माग्रेट सुनीता मिंज-वाटिकन सिटी
वाटिकन सिटी, सोमवार 25 जनवरी 2021 (वाटिकन न्यूज) : संत पापा फ्राँसिस ने 25 जनवरी रविवार को वाटिकन ने प्रेरितिक पुस्तकालय से देवदूत प्रार्थना का पाठ करने के उपरांत कहा, "जैसा कि कलीसिया ने ईश्वर के वचन का दूसरा रविवार मनाया, मैं आप सभी विश्वासियो से पवित्र धर्मग्रंथ को हर समय बंद रखने और उन्हें अक्सर पढ़ने की अपील करता हूँ। यह हमारे समय के सबसे महान उपहारों में से एक है कलीसिया और विश्वासियों को अपने जीवन में पवित्र शास्त्र का पुनर्निवेश करना है।"
पोप ने कहा, "पहले से कहीं ज्यादा आज, बाइबिल सभी के लिए और सभी भाषाओं में सुलभ हो गया है, अब तो श्रव्य-दृश्य और डिजिटल स्वरूपों में भी उपलब्ध है।"
मसीह और धर्मशास्त्र
संत पापा फ्राँसिस ने 5 वीं शताब्दी के महान बाइबिल विद्वान और कलीसिया के आचार्य संत जेरोम की एक कहावत को भी याद कर कहा, "जो कोई भी धर्मग्रंथों की उपेक्षा करता है वह मसीह की उपेक्षा करता है।"
संत पापा ने कहा कि इसका उलटा भी सच है: "ये येसु मसीह हैं जो इस दुनिया में मनुष्य बनकर आये और पुनर्जीवित हुए, वे ही धर्मग्रंथ को समझने के लिए हमारे मन खोल देते हैं।" उन्होंने कहा कि जब हम अकेले या समूहों में प्रार्थना करते हैं, विशेष रूप से धर्मविधि समारोह में ईश्वर के वचन को समझते हैं।
सुसमाचार की खुशी
संत पापा फ्राँसिस ने तब कई पल्लियों को धन्यवाद दिया और प्रोत्साहित किया जो पवित्रशास्त्र को सुनने और समझने के लिए विश्वासियों को शिक्षित करते हैं।
उन्होंने कहा,"हम सुसमाचार फैलाने की खुशी कभी नहीं खो सकते।" तब संत पापा ने अपने निमंत्रण को दोहराते हुए कहा, “आप सभी लोग जेब या पर्स में सुसमाचार की एक छोटी सी पुस्तक रखें और हर दिन बाइबल के कम से कम तीन या चार श्लोक जरुर पढ़ें।”
