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Vatican News
प्रतीकात्मक तस्वीर प्रतीकात्मक तस्वीर  (©4Max - stock.adobe.com)

चालीसा में हमारे भीतर हृदय परिवर्तन प्रभावी हो सके, संत पापा

संत पापा फ्राँसिस ने रविवार को दो ट्वीट कर पोलैंड की संत फौस्तिना को याद किया, साथ ही इस चालीसा काल में हृदय परिवर्तन करने हेतु सभी ख्रीस्तियों को प्रेरित किया।

माग्रेट सुनीता मिंज-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, सोमवार 22 फरवरी 2021 (रेई) : ईश्वरीय करुणा ईश्वर की असीम दया की भक्ति है जिसे नब्बे साल पहले पोलैंड में संत फौस्तिना कोवाल्स्का ने विश्वव्यापी कलीसिया को दिया। रविवार को संत पापा फ्राँसिस ने ट्वीट कर दिव्य करुणा के संदेशवाहक बनने के लिए प्रेरित किया।

1ला ट्वीट

संदेश में संत पापा ने लिखा, ʺआज मेरे विचार पोलैंड के उस तीर्थालय में जाते हैं, जहां नब्बे साल पहले प्रभु येसु ने संत फौस्तिना कोवाल्स्का को ईश्वरीय करुणा का विशेष संदेश सौंपते हुए खुद को प्रकट किया था।ʺ

2रा ट्वीट

काथलिक कलीसिया चालीसा काल के प्रथम सप्ताह में प्रवेश की है। रविवार को संत मारकुस के सुसमाचार पर चिंतन करते हुए संत पापा ने ट्वीट कर ईश वचन को सुनने और आत्मसात करने हेतु प्रेरित किया।

संदेश में उन्होंने लिखा, ʺइस चालीसा काल में पवित्र आत्मा येसु की तरह हमें भी रेगिस्तान में चलाती है (मारकुस 1: 12-15)। यह एक भौतिक स्थान नहीं है, बल्कि एक आध्यत्मिक आयाम है जिसमें हम मौन रह सकते हैं और ईश्वर के वचन को सुन सकते हैं, ताकि हमारे भीतर एक सच्चा हृदय परिवर्तन प्रभावी हो सके।ʺ

22 February 2021, 13:44