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रोजरी माला को दिखलाते हुए संत पापा फ्राँसिस रोजरी माला को दिखलाते हुए संत पापा फ्राँसिस  (AFP or licensors)

विश्व के तीर्थस्थलों के साथ संत पापा की रोजरी प्रार्थना

संत पापा फ्राँसिस विश्वभर के मरियम तीर्थस्थलों के साथ रोजरी प्रार्थना करेंगे। वे शनिवार 30 मई को शाम 5.30 बजे वाटिकन वाटिका स्थित लूर्द के ग्रोटो से रोजरी प्रार्थना करेंगे। जहाँ वे पाँच महादेशों के बड़े तीर्थस्थलों से जुड़ेंगे।

उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, मंगलवार, 26 मई 2020 (रेई)- उस दिन की प्रार्थना की विषयवस्तु है "ईसा की माता मरियम के साथ, प्रार्थना में एक हृदय" (प्रे.च. 1:14) जिसमें संत पापा फ्राँसिस स्वास्थ्य संकट के कारण उत्पन्न बाधाओं के मद्देनजर, विश्वभर के मरियम तीर्थस्थलों से जुड़कर रोजरी प्रार्थना का संचालन करेंगे।   

संत पापा फ्राँसिस पुनः एक बार प्रार्थना में लोगों के करीब आकर महामारी के बीच माता मरियम से सहायता की याचना करेंगे। प्रार्थना को वाटिकन वाटिका की लूर्द की माता मरियम के ग्रोटो से रोम समय अनुसार 5.30 बजे दुनियाभर में लाईव प्रसारित किया जाएगा।

नवीन सुसमाचार प्रचार हेतु गठित परमधर्मठीय समिति के 26 मई को एक विज्ञप्ति जारी कर इस बात की घोषणा की कि महामारी के इस समय में माता मरियम की सहायता की याचना एवं मानव जाति को प्रभु को समर्पित करते हुए संत पापा फ्राँसिस 30 मई को शाम 5.30 बजे वाटिकन की वाटिका स्थित लूर्द की माता मरियम के ग्रोटो से रोजरी की प्रार्थना करेंगे।

इस पहल को बढ़ावा देते हुए नवीन सुसमाचार प्रचार हेतु गठित परमधर्मपीठीय समिति ने उन परिवारों एवं लोगों को रोजरी भेंट की है जो कोरोना वायरस महामारी से सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करते हैं। रोजरी, मुख्य रूप से डॉक्टरों, नर्सों, स्वास्थ्य लाभ प्राप्त मरीज, अपने प्रियजनों को खोनेवालों, अस्पताल में सेवारत पुरोहित, दवाखाना के कर्मचारी, पत्रकारों, नागरिक सुरक्षा सेवा के स्वंयसेवकों एवं उनके परिवारों को प्रदान किया गया है। प्रार्थना में वे सभी आशा व्यक्त करने के लिए उपस्थित होंगे।

समिति ने लिखा है कि यह मरियम की भक्ति के महीने का अंतिम समय है संत पापा फ्राँसिस पूर्ण भरोसे के साथ सारी मानव जाति के दुःखों को स्वर्गीय माता के चरणों में समर्पित करेंगे।

प्रार्थना में पांचों महादेशों के तीर्थस्थल ऑनलाईन जुड़े होंगे। वे तीर्थस्थल हैं, लूर्द, फातिमा, लुजान, मिलाग्रो, ग्वादालुपे, संत जोवन्नी रोतोन्दो और पोम्पेई।

नवीन सुसमाचार प्रचार के लिए गठित समिति के अध्यक्ष महाधर्माध्यक्ष रिनो फिसिकेल्ला ने एक पत्र भेजकर तीर्थस्थलों को निमंत्रण दिया है कि प्रार्थना के इस विशेष अवसर का आयोजन, वर्तमान के स्वास्थ्य संकट की आवश्यकताओं के अनुसार नियमों को ध्यान में रखते हुए किया जाए और उसे प्रोत्साहन दिया जाए।

26 May 2020, 16:03