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सीरिया इदलिब प्रांत के बच्चे सीरिया इदलिब प्रांत के बच्चे  (AFP or licensors)

सीरिया हेतु संत पापा की अपील का नवीकरण

संत पापा ने अन्तरराष्ट्रीय समुदायों से सीरिया हेतु अपील करते हुए उत्तरी पश्चिमी क्षेत्र में संकट में, सरकार की नीतियों के कारण मावनीय त्रासदी से जूझ रहे लोगों की मदद करने का आहृवान किया।

दिलीप संजय एक्का-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, सोमवार, 10 फरवरी 2020 (रेई) संत पापा फ्रांसिस ने रविवार को अपने देवदूत प्रार्थना के उपरांत सीरिया की वर्तमान स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए अपने “हृदयविदारक” अपील को ऩवीकृत किया।

“सीरिया के उत्तरी-पश्चिमी क्षेत्र से पुनः दर्द भरे समाचार आ रहे हैं विशेष कर बच्चों और महिलाओं की स्थिति के संबंध में, इसके साथ ही सैन्य दल की बड़ी उपस्थिति के कारण लोगों को विस्थापित होने के लिए बाध्य होना पड़ रहा है।”     

संत पापा ने रविवारीय देवदूत प्रार्थना के उपरांत सीरिया के इदलिब प्रांत की स्थिति के प्रति अपनी चिंता जताई। उन्होंने इस संबंध में अन्तरराष्ट्रीय समुदाय और उनसे संबंधित सभी दलों से आग्रह किया है कि वे “राजनैतिक माध्यमों, वार्ता और समझौते की राह” का चुनाव करते हुए युद्धविराम का प्रयास करें जिससे “जीवन की सुरक्षा और नागरिकों की भलाई” हो सके।

पलायन हेतु हजारों लोग विवश

रुस की मदद के फलस्वरुप, सीरिया की सरकारी ताकत ने बलपूर्ण इदलिब प्रांत में को पुनः अपने  कब्जे में करने का प्रयास किया है जिससे कारण देश में एक बड़ी विद्रोह की स्थिति बनी हुई है। देश में व्याप्त इस तनाव के कारण दिसम्बर 2019 के शुरू से लेकर अब तक करबीन डेढ़ लाख से अधिक लोगों को अपनी जमीर से दखल होना पड़ा है।

पिछले चार दिनों ने अंतराल में ही इदलिब प्रांत में करीब 90 हजार लोग अपने घरों को छोड़कर भाग चुके हैं जिनमें से अधिकांश लोग तुर्की प्रांत की ओर पैदल यात्रा कर रहे हैं।

सीरियाई राष्ट्रपति ने नाम पत्र

संत पापा फ्रांसिस ने देश में सन् 2011 के मार्च महीने से शुरू हुई गृहयुद्ध की स्थिति को देखते हुए देश के राष्ट्रपति के नाम पत्र निर्गत किया था जिसके नवीनीकरण की पहल उन्होंने पुनः की है।

हाल ही में, उन्होंने राष्ट्रपति बशर हाफ़िज़ अल-असद को एक पत्र लिखा, जो जून 2019 के अंत में कार्डिनल पीटर टर्कसन द्वारा उनके हाथों में सुर्पुद किया गया था।

इस पत्र में संत पापा ने राष्ट्रपति से इस बात हेतु निवेदन किया था कि देश के नागरिकों के जीवन की रक्षा के अलावे, इदलिब प्रांत में मानवीय तबाही की समाप्ति, विस्थापितों को सुरक्षित वापसी के लिए ठोस पहल, बंदियों की रिहाई और उनके प्रियजनों के बारे में जानकारी प्राप्त करते हुए परिवारों तक पहुंचने और राजनीतिक कैदियों के लिए मानवीय स्थिति में सुधार लाने का प्रयास किया जाये।

देश में शांति बहाल करने हेतु उन्होंने सीरिया के राष्ट्रपति से शांति वार्ता को फिर से शुरू करने और विद्रोही नेताओं के साथ बातचीत करने हेतु आग्रह किया था।

सीरिया में शांति हेतु निवेदन

संत पापा फ्रांसिस ने सीरिया में शांति बहाल हेतु जोर देते हुए सन् 2016 के बाद फिलहाल 2019 में “शत्रुता का शांतिपूर्ण निवारण” शीर्षक पत्र प्रेषित किया है।

उन्होंने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के नाम 2013 में पत्र प्रेषित किया जिसमें उन्होंने “एक-तरफा रूचि” की आलोचना की जो “विचारहीन नरसंहार” का कारण बन रहा है। संत पापा अपने देवदूत प्रार्थनाओं और संदेशों में सीरिया की स्थिति के बारे में कई बार चर्चा की है। कलीसिया के परमाधिकारी चुने जाने के ठीक 18 दिन बाद पास्का पर्व के अवसर पर “विश्व के नाम अपने संदेश में उन्होंने सीरिया में शांति हेतु अपील की थी। उन्होंने कहा, “कितना खून बहा है। और कितने तकलीफें अब भी बाकी हैं जब तक राजनीतिक रुप में इस समस्या का समाधान न निकाला जाये”।   

सीरियाई शरणार्थियों की सहायता

सन् 2016 में प्रधिधर्माध्यक्ष बरथोलोमी प्रथम के संग लेस्बोस के द्वीप की यात्रा के दौरान, संत  पापा फ्रांसिस ने सीरियाई शरणार्थियों को यह कहा कि "आप अकेले नहीं हैं।"

अपनी यात्रा के अंत में, उन्होंने तीन सीरियाई परिवारों को अपने साथ पेपल विमान में रोम लाये और उन्हें इटली में बसाया।

10 February 2020, 16:27