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देवदूत प्रार्थना के उपरांत आशीष देते संत पापा देवदूत प्रार्थना के उपरांत आशीष देते संत पापा  (ANSA)

पवित्र त्रित्व विश्व की सेवा में प्रेम है, देवदूत प्रार्थना में संत पापा

संत पापा फ्राँसिस ने रविवार 7 जून को पवित्र त्रित्वमय ईश्वर के महापर्व के दिन संत पेत्रुस महागिरजाघर के प्रांगण में उपस्थित विश्वासियों के साथ देवदूत प्रार्थना का पाठ किया, देवदूत प्रार्थना के पूर्व उन्होंने विश्वासियों को सम्बोधित किया।

उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, सोमवार, 8 जून 2020 (रेई)- संत पापा फ्राँसिस ने रविवार 7 जून को पवित्र त्रित्वमय ईश्वर के महापर्व के दिन संत पेत्रुस महागिरजाघर के प्रांगण में उपस्थित विश्वासियों के साथ देवदूत प्रार्थना का पाठ किया, देवदूत प्रार्थना के पूर्व उन्होंने विश्वासियों को सम्बोधित कर कहा, अति प्रिय भाइयो एवं बहनो सुप्रभात।

आज, पवित्र त्रृत्वमय ईश्वर के महापर्व के दिन का सुसमाचार पाठ (यो. 3,16-18) प्रेरित संत योहन की भाषा में दुनिया, उनकी सृष्टि के लिए ईश्वर के प्रेम के रहस्य को प्रकट करता है। निकोदेमुस के साथ एक संक्षेप वार्तालाप में येसु प्रस्तुत करते हैं कि वे स्वयं दुनिया के लिए पिता की मुक्ति योजना को पूरा करते हैं।

प्रेम की योजना

वे इसकी पुष्टि करते हुए कहते हैं, "ईश्वर ने संसार को इतना प्यार किया कि उसने उसके लिए अपने एकलौते पुत्र को अर्पित कर दिया, जिससे जो उसमें विश्वास करता है, उसका सर्वनाश न हो बल्कि वह अनन्त जीवन प्राप्त करे।" (पद. 16). संत पापा ने कहा कि ये शब्द तीन ईश्वरीय व्यक्तियों पिता, पुत्र और पवित्र आत्मा के कार्यों को प्रकट करते हैं- यह प्रेम की एक ही योजना है जो दुनिया में मानव को बचाता है यह हमारे लिए मुक्ति की योजना है।

हमारे पाप के बावजूद प्यार करते हैं

ईश्वर ने एक उत्तम और सुन्दर विश्व की सृष्टि की थी किन्तु पाप के बाद यह बुराई और भ्रष्टाचार से दूषित हो गई। हम सभी स्त्री और पुरूष पापी हैं अतः ईश्वर दुनिया का न्याय कर सकते थे जिससे कि वे बुराई का नाश करें एवं पापी को शुद्ध करें, जबकि वे हमारे पाप के बावजूद दुनिया को प्यार करते हैं। ईश्वर हम प्रत्येक को प्यार करते हैं उस समय भी जब हम गलती करते एवं उनसे दूर चले जाते हैं। पिता ईश्वर दुनिया को इतना प्यार करते हैं कि उन्होंने उसे बचाने के लिए अपने एकलौते पुत्र को ही अर्पित दिया, जिन्होंने लोगों को अपना जीवन अर्पित किया और पिता के पास वापस लौटे एवं पवित्र आत्मा को भेजा। पवित्र आत्मा प्रेम है, जो दुनिया की सेवा में बचाना एवं नवीकृत करना चाहता है। संत पापा ने कहा, आज, पिता, पुत्र और पवित्र आत्मा ईश्वर की याद कर, हम ईश्वर के प्रेम की याद करें। हमारे लिए यह अच्छा होगा कि हम प्रेम किये गये महसूस करें। ईश्वर मुझे प्यार करते हैं। यही आज की अनुभूति है।

ईश्वर ने अपने पुत्र को भेजकर प्रेम प्रकट किया

जब येसु कहते हैं कि पिता ने अपने एकलौते पुत्र को अर्पित कर दिया, तब स्वतः अब्राहम और उसके बेटे इसाहक के बलिदान की याद आती है जिनके बारे उत्पति ग्रंथ में बतलाया गया है। (उत्प.22,1-14) यहाँ ईश्वर का असीम प्रेम दिखाई पड़ता है। हम मूसा के लिए भी ईश्वर के प्रेम की याद करते हैं, जो करुणामय एवं कृपालु ईश्वर हैं वे क्रोध करने में देर करते और अनुकम्पा एवं सत्यप्रतिज्ञता के धनी हैं। ईश्वर के साथ इस मुलाकात ने मूसा को साहस प्रदान किया जैसा कि निर्गमण ग्रंथ में बतलाया गया है। वे ईश्वर और मनुष्यों के बीच मध्यस्थ बनकर कहते हैं : ये लोग हठधर्मी तो हैं किन्तु तू हमारे अपराध और पाप क्षमा कर दे और हमें अपनी निजी प्रजा बना ले। (निर्ग. 34: 6,9) ईश्वर ने अपने पुत्र को भेजकर इसी को प्रकट किया। हम उनके पुत्र में पवित्र आत्मा की शक्ति से उनकी संतान हैं। हम ईश्वर की विरासत हैं।

ईश्वर की असीम सुन्दरता, अच्छाई और सच्चाई से मोहित हों

संत पापा ने पवित्र त्रित्वमय ईश्वर के पर्व के दिन विश्वासियों का आह्वान करते हुए ईश्वर की असीम सुन्दरता, अच्छाई और सच्चाई से मोहित होने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि हम उस सुन्दरता, अच्छाई और सच्चाई के निकट आयें जो हमारे जीवन में प्रवेश करने के लिए शरीरधारण किये, हमारे इतिहास में, मेरे एवं आप प्रत्येक के जीवन में प्रवेश किये क्योंकि हरेक स्त्री और पुरूष उनसे मुलाकात कर सकता एवं अनन्त जीवन प्राप्त कर सकता है। यही विश्वास है कि हम प्रेमी ईश्वर को स्वीकार करें, प्रेमी ईश्वर का स्वागत करें जो ख्रीस्त में हमें अपना प्रेम प्रदान करते, पवित्र आत्मा को संचालित करते, उनसे मुलाकात कराते एवं उनमें भरोसा प्रदान करते हैं। संत पापा ने कहा कि यही ख्रीस्तीय जीवन है। सबसे पहले ईश्वर को प्यार करना, उनसे मुलाकात करना, उनकी खोज करना, जो हमसे पहले मिलने आते हैं।

कुँवारी मरियम जो पवित्र त्रृत्वमय ईश्वर के घर हैं, हमें खुले हृदय से ईश्वर के प्रेम को स्वीकार करने में मदद दे जो हमें आनन्द से भर देते एवं इस दुनिया में हमारी यात्रा को सार्थक बनाते हैं। हमें सदा स्वर्ग की ओर ले चलें।

इतना कहने के बाद संत पापा भक्त समुदाय के साथ देवदूत प्रार्थना का पाठ किया तथा सभी को अपना प्रेरितिक आशीर्वाद दिया।

08 June 2020, 14:39