जूलयट जेनेवीव क्रिस्टफर-वाटिकन सिटी
काराकोश, रविवार, 7 मार्च 2021 (रेई, वाटिकन रेडियो): ईराक में तीन दिवसीय प्रेरितिक यात्रा समाप्त करने से पूर्व काथलिक कलीसिया के परमधर्मगुरु सन्त पापा फ्रांसिस ने मोसुल शहर से काराकोश के लिये प्रस्थान किया। काराकोश में निष्कलंक माँ मरियम को समर्पित गिरजाघर में उन्होंने काराकोश के काथलिक समुदाय की भेंट की तथा उन्हें अपना आशीर्वाद प्रदान किया।
काराकोश स्थित निष्कलंक मां मरियम को समर्पित गिरजाघर को भी आईएस के आतंकवादियों ने आग के हवाले कर ध्वस्त कर दिया था। इसी गिरजाघर के खण्डहर में रविवार मध्यान्ह सन्त पापा ने उत्पीड़ित काथलिकों के साक्ष्यों को सुना तथा उनके साथ मिलकर देवदूत प्रार्थना का पाठ किया।
आईएस की क्रूरता
आईएस के क्रूर शासन के ईराक के ख्रीस्तीय समुदाय पर गम्भीर प्रभाव पड़े थे। आतंकवादियों ने उनके समक्ष इस्लाम धर्म अपनाने, मौत अथवा ग़ैर-मुसलमान होने के नाते विशिष्ट कर भुगतान करने की शर्त रखी थी। इन चुनौतियों के समक्ष हज़ारों ख्रीस्तीय अपने घरों एवं गिरजाघरों का परित्याग कर अन्यत्र पलायन के लिये बाध्य हुए थे।
ख्रीस्तीय धरोहर नष्ट
2003 से शुरु हुए युद्ध और उत्पीड़न के परिणामस्वरूप ईराक की लगभग 2000 वर्ष प्राचीन ख्रीस्तीय धरोहर नष्ट हो गई है तथा ईराकी ख्रीस्तीयों की संख्या 15 लाख से घटकर मात्र तीन लाख रह गई है। ईराक के इन्हीं ख्रीस्तीयों में आशा की किरण जगाना सन्त पापा फ्राँसिस की ईराकी प्रेरितिक यात्रा का उद्देश्य था। शनिवार को बगदाद के खलदैई काथलिकों के सन्त जोसफ महागिरजाघर में उन्होंने ईराक के ख्रीस्तीयों से कहा कि ईश्वर की दृष्टि में वे अनमोल हैं, इसलिये कि ईराकी ख्रीस्तीयों ने अपने दैनिक जीवन में प्रभु ख्रीस्त के आशीर्वचनों को आत्मसात किया है।
