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संत पापा फ्राँसिस संत पापा फ्राँसिस  

वेनेजुएला के धर्माध्यक्षों एवं पुरोहितों को संत पापा की सलाह

संत पापा फ्राँसिस ने एक वर्चुवल सभा में भाग ले रहे वेनेजुएला के धर्माध्यक्षों एवं पुरोहितों को सम्बोधित किया।

उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, मंगलवार, 19 जनवरी 2021 (रेई)- संत पापा ने एक वीडियो संदेश में बेनेजुएला के धर्माध्यक्षों एवं पुरोहितों को सम्बोधित करते हुए सभा के महत्व पर प्रकाश डाला तथा कहा है कि यह प्रेरितिक भ्रातृत्व की भावना से अपने पुरोहिताई के अनुभव, अपने परिश्रम, अपनी अनिश्चितताओं, साथ ही साथ कलीसिया के सदस्य होने एवं इसके कार्य जो प्रभु का कार्य है उसे आगे ले चलने की दृढ़ता को साझा करने का समय है। 

संत पापा ने अपने संदेश में संत मारकुस रचित सुसमाचार के उस पद की याद दिलायी जो बतलाता है कि येसु द्वारा प्रेरिताई के लिए भेजे जाने के बाद प्रेरित किस तरह वापस लौटते और उनके चारों ओर जमा होते हैं। वे उन्हें बतलाते हैं कि उन्होंने किस तरह मिशन को पूरा किया तब येसु उन्हें निमंत्रण देते हैं कि वे उनके साथ एक निर्जन स्थान में कुछ देर विश्राम करने जायें।

हम अकेले नहीं रह सकते

संत पापा ने कहा, "कलीसिया के लिए हमारा प्रेरित होना, इस वर्तमान परिवेश में, हमसे इसी तरह कार्य करने की मांग करता है। हम अकेले, एकाकी में, आत्मनिर्भर होकर, छिपी योजनाओं के साथ कार्य नहीं कर सकते। यह हमेशा आवश्यक है कि हम येसु की ओर लौटें, जिसके लिए हम ठोस भाईचारा में एक साथ जमा हों ताकि दृढ़ता से उन्हें और एक-दूसरे को बतला सकें कि यह प्रभु का कार्य है जिसमें हमने क्या किया है और सिखलाया है।"

दो महत्वपूर्ण सिद्धांत

संत पापा ने कहा कि कोविड-19 महामारी के कारण यह सभा वर्चुवल रूप में हो रहा है जिसका उद्देश्य है उन लोगों के एक साथ आना जिन्होंने साक्ष्य देने एवं ईश्वर की विश्वासी प्रजा के लिए प्रभु के पितृत्व का मिशन प्राप्त किया है। संत पापा ने उन्होंने दो सिद्धांतों की याद दिलायी जिनको कभी नहीं भूलना चाहिए, जो कलीसिया के विकास की गारांटी देते हैं, यदि हम पड़ोसियों के प्रति प्रेम एवं एक-दूसरे की सेवा के प्रति वफादार रहते हैं। ये दो सिद्धांत यूखरिस्तीय संस्कार से जुड़े हैं जो प्रेम एवं सेवा करने की शिक्षा देते हैं।  

ईश्वर के दीन सेवक

संत पापा ने उन्हें स्मरण दिलाया कि वे अपने भाई बहनों के सेवक हैं और उन्हें विनम्र सेवक बनना है क्योंकि येसु भेजते एवं याद दिलाते हैं कि सेवक स्वामी से बड़ा नहीं होता और न ही उनसे बड़ा जो उन्हें भेजते हैं। जीवन में भले चरवाहे का अनुकरण करना एवं सभी का सेवक बनना जरूरी है, खासकर, इस संकट के समय में उनका साथ एवं समर्थन देने के लिए जो वंचित हैं, बहिष्कृत हैं।

प्रेम एवं सेवा का साक्ष्य

संत पापा ने वेनेजुएला के धर्माध्यक्षों एवं पुरोहितों को निमंत्रण दिया कि वे आनन्द एवं दृढ़ता के साथ कार्य करते हुए आगे बढ़ें। प्रभु एवं उनकी पवित्र प्रजा के लिए अपने आपको नवीकृत करें। उन्होंने वेनेजुएला के लोगों के प्रति उनके प्रेम एवं सेवा, रोगियों को ध्यान देने एवं उनके लिए ईश वचन और पवित्र यूखरिस्त प्रदान करने, मेडिकल कर्मचारियों एवं स्वयंसेवकों को साथ देने के लिए धन्यवाद दिया।

अंत में, संत पापा ने वेनेजुएला की कलीसिया के मिशन को आगे ले चलनेवाले धर्मगुरूओं को अपने सामीप्य एवं अपनी प्रार्थनाओं का आश्वासन देते हुए उन्हें कोरोमोटो की माता मरियम एवं संत जोसेफ की मध्यस्थता को सिपूर्द किया।

19 January 2021, 16:05