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इराक में संत पापा की प्रेरितिक यात्रा इराक में संत पापा की प्रेरितिक यात्रा 

इराक में संत पापा की प्रेरितिक यात्रा पर वर्चुवल सम्मेलन

संत पापा फ्राँसिस की इराक में ऐतिहासिक प्रेरितिक यात्रा के प्रभाव पर एक वर्चुवल सम्मेलन में इराक के खलदेई प्राधिधर्माध्यक्ष लुईस रफाएल साको ने अपना वक्तव्य पेश किया।

उषा मनोरमा तिरकी-वाटकिन सिटी

इराक, बृहस्पतिवार, 3 जून 2021 (वीएनएस)- सम्मेलन का आयोजन मानव बंधुत्व के लिए उच्च समिति के द्वारा किया गया था।

वेबिनार का शीर्षक है, "मानव बंधुत्व का एक अवसर ˸ इराक में संत पापा की ऐतिहासिक यात्रा का प्रभाव।"

सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए प्राधिधर्माध्यक्ष ने उम्मीद जतायी कि इराक यात्रा के दौरान मुलाकातों एवं भाषणों में संत पापा फ्राँसिस ने जिस ओर इशारा किया, उस दर्शन एवं कार्य योजना को लागू करने की ओर आगे बढ़ पायेंगे।

इराक में संत पापा की प्रेरितिक यात्रा 5-8 मार्च 2021 को सम्पन्न हुई जो संघर्षों, युद्धों और कोरोना महामारी के प्रभावों के बीच सम्पन्न हुई। वहाँ संत पापा के संदेश का एक ही सार था, "हम सभी भाई-भाई हैं, हमारी पृथकताओं के बावजूद हम एक दूसरे की विविधताओं का सम्मान करते एवं एक बेहतर समाज के निर्माण में हाथ बढ़ाते हैं। संत पापा ने जोर दिया था कि शांति, स्थिरता, स्वतंत्रता और हरेक व्यक्ति की प्रतिष्ठा को प्राप्त करने का एकमात्र रास्ता है सहअस्तित्व, जिसके लिए हथियारों को रोकना होगा।

संत पापा की यात्रा के करीब 2 माह बाद प्राधिधर्माध्यक्ष ने तीन सुझाव बतलाये जो इराक में संत पापा के संदेश को ठोस रूप में स्वीकार करने एवं अबूधाबी में मानव बंधुत्व पर दस्तावेज में हस्ताक्षर एवं शिया मुसलमानों के प्रमुख अयातोल्लाह अली अल सिसानी के बयान (हम आपके अंग हैं और आप हमारे अंग हैं) के अनुकूल हो सकता है -  

याजकों की भूमिका

याजकों की मुख्य भूमिका है लोगों को मार्गदर्शन देना जिसे अनदेखा नहीं किया जा सकता। प्राधिधर्माध्यक्ष ने कहा कि धार्मिक प्रवचनों का नवीनीकरण आवश्यक है ताकि वह वर्तमान की धार्मिक एवं राष्ट्रीय विविधता एवं हमारे धर्मों में बहुलता के अनुकूल हो सके। इससे हमें पुरानी "विरासत में मिली सामग्री" से छुटकारा पाने में मदद मिलेगी जिससे क्षेत्र एवं दुनिया में शांति और स्थिरता लाने हेतु धर्मों को समझ के सेतु बनने, आपसी सम्मान के स्रोत और मेल-मिलाप करने में मदद मिल सकती है।

शिक्षा की भूमिका

एक साझा एकीकृत पाठ्यक्रम तैयार करने की तत्काल आवश्यकता है जो क्षेत्र में विभिन्न धर्मों के लिए एक उपयुक्त "संक्षिप्त लेकिन निष्पक्ष" परिचय प्रदान करता है, विशेष रूप से, ख्रीस्तीय और इस्लाम धर्मों की  बुनियादी बातें, जो समानता, आध्यात्मिकता और शिक्षा पर आधारित धर्मों के नैतिक मूल्य, अनुष्ठान के उदाहरण प्रस्तुत करते हैं। ऐसी शिक्षा विविधता एवं बहुलतावाद को स्वीकार करती है और नागरिकों के बीच एकात्मता एवं सहयोग को मजबूत संबंध स्थापित करने में मदद देती हैं।

राजनीति नेताओं की भूमिका

यह समय राजनीतिज्ञों की मानसिकता एवं दर्शन को विस्तृत करने का है। उन्हें देश के प्रति अपनी निष्ठा एवं नागरिकों की सेवा हेतु प्रतिबद्धता को भी नवीकृत करना है। उन्हें एक नेक संदेश देना है जिसके लिए नागरिक बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने कहा, "मैं उम्मीद करता हूँ कि धर्म और राजनीति के बीच फर्क स्पष्ट हो पायेगा और एक नागरिक राज्य बनेगा जो अपने सभी नागरिकों से समानता का व्यवहार करेगा।

03 June 2021, 16:35