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अर्जेंटीना का गिरजाघर अर्जेंटीना का गिरजाघर  (AFP or licensors)

अर्जेंटीना में प्रथम ख्रीस्तयाग की 500वीं वर्षगाँठ, पोप का संदेश

अर्जेंटीना में प्रथम ख्रीस्तयाग अर्पित किये जाने की 500वीं वर्षगाँठ पर संत पापा फ्राँसिस ने विश्वासियों को येसु के उन शब्दों को जीने के लिए प्रेरित किया, जिसमें उन्होंने अपने शिष्यों को आदेश दिया था, “तुम मेरी स्मृति में यह किया करो।”

उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, बृहस्पतिवार, 2 अप्रैल 20 (रेई) – अर्जेंटीना में प्रथम ख्रीस्तयाग अर्पित किये जाने की 500वीं वर्षगाँठ पर संत पापा फ्राँसिस ने विश्वासियों को येसु के उन शब्दों को जीने के लिए प्रेरित किया, जिसमें उन्होंने अपने शिष्यों को आदेश दिया था, “तुम मेरी स्मृति में यह किया करो।”

बुधवार 1 अप्रैल को रियो गल्लेगोस के धर्माध्यक्ष जोर्ज गार्चा क्वेर्वा ने अर्जेंटीना में प्रथम ख्रीस्तयाग की 500वीं वर्षगाँठ समारोह का अनुष्ठान किया। समारोह को पोनेरदो सन जुलियन में मनाया जाना था, जहाँ सन् 1520 में अर्जेंटीना का प्रथम ख्रीस्तयाग अर्पित किया गया था, परन्तु कोविड -19 महामारी से लगे प्रतिबंधों के कारण धर्माध्यक्ष गार्चा क्वेवा ने वर्षगाँठ समारोह का ख्रीस्तयाग रियो गाल्लेगोस स्थित धर्माध्यक्षीय आवास के प्रार्थनालय में, विश्वासियों की उपस्थिति के बिना सम्पन्न किया।

यूखरिस्त में येसु अर्जेंटीना का साथ देते हैं

वर्षगाँठ के लिए प्रेषित अपने संदेश में संत पापा फ्राँसिस ने विश्वासियों के समारोह में भाग नहीं ले पाने के दर्द को महसूस किया। उन्होंने लिखा, हम एम्माउस के चेलों के समान हैं क्योंकि जो हो रहा है उसके लिए हम उदास चेहरे के साथ आगे बढ़ रहे हैं, क्या होगा उसके लिए असहज महसूस कर रहे हैं और इसका क्या परिणाम होगा उसके लिए चिंतित हैं, किन्तु चेलों के समान हम भी येसु से कह सकते हैं, हमारे साथ रूक जाइये क्योंकि सांझ हो रही है। यूखरिस्त में येसु की छिपी उपस्थिति ने अर्जेंटीना के लोगों को 500 वर्षों तक साथ दिया है। वे हमारे बीच हैं और हमारी यात्रा में हमारा साथ देते हैं।

येसु के वचनों को जीना

संत पापा ने कहा कि इन दिनों हम यूखरिस्तीय अनुभव की याद कर सकते और सीख सकते हैं जिसको केवल येसु सिखलाते हैं। येसु के शब्द, तुम मेरी स्मृति में यह किया करो, विभिन्न शहरों, पल्लियों, प्रार्थनालयों, स्कूलों, नगरों और पड़ोस में गूँजते रहें। यह इस बात को सुनिश्चित करने का अवसर है कि हरेक के लिए खाने हेतु भोजन है, कि कोई भी रास्तों के किनारे नहीं छोड़ दिया गया है।

संत पापा जॉन पौल द्वितीय के शब्दों में संत पापा फ्राँसिस ने कहा कि तुम मेरी स्मृति में यह किया करो का अर्थ है दुनिया के जीवन के लिए अपने आपको देना, आशिष प्राप्त करना एवं तोड़ी गयी रोटी की तरह बांटा जाना। धर्माध्यक्ष गार्चा क्वेवा को प्रेषित पत्र में संत पापा ने कहा, “प्रिय भाई शारीरिक रूप से आप अकेले ख्रीस्तयाग अर्पित कर रहे होंगे, किन्तु आपके विश्वासी, हमारे अर्जेंटीना के लोग आपके साथ होंगे।” उन्होंने कहा, “मैं भी यहाँ (रोम) से ईश्वर के एक पुत्र और उसकी प्रजा के हिस्से के रूप में सहभागी हो रहा हूँ जो ईश्वर को उनकी सत्यप्रतिज्ञता के लिए धन्यवाद देती एवं उत्सव मनाती है।”

02 April 2020, 18:47