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रोम में मैराथन दौड़ रोम में मैराथन दौड़  (ANSA)

खेल सेतु का निर्माण करता है, खिलाड़ियों से संत पापा

संत पापा फ्राँसिस ने बुधवार सुबह को आमदर्शन समारोह के उपरांत खिलाड़ियों के एक छोटे दल से मुलाकात की जिन्हें आज एक खेल में भाग लेना था किन्तु कोरोना वायरस के कारण इसे स्थगित कर दिया गया है। इस खेल प्रतियोगिता का नाम है, "हम एक साथ दौड़ते हैं।"

उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, बृहस्पतिवार, 21 मई 2020 (रेई)- कोरोना वायरस के कारण इन महिनों में सभी मुलाकातों के स्थगन के बाद, यह पहला दल है जिनसे संत पापा ने मुलाकात की है। यह दल आज एक अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम में भाग लेने वाला था जिसका नाम है, "हम एक साथ दौड़ते हैं- सिमुल कोर्रेबंत"। उन्होंने उनसे बुधवार को आमदर्शन समारोह के बाद वाटिकन की लाईब्रेरी में मुलाकात की। खेल का आयोजन वाटिकन खिलाड़ी संगठन के द्वारा खिलाड़ी दल फ्याम्मे जाले या इतालवी कानून प्रवर्तन एजेंसी की "पीली ज्वाला" के साथ किया गया था, जिसमें वित्तीय अपराध, प्रांगण के सज्जनों की संस्कृति के लिए परमधर्मपीठीय समिति और लात्सियो प्रांत के इताली संघ के प्रकाश खिलाड़ी (फीडाल) शामिल हैं। 

खेल का महत्व

संत पापा फ्राँसिस ने खिलाड़ियों को सम्बोधित कर धन्यवाद देते हुए कहा, "हर कोई समुदाय के लिए, दूसरों के लिए, कुछ न कुछ कर रहा है और यही आनन्द है। ठीक है? उन्होंने कहा कि यह देने का आनन्द है सुन्दरता बिखेरने का और सभी के लिए खेल उपलब्ध कराने का।

संत पापा ने कहा कि दूसरों को आनन्द और खुशी प्रदान करना एक रचनात्मक मानवीय मनोभाव है। उन्होंने याद दिलाया कि लोग अपना जीवन दूसरों को देने के लिए बहुत दूर तक जाते हैं। माता-पिता अपने बच्चों के लिए और कई लोग दूसरों के लिए जीवन देते हैं।

संत पापा ने उन खिलाड़ियों की सराहना इस बात के लिए की कि वे प्रतिस्प्रद्धा नहीं करते अथवा खेल नहीं खेलते बल्कि एक साथ कुछ करते हैं, संत पापा ने कहा," आप एक साथ दौड़ते हैं।"

सुसमाचारी मूल्य

इसको स्पष्ट करने के लिए संत पापा ने उस सुसमाचार पाठ का स्मरण दिलाया जिसमें दो शिष्य पास्का सुबह को एक साथ कब्र की ओर दौड़ते हैं (यो. 20, 3-6) युवा योहन वृद्द पेत्रुस को पीछे छोड़कर आगे बढ़ जाता है किन्तु खाली कब्र में प्रवेश करने के लिए उसका इंतजार करता है। संत पापा ने मध्ययुग में तीर्थयात्रा के नियम की याद की जिसमें कहा जाता था कि यात्रा की चाल दल के सबसे कमजोर व्यक्ति के हिसाब से निर्धारित किया जाता था।  

संत पापा ने खिलाड़ियों से कहा, "यही हमें सीखने की जरूरत है कि हम उन लोगों की गति के अनुसार चलें जिनकी गति अलग है या कम से कम उनपर ध्यान दें और उनकी गति अनुसार अपने आपको समायोजित करें।"

यह एक अंतरराष्ट्रीय खेल का आयोजन था जिसमें ऑलम्पिक चैंपियन, पैरालिंपिक एथलीट, शरणार्थी, आप्रवासी और कैदियों के साथ दौड़ने वाले थे।

खेल सेतु का निर्माण करता है

संत पापा ने इस खेल के आयोजन को, खेल कैसा होना चाहिए उसका ठोस आदर्श कहा, "एक सेतु जो विभिन्न धर्मों एवं संस्कृतियों के स्त्रियों और पुरूषों को एक साथ लाता है तथा समावेश, मित्रता, एकात्मता और शिक्षा को प्रोत्साहन देता है, जिसको दूसरे शब्दों में शांति का सेतु कहा जा सकता है।"

चूँकि कार्यक्रम को स्थगित कर दिया गया है संत पापा ने कहा कि प्रतिभागी दौड़ में अपने पैरों से भाग नहीं ले सकते किन्तु वे अब भी अपने हृदयों से दौड़ लगा सकते हैं और इस प्रकार कई खिलाड़ी, जो भाग लेने वाले थे उनके साथ मुझे मिलने की खुशी मिली है वे कई उदार पहल के लिए अनेक वस्तुएँ प्रदान कर रहे हैं।

कोविड-19 से संघर्ष करने की दौड़

इस पहल से "बेरगमो में पोप जॉन XXIII" अस्पताल और ब्रेशिया में "पोलिम्बुलेंस फाउंडेशन" को फायदा होगा। ये दोनों संस्थाएँ कोविड-19 से सबसे अधिक प्रभावित लोम्बारदी प्रांत में कोविड-19 से पीड़ित रोगियों की सेवा कर रही हैं। यह स्वास्थ्यकर्मियों के प्रति आभार प्रकट करना है। वे नायक हैं जिन्होंने दूसरों का जीवन बचाने के लिए अपने जीवन को जोखिम में डाला है और येसु के उन शब्दों को पूरा किया है। इससे बड़ा प्रेम और किसी का नहीं है जो अपने मित्रों क लिए अपना प्राँण अर्पित कर दे। (यो. 15:13)

संत पापा ने अपने संदेश के अंत में दल को प्रोत्साहन दिया कि वे खेल के प्रति अपने उत्साह को एकता और एकात्मता के अनुभव के रूप में बनाये रखें।

कार्यक्रम का पूरा नाम है – "हम एक साथ दौड़ते हैं : कोविड-19 के खिलाफ एकात्मता की दौड़।"

21 May 2020, 17:29