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12 फरवरी 2019 को वित्तीय विभाग की बैठक 12 फरवरी 2019 को वित्तीय विभाग की बैठक  (Vatican Media)

संत पापा ने परमधर्मपीठ के लिए 2021 का बजट पास किया

संत पापा फ्रांसिस ने बृहस्पतिवार को परमधर्मपीठ के लिए 2021 का बजट पास किया। कोविड-19 महामारी के द्वारा उत्पन्न भारी आर्थिक प्रभाव के बावजूद, संत पापा की प्राथमिकता इस विकट परिस्थिति में यही है कि रोजगार सुरक्षा जारी रहे।

उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, शनिवार, 20 फरवरी 2021 (रेई)- पोप फ्रांसिस ने बृहस्पतिवार शाम को परमधर्मपीठ के लिए 2021 के बजट को हरी झंडी (नूल्ला ऑस्ता) दिखाई, जिसका प्रस्ताव वित्तीय विभाग के सचिवालय ने रखा था और अर्थव्यवस्था के लिए परमधर्मपीठीय समिति ने मंगलवार को मंजूरी दी थी।

इस वर्ष, 260.4 मिलियन यूरो के कुल राजस्व तथा 310.1 मिलियन यूरो के कुल खर्च के साथ परमधर्मपीठ 49.7 मिलियन यूरो के घाटे की उम्मीद कर रहा है।  

वाटिकन प्रेस कार्यालय द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है कि "स्वीकृत बजट, कोविड-19 महामारी से उत्पन्न आर्थिक संकट से बुरी तरह प्रभावित है।"

संत पेत्रुस अनुदान फंड समेकित

बयान में कहा गया है कि जब पहली बार संत पापा फ्रांसिस ने परमधर्मपीठ के वित्तीय रिपोर्ट में अधिक स्पष्टता एवं पारदर्षिता को बार बार दुहराया गया है, 2021 का बजट संत पेत्रुस अनुदान फंड और सभी समर्पित फंडों को समेकित कर रहा है।  

इस संबंध में, 47.3 मिलियन यूरो के आय और 17 मिलियन यूरो अनुदान के साथ परमधर्मपीठ, कुल 30.3 मिलियन शेष की उम्मीद कर रहा है। संत पेत्रुस अनुदान एवं समर्पित फंड को छोड़कर 2021 में परमधर्मपीठ को 80 मिलियन यूरो का घाटा होगा।

लागत का प्रबंधन

बयान में यह भी कहा गया है कि 2019 की तुलना में, वाणिज्यिक, सेवाओं और अचल संपत्ति की गतिविधियों के साथ-साथ दान और सहयोग में कमी के कारण, वर्तमान आय (ऑपनिंग आय) में 21 प्रतिशत (48 मिलियन यूरो) की कमी आई है।  

साथ ही, बजट, वर्तमान व्यय के साथ खर्च के रोकथाम पर एक महत्वपूर्ण प्रयास को दर्शाता है, जिसमें कर्मचारियों का व्यय भी शामिल है जो 2019 की तुलना में 14 प्रतिशत (24 मिलियन यूरो) कम है। इस बयान से यह आश्वासन मिलता है कि "इस कठिन समय में संत पापा के लिए रोजगार सुरक्षा एक प्राथमिकता है।"

संसाधन आवंटन

जारी बयान में कहा गया है कि "अपने मिशन के अनुरूप 2021 में परमधर्मपीठ के अधिकांश संसाधनों में, कुल खर्च के 68 प्रतिशत, इसके प्रेरितिक क्रिया-कलापों को संभालने के लिए समर्पित किये जायेंगे, जबकि 17 प्रतिशत विरासत एवं अन्य सम्पतियों के रख-रखाव के लिए और 15 प्रतिशत प्रशासन एवं सेवा गतिविधियोँ के लिए प्रदान किये जायेंगे।"  

बयान के अंत में कहा गया है कि यदि अनुदान का स्तर वैसा ही रहेगा, जैसी उम्मीद की गई है, तब घाटे को परमधर्मपीठ के भंडार के हिस्से से भरने की कोशिश की जायेगी।

 

20 February 2021, 12:50