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संयुक्त राष्ट्र संघ में परमधर्मपीठ के स्थायी पर्यवेक्षक महाधर्माध्यक्ष आऊज़ा संयुक्त राष्ट्र संघ में परमधर्मपीठ के स्थायी पर्यवेक्षक महाधर्माध्यक्ष आऊज़ा 

शांति, साक्षात्कार, करुणा की संस्कृति को प्रोत्साहन

महाधर्माध्यक्ष आऊज़ा ने कहा कि आज विभिन्न देशों के अन्दर तथा देशों के बीच विद्यमान सशस्त्र संघर्ष, आतंकवाद, चरमपंथी विचारधाराएँ, मानवाधिकारों का अतिक्रमण, मानव शोषण तथा पर्यावरण का ह्रास सन्त पापा फ्राँसिस की चेतावनी का स्मरण कराता है जिनके अनुसार, "आज टुकड़ों-टुकड़ों में विश्व युद्ध जारी है।"

जूलयट जेनेवीव क्रिस्टफर-वाटिकन सिटी

न्यूयॉर्क, शुक्रवार, 7 सितम्बर 2018 (रेई, वाटिकन रेडियो): संयुक्त राष्ट्र संघ में परमधर्मपीठ के स्थायी पर्यवेक्षक एवं वाटिकन के प्रतिनिधि महाधर्माध्यक्ष बेरनार्दीतो आऊज़ा ने शांति की संस्कृति विषय पर संयुक्त राष्ट्र संघ के एक उच्च स्तरीय मंच को सम्बोधित किया.  

विभिन्न राष्ट्रों के प्रतिनिधियों को गुरुवार को सम्बोधित कर उन्होंने कहा, "हिंसा के दुष्चक्र, चरमपंथी विचारधारा, अधिकारों के उल्लंघन और पर्यावरण के विनाश को केवल मानव गरिमा की रक्षा तथा शांति, साक्षात्कार एवं करुणा की संस्कृति को बढ़ावा देकर ही पराजित किया जा सकता है ".

शांति की संस्कृति

महाधर्माध्यक्ष आऊज़ा ने कहा कि आज विभिन्न देशों के अन्दर तथा देशों के बीच विद्यमान सशस्त्र संघर्ष, आतंकवाद, चरमपंथी विचारधाराएँ, मानवाधिकारों का अतिक्रमण, मानव शोषण तथा पर्यावरण का ह्रास सन्त पापा फ्राँसिस की चेतावनी का स्मरण कराता है जिनके अनुसार, "आज टुकड़ों-टुकड़ों में विश्व युद्ध जारी है. "उन्होंने कहा, यह" हिंसा का दुष्चक्र "है जिसे केवल शांति एवं प्रत्येक की मानव गरिमा को प्रोत्साहन देकर ही किया जा सकता है.

करुणा

महाधर्माध्यक्ष आऊज़ा ने कहा कि सन्त पापा फ्राँसिस दुर्बल परिस्थितियों में जीवन यापन करनेवाले जैसे शरणार्थियों एवं आप्रवासियों के प्रति करुणा का आह्वान करते हैं क्योंकि ये लोग क्षुधा, युद्ध, भेदभाव, उत्पीड़न, निर्धनता तथा पर्यावरण के ह्रास की वजह से अपने घरों का पलायन करने के लिये मजबूर होते हैं. इन लोगों के प्रति, उन्होंने कहा, दया एवं एकात्मता का प्रदर्शन करना ही शांति और सुरक्षा की संस्कृति को बढ़ावा देना है.  

संत तेरेसा

सितम्बर पाँच को मदर तेरेसा के पर्व एवं उनकी पुण्य तिथि का स्मरण दिलाते हुए महाधर्माध्यक्ष आऊज़ा ने कहा कि मदर ने संयुक्त राष्ट्र संघ के भाव को आत्मसात कर लिया था. उन्होंने इस तथ्य की ओर ध्यान आकर्षित कराया कि 26 अक्टूबर 1985 को, संयुक्त राष्ट्र संघ में मदर तेरेसा के भाषण से पूर्व, तत्कालीन राष्ट्र संघीय महासचिव हावियर पेरेज़ दे सुएलार ने उनका परिचय केवल यह कहकर दिया था कि "वे ही राष्ट्र संघ हैं. वे ही इस विश्व में शांति हैं. "

07 September 2018, 11:12