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स्पीरितो सान्तो गिरजाघर में उपदेश देते हुए संत पापा स्पीरितो सान्तो गिरजाघर में उपदेश देते हुए संत पापा  (ANSA)

येसु के दयामय प्रेम की आग को संचारित करें, संत पापा

संत पापा ने पोलैंड की संत फौस्तिना कोवाल्स्का को येसु के दर्शन की 90 वीं वर्षगांठ के अवसर पर पोलॉक के धर्माध्यक्ष को पत्र लिखकर बधाई दी। पत्र में संत पापा फ्राँसिस कहते हैं कि हम "येसु के दयामय प्रेम की आग" को संचारित करने के लिए बुलाये गये हैं।

माग्रेट सुनीता मिंज-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, सोमवार 22 फरवरी 2021 (रेई) : संत पापा फ्राँसिस ने पोलॉक के धर्माध्यक्ष पिओट लिबरा को संबोधित करते हुए अपने पत्र में पोलॉक धर्मप्रांत के सभी विश्वासियों को अभिवादन किया। 22 फरवरी, 1931 को प्रभु येसु ने संत फौस्तिना कोवाल्स्का को ईश्वरीय करुणा का विशेष संदेश सौंपते हुए खुद को पहली बार प्रकट किया था।  संत पापा ने इस पहले रहस्योद्घाटन की 90वीं वर्षगांठ के समारोह में आध्यात्मिक रूप से दिव्य करुणा के तीर्थालय में मीडिया के माध्यम से प्रार्थना में भाग लेने वाले सभी लोगों के प्रति अपनी निकटता व्यक्त किया।  

संत पापा ने उन शब्दों को याद किया जिन्हें संत फौस्टिना ने सुना था, "आप जिस छवि को देख रही हैं उसका चित्र बनायें और उसके नीचे लिखें: येसु, मुझे आप पर भरोसा है। मैं चाहता हूँ कि इस छवि की पहले आपके प्रार्थनालय में और फिर दुनिया भर में वंदना की जाए।" (डायरी 47) आज दयालु प्रभु की भक्ति पूरे विश्व में फैल गई है। वे विश्वासियों के दिलों में जीवित है।

‘दया का वरदान मांगें’

इस अवसर पर संत पापा ने संत फौस्तिना की डायरी में लिखे प्रभु के दूसरे शब्दों को भी याद किया, "मानवता को शांति का पता नहीं चलेगा जब तक कि वह मेरी दया के स्रोत की ओर नहीं मुड़ती।" (डायरी 699) संत पापा ने सभी को प्रोत्साहित करते हुए कहा, ʺआइए, इस स्रोत की ओर मुड़ें। हम मसीह से दया का वरदान मांगें। वे हमें अपनी बाहों में ले लें। हम येसु के पास लौटने का साहस करते हैं, संस्कारों में हम उनके प्यार और दया को ग्रहण करें। जब हम उनकी निकटता और कोमलता को महसूस करते हैं तो हम भी दया, धैर्य, क्षमा और प्रेम के लिए अधिक सक्षम होंगे।ʺ

संत पापा ने करुणा के प्रेरित संत पापा जॉन पॉल द्वितीय को भी याद किया जिनकी इच्छा थी कि ईश्वरीय करुणा का संदेश पूरे विश्व में फैल जाये।

2002 में, क्राकोव में दिव्य करुणा तीर्थालय की यात्रा के दौरान, पोलिश संत पापा ने कहा था, "दया की इस आग को दुनिया में संचारित करने की आवश्यकता है। ईश्वर की दया से दुनिया को शांति मिलेगी और मानव जाति को खुशी मिलेगी!”

संत पापा फ्राँसिस ने जोर देकर कहा, "इस रहस्योद्घाटन द्वारा चिह्नित पोलॉक कलीसिया, दया की माता के धर्मबहनों के धर्मसंघ की सिस्टर फौस्टिना के समुदाय के लिए, पोलॉक शहर के लिए और आप में से हर एक के लिए यह एक विशेष चुनौती है। आप येसु के दयामय प्रेम की आग को संचारित करें।" "आप सबके बीच उनकी उपस्थिति का संकेत बनें।"

22 February 2021, 14:18