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संत पापा फ्राँसिस और कार्डिनल टागले संत पापा फ्राँसिस और कार्डिनल टागले  (AFP or licensors)

संत पापा द्वारा काथलिक शिक्षकों को प्रामाणिक गवाह बनाने का आग्रह

संत पापा फ्राँसिस ने फिलीपींस के काथलिक शिक्षा संघ (सीईएपी) के वार्षिक सम्मेलन के लिए एक संदेश भेजा है। कार्डिनल लुइस एंटोनियो टागले ने शुक्रवार को सभा को संबोधित करते हुए कहा कि कोरोना वायरस महामारी से उभरने का एकमात्र तरीका संवाद है।

माग्रेट सुनीता मिंज-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, शनिवार 26 सितम्बर 2020 (वाटिकन न्यूज) : संत पापा फ्राँसिस ने फिलीपीन के काथलिक शिक्षकों का आह्वान किया है कि वे अपने छात्रों को न केवल उत्कृष्ट शिक्षार्थी बनायें, बल्कि विश्वास के प्रामाणिक गवाह भी बनायें। संत पापा फ्राँसिस की ओर से उनके संदेश को वाटिकन सचिव कार्डिनल पिएत्रो पेरोलिन ने फिलीपीन के काथलिक शिक्षकों के संध को भेजा। सीइएपी का वार्षिक सम्मेलन  21 से 25 सितंबर तक थी।

सीईएपी काथलिक शैक्षणिक संस्थानों का राष्ट्रीय संघ है, जो कि फिलीपींस काथलिक धर्माध्यक्षीय सम्मेलन (सीबीसीपी) के धर्मशिक्षा और काथलिक शिक्षा (ईसीसीसीई) के तहत कार्य करता है। 1941 में स्थापित, संघ में देश के 17 क्षेत्रों के स्कूलों और कॉलेजों सहित 1,500 से अधिक सदस्य हैं।

कोरोना वायरस महामारी के कारण, इस वर्ष सम्मेलन ऑनलाइन हुई और वेब और सोशल प्लेटफॉर्म पर लाइव स्ट्रीम की गई।

ख्रीस्तीय सिद्धांत और नैतिक प्रशिक्षण

संत पापा के संदेश को सीईएपी के अध्यक्ष, फादर एल्मर दाइजन ने पढ़ा। अपने संदेश में संत पापा ने कहा कि काथलिक स्कूलों को न केवल महत्वपूर्ण सोच सिखाना चाहिए, बल्कि "ख्रीस्तीय सिद्धांत और नैतिकता में प्रशिक्षण" को भी प्रोत्साहित करना चाहिए। ऐसा करने पर पुरुष और महिलाएँ समाज में अपनी जिम्मेदारियों को लेने और दुनिया के सामने अपने विश्वास की सच्ची गवाही देने के लिए तैयार होते हैं।"

परिवर्तन के उत्प्रेरक

अपनी प्रस्तुति में, अध्यक्ष के रूप में अपना कार्यकाल समाप्त करने वाले फादर दाइजन ने संकल्प लिया कि महामारी जारी रहने के बावजूद, मौजूदा चुनौतियों के बीच, उनका प्रयास रहेगा कि काथलिक स्कूल "परिवर्तन के उत्प्रेरक बनें"।  " ईश्वर हमसे यही चाहते हैं।“

ईसीसीसीई के सभापति, सैन जोस के धर्माध्यक्ष रॉबर्टो मल्लारी ने कहा कि शैक्षणिक क्षेत्र आज सबसे अधिक चुनौतीपूर्ण है। उन्होंने कहा कि हर स्कूल को छात्रों की जरूरतों को पूरा करने के लिए सीखने के तौर-तरीकों के साथ आगे आना होगा। प्रबंधक के रुप में सीईएपी "डर से पीछे नहीं हटेगी बल्कि न केवल काथलिक शिक्षार्थियों के लिए बल्कि अन्य स्कूलों को भी दृढ़ता से आगे बढ़ाने में मदद करेगी।"

महामारी पर कार्डिनल टागले

लोकधर्मियों की प्रेरिताई हेतु बनी परमधर्मपीठीय धर्मसंघ के प्रीफेक्ट कार्डिनल लुइस एंटोनियो टागले ने शुक्रवार को सभा को संबोधित करते हुए कहा कि कोरोना वायरस महामारी से उभरने का एकमात्र तरीका संवाद है।

हाल ही में कोरोना वायरस को मात करने वाले कार्डिनल टागले ने "मिशन: आस्था जीवन और संस्कृति का संवाद पंथ और सीमा से परे कोविद" विषय पर भाषण दिया।

63 वर्षीय कार्डिनल ने जोर देकर कहा कि महामारी के कारण, "संवाद की संस्कृति का अधिक जरुरी है"। “एक महामारी को, एक महामारी की प्रतिक्रिया, एक सामान्य प्रतिक्रिया की आवश्यकता होती है और यह संवाद के माध्यम से किया जाना है।” उन्हें डर है कि "संवाद की भावना और संवाद की संस्कृति के बिना, यह महामारी और ही बदतर हो जाएगी।"

उन्होंने समझाया कि स्थिति की यह गिरावट, केवल छूत की स्थिति में नहीं है, "लेकिन इस अर्थ में कि मानवता में सबसे बुरी चीजें बाहर आ रही हैं।" "कोविद महामारी हम में से प्रत्येक से पूछ रही है कि आप में जो अच्छाई है इसे आप सिर्फ अपने पास नहीं रखें लेकिन इसे साझा करें। यही संवाद की संस्कृति है।"

उन्होंने राजनीतिज्ञों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों सहित कई समूहों द्वारा महामारी का "राजनीतिकरण" किये जाने की आलोचना की। उनके अनुसार, समस्या तब जारी रहेगी जबतक संवाद की कमी होगी "या जबतक सीमाएं स्थापित की जाएंगी।"

26 September 2020, 14:53