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संत पापा फ्राँसिस संत पापा फ्राँसिस   (AFP or licensors)

देवदूत प्रार्थना : हम जितना देते हैं उसे ईश्वर चमत्कार करते हैं

संत पापा फ्रांसिस ने रविवार को देवदूत प्रार्थना में रोटी और मछली के चमत्कार पर चिंतन किया।

उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, रविवार, 25 जुलाई 2021 (रेई)- वाटिकन स्थित संत पेत्रुस महागिरजाघर के प्राँगण में उपस्थित विश्वासियों के साथ संत पापा फ्राँसिस ने प्रेरितिक प्रासाद की खिड़की से देवदूत प्रार्थना का पाठ किया। देवदूत प्रार्थना के पूर्व उन्होंने विश्वासियों को सम्बोधित कर कहा, "प्रिय भाइयो एवं बहनो, सुप्रभात।"

इस रविवार की धर्मविधि का सुसमाचार पाठ रोटियों एवं मछलियों के प्रसिद्ध चमत्कार का वर्णन करता है जिसके द्वारा येसु पाँच हजार लोगों को खिलाते हैं जो उन्हें सुनने आये थे।(यो. 6:1-15) यह देखना दिलचस्प है कि यह चमत्कार किस तरह घटित होता है : येसु कुछ नहीं से रोटी और मछली नहीं बनाते, बल्कि इसकी शुरूआत शिष्य जो लाते हैं उससे होती है। उनमें से एक कहता है, "यहाँ एक लड़के के पास जौ की पाँच रोटियाँ और दो मछलियाँ हैं। पर यह इतने लोगों को लिए क्या है?" (9)

संत पापा ने कहा, "यह थोड़ा है, यह कुछ नहीं के बराबर है लेकिन येसु के लिए पर्याप्त है।" आइये, हम अपने आपको उस लड़के के स्थान में रखें। उसके पास खाने के लिए जो कुछ था शिष्यों ने उसे बांटने के लिए कहा। यह एक मूर्खतापूर्ण, बल्कि अन्यायपूर्ण प्रस्ताव के समान लगता है। क्यों एक व्यक्ति को या लड़के को खाने से वंचित करना जिसको उसने अपने घर से लाया है और जिसको उसे अपने लिए रखने का अधिकार है? क्यों उस चीज को किसी से ले लेना, जो सभी को खिलाने के लिए पर्याप्त न हो?

येसु छोटी, मुफ्त चीजों से महान कार्य करते हैं

संत पापा ने कहा, "मानवीय रूप से यह तर्कहीन है किन्तु ईश्वर के लिए नहीं। उस मुक्त और साहसी दान से येसु सभी लोगों को तृप्त कर सकते हैं। यह हमारे लिए एक महान शिक्षा है। यह बतलाता है कि प्रभु उस थोड़े से जिसको हम उनके लिए देते हैं महान काम कर सकते हैं। हमें प्रतिदिन अपने आपसे पूछना है: "आज मैंने प्रभु के लिए क्या लाया है?" वे हमारी प्रार्थना से, दूसरों की भलाई से और हमारी दयनीय स्थिति में, अपनी दया प्रकट कर बहुत कुछ कर सकते हैं। हमारे छोटेपन में येसु चमत्कार करते हैं। ईश्वर ऐसा करना पसंद करते हैं : वे छोटी, मुफ्त चीजों से शुरू कर महान काम करते हैं।

संत पापा ने बाईबिल से उदाहरण देते हुए कहा, "बाईबिल के सभी महानायक – अब्राहम से मरियम एवं आज इस लड़के ने छोटेपन और दान के तर्क को दिखलाया है। दान करने का हमारा तर्क बहुत अलग है। हम अपने पास जो है उसे जमा करना और बढ़ाना चाहते हैं जबकि येसु हमें देने, घटाने के लिए कहते हैं। हम जोड़ना, बढ़ाना पसंद करते हैं ; येसु घटाना पसंद करते हैं, लेना चाहते हैं ताकि दूसरों को दिया जा सके। हम अपने लिए दो गुणा करना चाहते हैं; जबकि येसु सराहना करते हैं जब हम दूसरों के लिए बांटते हैं। यह अजीब है कि सुसमाचार के रोटियों के चमत्कार में "बढ़ाना" क्रिया कहीं दिखाई नहीं पड़ता। निश्चय ही ऐसे शब्द प्रयोग किये गये हैं जिनका प्रयोग विपरीत चिन्ह के लिए किया जाता है : तोड़ना, देना, बांटना आदि। (पद. 11; मती. 14,19; मार. 6,41; लुक. 9,16)

येसु का सच्चा चमत्कार

संत पापा ने कहा कि येसु जो सच्चा चमत्कार करते हैं वह बढ़ाने का नहीं है जो घमंड और अधिकार उत्पन्न करता बल्कि तोड़ने और बांटने का है जो प्रेम बढ़ाता एवं ईश्वर को चमत्कार करने देता है। आइये हम अधिक बांटने की कोशिश करें : इस रास्ते पर चलने का प्रयास करें जिसको येसु ने सिखलाया है।

आज भी चीज-वस्तुओं की वृद्धि से समस्याओं का समाधान नहीं होता बल्कि उसे उचित रूप में बांटने से होता है। हम भूखमरी की याद करते हैं जो खासकर, बच्चों को प्रभावित करता है। आधिकारिक अनुमान के अनुसार, पाँच साल से कम उम्र के विश्वभर के करीब 7 हजार बच्चे हर दिन कुपोषण के कारण मर रहे हैं क्योंकि उनके पास आवश्यक भोजन नहीं है। इस प्रकार के ठोकर के सामने येसु सुसमाचार के उस लड़के की तरह, जिसके स्थान में हम अपने आपको देख सकते हैं, हमें भी निमंत्रण दे रहे हैं, डरो मत, अपने पास जो थोड़ा है, अपनी क्षमता और अपनी चीजें उन्हें येसु और अपने भाइयों के लिए अर्पित करें। नहीं डरें क्योंकि कुछ भी नहीं खोयेगा। यदि आप बांटेंगे ईश्वर उसे बढ़ायेंगे। असमर्थ होने की झूठी विनम्रता को दूर करें, अपने आपको दें। प्रेम पर विश्वास करें, सेवा की शक्ति पर विश्वास करें, मुक्त रूप से देने पर विश्वास करें।

कुँवारी मरियम से प्रार्थना

संत पापा ने माता मरियम से प्रार्थना करने का आह्वान करते हुए कहा, "कुँवारी मरियम जिन्होंने ईश्वर के प्रस्ताव का उत्तर "हाँ" में दिया, हमें प्रभु के बुलावे एवं दूसरों की आवश्यकता के लिए अपना हृदय खोलने में मदद दे।  

इतना कहने के बाद संत पापा ने भक्त समुदाय के साथ देवदूत प्रार्थना का पाठ किया तथा सभी को अपना प्रेरितिक आशीर्वाद दिया।

देवदूत प्रार्थना में संत पापा का संदेश

 

25 July 2021, 12:48