उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी
वाटिकन सिटी, मंगलवार, 9 मार्च 2021 (रेई)- एक साल पहले, कोरोना वायरस महामारी ने दुनिया को अचानक अपनी ओर आकर्षित कर लिया था, जिसके प्रसार को रोकने के लिए धार्मिक क्रिया-कलापों पर प्रतिबंध एवं राष्ट्रीय स्तर पर लॉकडाऊन लागू हो गया था।
यूरोप में इटली सबसे पहले वायरस से प्रभावित हुआ, उसके बाद दूसरे देश भी प्रभावित होने लगे। रोम और पूरे वाटिकन में जीवन बिलकुल ठहर सा गया था। भय और घबराहट के इस समय में लोगों तक पहुँचना मुश्किल था, अतः संत पापा ने प्रार्थना और विश्वास के माध्यम से लोगों तक पहुँचने एवं उन्हें सांत्वना देने का रास्ता निकाला।
9 मार्च 2020 से संत मर्था के प्रार्थनालय में प्रातः 7.00 बजे अर्पित, संत पापा के मिस्सा को लाईव प्रसारित किया जाने लगा। इस तरह यह मिस्सा एक सार्वजनिक समारोह बन गया जो विश्वभर के विश्वासियों के लिए दैनिक कार्यक्रम हो गया था, यहाँ तक कि चीन के विश्वासियों ने भी संत पापा के इस ख्रीस्तयाग में आध्यात्मिक रूप से भाग लिया।
लाईव प्रसारण के माध्यम से ख्रीस्तयाग अर्पित करते हुए 9 मार्च 2020 को संत पापा ने ऐसा करने का अपना मकसद बतलाया, "इन दिनों में, मैं कोरोना वायरस महामारी से पीड़ित लोगों, डॉक्टरों, नर्सों, स्वयंसेवकों जो बहुत अधिक मदद करते हैं, परिवार के सदस्यों, बुजूर्गों जो नर्सिंग होम में हैं और जो कैदखानों में बंद हैं उनके लिए प्रार्थना करूँगा। आइये हम इस सप्ताह एक साथ प्रार्थना करें, यह तीर विन्ती प्रभु को अर्पित करें, "हे प्रभु, मुझे बचा और मेरे ऊपर दया कर। मेरे पाँव सही रास्ते पर रहें। सभा में मैं प्रभु को धन्य कहूँगा।"
संत पापा ने कहा, "तीर विन्ती वह है जो उनके आवास से उठकर सांत्वना, चंगाई और स्वास्थ्य एवं संकट से उबरने के लिए दुनियाभर की प्रार्थनाओं के साथ मिलती है।"
इस तरह हरेक दिन संत पापा ने विभिन्न दलों और विभिनन समस्याओं के लिए प्रार्थना की।
विश्वभर के लोगों ने संत पापा के ख्रीस्तयाग में लाईव प्रसारण के माध्यम से आध्यात्मिक रूप से भाग लिया किन्तु संत पापा अप्रैल माह में अपने उपदेश में कहा कि व्यक्तिगत रूप से ख्रीस्तयाग में भाग लेना आवश्यक है। "कलीसिया इस समय मुश्किल दौर से गुजर रही है जिसको प्रभु ने अनुमति दी है किन्तु कलीसिया हमेशा विश्वासियों एवं संस्कार के साथ रहती है।"
संत पापा के ख्रीस्तयाग का लाईव प्रसारण को मई के मध्य में समाप्त किया गया जब इटली में महामारी की स्थिति में बदलाव आयी।
