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मछली मारते हुए नाविक मछली मारते हुए नाविक 

समुद्र कर्मियों के प्रति संत पापा की आशा, सांत्वना एवं सहानुभूति

25 जून को समुद्र कर्मियों एवं मछुआरों का विश्व दिवस मनाया जाता है।

उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, बृहस्पतिवार, 25 जून 2020 (रेई)- संत पापा ने एक ट्वीट संदेश प्रेषित कर सभी समुद्र कर्मियों को आशा, सांत्वना एवं सहानुभूति का संदेश दिया।

उन्होंने संदेश में लिखा, "इन कठिन दिनों में समुद्री व्यक्ति एवं मछुआरों के रूप में  आपका कार्य अत्यन्त महत्वपूर्ण हो गया है। आज मैं आप लोगों को एक आशा, सांत्वना एवं सहामुभूति का संदेश देना चाहता हूँ।"

संत पापा फ्राँसिस ने समुद्र की प्रेरिताई में लगे लोगों के लिए 17 जून को प्रेषित एक वीडियो संदेश में स्वीकार किया था कि कोविड-19 महामारी के कारण नाविकों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा है। उन्होंने जोखिम के बावजूद मानवता को मदद करने के लिए उनके प्रति आभार प्रकट किया।

उन्होंने कहा था कि, "समुद्री लोगों और मछुआरों के रूप में आपका काम अधिक महत्वपूर्ण हो गया है क्योंकि यह हमारे बृहद मानव परिवार को भोजन एवं अन्य प्राथमिक आवश्यकता की वस्तुएँ प्रदान करता है।"

समुद्र में फंसे समुद्र कर्मी

संत पापा ने याद किया था कि कोरोना वायरस ने समुद्री लोगों में बहुत अधिक परिवर्तन लाने और कई प्रकार के त्याग करने के लिए मजबूर किया है।

उन्हें लंबे समय तक जहाजों में रहकर, परिवारों, दोस्तों और अपने देश से अलग और संक्रमण के डर के साथ समय बिताना पड़ा है जो उनके लिए भारी बोझ था।

यूएन श्रमिक एजेंसी के अनुसार करीब 150,000 से 2,00,000 की संख्या में नाविक समुद्रों में फंसे हुए हैं।

अंतरराष्ट्रीय श्रमिक संगठन (आईएलओ) ने हाल में कहा था कि तालाबंदी के उपायों ने स्वस्थ समुद्री लोगों को जहाजों से उतरने से रोक दिया है। कई लोगों ने महीनों पहले अपनी यात्रा समाप्त की है किन्तु उन्हें मजबूर होकर जहाजों में रहना पड़ रहा है। मानसिक स्वास्थ्य के मामले और शारीरिक थकावट, कई लोगों को प्रभावित कर रहे हैं।

नहीं भूलाये गये

अपने संदेश में संत पापा ने पीड़ित नाविकों को सीधे संबोधित करते हुए कहा था, "यह जान लें कि आप अकेले नहीं है और आप नहीं भूलाये गये हैं। समुद्र में आपका काम बहुधा आपको दूसरों से अलग रखता है किन्तु आप मेरी सोच और प्रार्थनाओं एवं समुद्री मिशन में नियुक्त पुरोहितों और स्तेल्ला मेरीस के द्वारा मेरे करीब हैं। संत पापा ने उन्हें स्मरण दिलाया था कि येसु के पहले शिष्य भी मछुआरे थे।

माता मरियम के संरक्षण में

संत पापा ने हरेक नाविक को आशा, सांत्वना एवं आराम का संदेश दिया था और उनके लिए प्रार्थना की थी कि वे सभी प्रकार की कठिनाइयों का सामना कर सकें।

संत पापा ने उन लोगों को भी प्रोत्साहन दिया था जो उनके लिए प्रेरितिक देखभाल एवं आध्यात्मिक समर्थन प्रदान करते हैं।

संत पापा ने उन्हें आशीष देते हुए कहा था, "प्रभु आप सभी को, आपके कार्यों एवं परिवारों को आशीष प्रदान करे और धन्य कुँवारी मरियम सागर की रानी हमेशा आपकी रक्षा करे।

स्तेल्ला मारिस

सागर की प्रेरिताई एक काथलिक उदारता संगठन है जो नाविकों का समर्थन करती है। इसकी संरक्षिका सागर की रानी माता मरियम हैं।

स्तेल्ला मारिस की स्थापना स्कॉटलैंड के ग्लासगो में 20वीं सदी में नाविकों के चैपलिनों के नेटवर्क के रूप में हुआ था। सागर की प्रेरिताई से संलग्न 216 पुरोहित 30 विभिन्न देशों में 311 जहाजों में कार्य करते हैं।

 

25 June 2020, 17:46