कि सिनॉड एक निर्माण स्थल की तरह है। आप इसमें वैचारिक प्रणाली नहीं पा सकते, इसका हर चीज ठोस है किन्तु हमें जमीन से शुरू करना तथा पूरे नये मकान का निर्माण करना होगा।

धर्माध्यक्ष तेनचर ने कहा कि सिनॉड को बड़ी सफलता मिली है जिसने उन्हें बहुत प्रभावित किया, क्योंकि इसकी अच्छी तैयारी तरह की गयी थी। पूरी दुनिया से जानकारियाँ एकत्रित की गयी थीं। उन्होंने महसूस किया कि बहस बिल्कुल सकारात्मक थी तथा आशा की जा रही है कि यह सिनॉड, कलीसिया को आगे ले जाने में आवश्य मददगार होगा।

 

18 October 2018, 16:24