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अगस्त के लिए संत पापा का वीडियो संदेश, समुद्री लोगों के लिए प्रार्थना का आह्वान

समुद्र की प्रेरिताई या स्तेल्ला मारिस के 100 वीं वर्षगाँठ पर, संत पापा फ्राँसिस ने अपने वीडियो संदेश में, नाविकों, मछुआरों और उनके परिवारों पर प्रकाश डाला है जिनका जीवन कई कठिनाइयों एवं चुनौतियों से प्रभावित होता है।

उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, मंगलवार, 4 अगस्त 2020 (रेई)- समुद्र की प्रेरिताई या स्तेल्ला मारिस के 100 वीं वर्षगाँठ पर, संत पापा फ्राँसिस ने अपने वीडियो संदेश में, नाविकों, मछुआरों और उनके परिवारों पर प्रकाश डाला है जिनका जीवन कई कठिनाइयों एवं चुनौतियों से प्रभावित होता है।

प्रार्थना की प्रेरिताई हेतु अगस्त के लिए प्रकाशित अपने वीडियो संदेश में संत पापा फ्राँसिस ने उन लोगों और उनके परिवारों के लिए विशेष प्रार्थना का आह्वान किया है जो समुद्र में रहते और कार्य करते हैं।

प्रार्थना की प्रेरिताई के नेटवर्क द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि हाल के वर्षों में अंतरराष्ट्रीय मीडिया के कई रिपोर्टों में समुद्री उद्योग में काम करनेवालों के कठोर कामों को उजागर किया गया है।

शोषण और दुरुपयोग के शिकार बनते हैं

मछुआरे और लुटेरे – समुद्र में चोरी, गुलामी एवं हिंसा (2015) शीर्षक की किताब उजागर करती है कि मछुआरे एवं नाविकों को दुनिया का सबसे खतरनाक पेशा अपनाना पड़ता है। वे खास रूप से शोषण और दुरुपयोग के शिकार बनते हैं। सबसे बुरी स्थिति यह है कि उन्हें मानव तस्करी एवं गुलामी के शिकार बनना पड़ता है।

 यूरोपीय समुद्री सुरक्षा एजेंसी ने एक रिपोर्ट में घोषणा की कि, 2011 और 2020 के बीच, इस क्षेत्र के अन्य दुखद आंकड़ों के बीच, समुद्री श्रमिकों और घायल हुए लगभग 9,000 व्यक्तियों के बीच 745 कार्य-संबंधित मौतें हुईं।

वीडियो संदेश में संत पापा ने समुद्री मजदूरों और उनके परिवारों के सामने आने वाली चुनौतियों के लिए चिंता व्यक्त की है जिसमें उन्हें प्रत्येक दिन "दूर के बंदरगाहों में छोड़ दिये जाने" और "जबरन मजदूरी" करते हुए "औद्योगिक मछली पकड़ने और प्रदूषण" आदि का सामना करना पड़ता है। पर्यावरण न्याय फाऊँडेशन के द्वारा प्रदान की गई तस्वीरों के वीडियो समुद्र में काम करनेवालों एवं उनके परिवारों के दैनिक चेहरों को दिखलाते हैं। संत पापा ने इस बात पर भी बल दिया है कि इस चिंताजनक स्थिति में समुद्र में काम करनेवाले लोगों के बिना विश्व के कई हिस्सों के लोग भूखे रह जायेंगे। वास्तव में, तीन बिलियन से अधिक लोग अपने जीविका के लिए समुद्र और तटवर्ती क्षेत्रों पर निर्भर करते हैं।  

समुद्री जगत के लोग असहाय

संत पापा के विश्वस्तरीय प्रार्थना की प्रेरिताई के अँतरराष्ट्रीय निदेशक फादर फ्रेडरिक फोरनोस येसु समाजी ने कहा, "हम जानते है कि समुद्री जगत से आनेवाले लोग बहुत असहाय हैं। इस साल उनकी दुर्बलता न केवल उनके कार्यों की विपत्ति से आयी है बल्कि महामारी द्वारा उत्पन्न कठिनाईयों से भी। उन्हें अपने परिवारों से दूर रहने, जहाज स उतर नहीं पाने, संक्रमित होने और नौकरी खो देने आदि के भय का सामना करना पड़ा है।" यही कारण है कि संत पापा फ्राँसिस ने जून में एक वीडियो प्रेषित कर उनके प्रति कृतज्ञता एवं सहानुभूति प्रकट की थी।    

फादर फ्रेडरिक ने कहा कि 100 साल का इतिहास पूरा करने पर जब समुद्र की प्रेरिताई शतवर्षीय जयन्ती मना रही है तब संत पापा फ्राँसिस का यह वीडियो संदेश हमें प्रार्थना करने और प्रेरिताई को जीने में अवश्य मदद देगा, जिसको संत पापा ने इस महीना हमें सौंपा है कि हम समुद्र में काम करनेवाले नाविकों, मछुआरों और उनके परिवारों के करीब आयें।   

04 August 2020, 16:49