माग्रेट सुनीता मिंज-वाटिकन सिटी
वाटिकन सिटी, बुधवार 27 जनवरी 2021 (रेई) : संत पापा फ्राँसिस ने वाटिकन के प्रेरितिक पुस्तकालय से बुधवारीय आम दर्शन समारोह के दौरान सभी विश्वासियों का अभिवादन कर कहा, आज, ऑशविट्ज़ मौत शिविर की मुक्ति की वर्षगांठ का स्मरण दिवस है। हम शोए के पीड़ितों और नाज़ी शासन द्वारा सताए गये और मारे गये सभी लोगों की याद करते हैं।
बेहतर भविष्य के लिए एक शर्त-स्मृति
संत पापा ने कहा,ʺयाद करना मानवता की अभिव्यक्ति है। याद रखना सभ्यता का संकेत भी है। स्मृति शांति और बंधुत्व के बेहतर भविष्य के लिए एक शर्त है। याद रखने का मतलब यह भी है कि हम सावधान रहें क्योंकि ऐसी घटनायें फिर से हो सकती हैं, वैचारिक प्रस्ताव जो लोगों को बचाने के लिए शुरू होती हैं लेकिन लोगों और मानवता को नष्ट कर देती है। मौत के इस राह पर निर्वासन और क्रूरता कैसे शुरू हुई, इस पर ध्यान दें।ʺ
2016 में ऑशविट्ज़ की यात्रा
संत पापा जॉन जॉन द्वितीय और संत पापा बेनेडिक्ट सोलहवें के बाद साइट पर जाने वाले वे तीसरे परमाध्यक्ष हैं। संत पापा फ्राँसिस ने 2016 में पोलैंड की यात्रा के दौरान कुख्यात नाजी मौत शिविर की साइट पर औशविट्ज़-बिरकेनौ मेमोरियल और संग्रहालय का दौरा किया। संत पापा ने स्मारक पर मौन प्रार्थना की। संत पापा का यह मौन कृत्य "यह दिखाने का एक तरीका भी था कि मौन प्रार्थना कई अन्य प्रवचनों की तुलना में सटीक और पर्याप्त उत्तर दे सकती है।"
