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शोकित माता मरियम के संत गाब्रिएल शोकित माता मरियम के संत गाब्रिएल  

युवाओं के आदर्श संत गाब्रिएल, जयन्ती वर्ष पर पोप का संदेश

शोकित माता मरियम के संत गाब्रिएल की शतवर्षीय जयन्ती के उद्घाटन के अवसर पर 27 फरवरी को संत पापा फ्राँसिस ने एक पत्र भेजकर जयन्ती मनानेवाले विश्वासियों को संत गाब्रिएल के आदर्शों को अपनाने हेतु प्रेरित किया।

उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, शनिवार, 27 फरवरी 2021 (रेई)- संत पापा फ्रांसिस ने शोकित माता मरियम के संत गाब्रिएल की जयन्ती वर्ष के उद्घाटन पर एक संदेश भेजा।

संत गाब्रिएल कलीसिया के आदर्श

संत पापा ने संदेश में लिखा, "एक सौ साल बीत चुके हैं, जब मेरे पूर्वाधिकारी संत पापा बेनेडिक्ट 15वें ने शोकित माता मरियम के संत गाब्रिएल को संत घोषित किया था, जिनकी मृत्यु 27 फरवरी 1862 को 24 साल की उम्र में हुई थी। यह अवसर याद दिलाता है कि उनका ख्रीस्तीय साक्ष्य इतना असाधारण और विलक्षण था कि उन्हें पूरी कलीसिया का आदर्श माना गया, खासकर, नई पीढ़ी के लिए।"  

इस अवसर पर शुभकामनाएँ देते हुए संत पापा ने कहा, "इस महत्वपूर्ण वर्षगाँठ की याद में, मैं अब्रूत्सो और मोलिसे के इस धर्मप्रांत, पस्सियोनिस्ट पुरोहितों एवं ख्रीस्तीय समुदाय तथा साथ ही साथ उन सभी से आध्यात्मिक रूप से जुड़ना चाहता हूँ, जो जुबिली के उद्घाटन पर, युवाओं के संरक्षक संत को समर्पित तीर्थालय के पवित्र द्वार खोलेंगे। मैं उम्मीद करता हूँ कि जयन्ती मनाने की योजना महान संत का दर्शन करने वाले सभी लोगों में स्नेह और भक्ति बढ़ायेगा, जो सुसमाचार के आदर्श साक्षी का एवं ईश्वर के मध्यस्थ हैं।"

उदारता एवं उत्साह के उदाहरण

संत पापा ने संत गाब्रिएल के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा, "गाब्रिएल अपने समय में एक सक्रिय और उत्साही युवक थे, वे पूर्णता की चाह से प्रेरित थे जिसने उन्हें दुनियावी और क्षणभंगुर चीजों से परे ख्रीस्त में शरण पाने के लिए अग्रसर किया। आज भी वे युवाओं को प्रेरित करते हैं कि वे अपने लिए जीवन एवं पूर्णता की चाह को पहचानें, जिसको वे ईश्वर की खोज, उनके वचनों से प्रोत्साहित और अपने भाइयों एवं बहनों, खासकर, सबसे दुर्बल लोगों की सेवा करने से अलग नहीं कर सकते।"

अपने लघु किन्तु प्रबल जीवन से, उन्होंने ऐसा छाप छोड़ा है जो अत्यन्त प्रभावशाली है। इस युवा धर्मसमाजी पस्सियोनिस्ट का उदाहरण, जो विश्वास में मजबूत, आशा में सुदृढ़ और परोपकार में उत्साही थे, ईश्वर के प्रति प्रेम एवं पड़ोसी के प्रति प्रेम में, समर्पित लोगों एवं लोकधर्मियों की यात्रा का मार्गदर्शन करे।

खासकर, इस स्वास्थ्य आपातकाल तथा आर्थिक एवं सामाजिक परेशानी के समय में यह आवश्यक है कि प्रभु के शिष्य एकता एवं भाईचारा के माध्यम बनें। ख्रीस्त की उदारता दूसरों को दें एवं उसे सामीप्य, कोमलता और समर्पण की ठोस मनोभावना से प्रकट करें।  

अनुग्रहपूर्ण जयन्ती वर्ष  

संत पापा ने इस जयन्ती को मनानेवाले सभी लोगों को आशा प्रदान करते हुए उन्हें अपना प्रेरित आशीर्वाद दिया।

उन्होंने कहा, "जो लोग इस महत्वपूर्ण जयन्ती वर्ष को प्रार्थना एवं उदारता में जीने का प्रोत्साहन देनेवाले विभिन्न प्रयासों में भाग लेंगे। उम्मीद करता हूँ कि वे प्रभु की पुनः खोज कर पायेंगे और भाई-बहनों के चेहरे पर उन्हें देख पायेंगे, उन्हें मैं शुभकामनाएँ एवं आशा प्रदान करता हूँ। इन्हीं भावनाओं के साथ मैं आपसे प्रार्थना का आग्रह करता एवं सहृदय अपना प्रेरितिक आशीर्वाद भेजता हूँ।"

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शोकित माता मरियम के संत गाब्रिएल
27 February 2021, 12:54