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संत पापा फ्राँसिस संत पापा फ्राँसिस  (ANSA)

2020 आशा और शांति विकसित करने का साल, संत पापा

वाटिकन स्थित संत पेत्रुस महागिरजाघर के प्राँगण में बुधवार 1 जनवरी को, ईश माता मरियम के महापर्व के अवसर पर भक्त समुदाय के साथ देवदूत प्रार्थना का पाठ किया। देवदूत प्रार्थना के पूर्व उन्होंने विश्वासियों को सम्बोधित कर कहा।

उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, बुधवार, 1 जनवरी 2020 (रेई)˸ संत पापा ने कहा, "प्रिय भाइयो एवं बहनो, सुप्रभात एवं नव वर्ष की शुभकामनाएँ।" कल रात हमने साल 2019 का समापन, समय के उपहार और उसमें प्राप्त सभी वरदानों के लिए ईश्वर को धन्यवाद देते हुए किया। आज हम 2020 की शुरूआत उसी कृतज्ञता एवं स्तुति के साथ कर रहे हैं। यह स्पष्ट है कि हमारे ग्रह ने सूर्य की परिक्रमा करने की यात्रा आरम्भ कर दिया है और हम मानव प्राणी उसपर जी रहे हैं। यह हमेशा संभव नहीं होता, निश्चय ही यह चमत्कार है जिसके लिए हमें विस्मित होना और धन्यवाद देना चाहिए।

मुक्ति जादूमंत्र नहीं बल्कि धैर्यशील है

साल के प्रथम दिन की धर्मविधि में ईश्वर की माता मरियम का पर्व मनाया जाता है, नाजरेथ की कुँवारी जिन्होंने येसु मुक्तिदाता को जन्म दिया। वह बालक सभी स्त्रियों एवं पुरूषों, महान मानव परिवार और समस्त विश्व के लिए ईश्वर की आशीष है। येसु ने संसार से बुराई को दूर नहीं किया किन्तु उसपर जड़ से विजय पायी। उनकी मुक्ति कोई जादूमंत्र नहीं है बल्कि धैर्यशील है अर्थात् यह धीरज और प्रेम से असमानता का भार उठाती और उसकी शक्ति को निकाल लेती है। यही कारण है कि हम चरनी पर मनन-चिंतन करते हैं, हम नवीकृत विश्व को विश्वास की नजर से देखते हैं जो बुराई की शक्ति से मुक्त तथा चरनी में लेते बालक ख्रीस्त के शाही आधिपत्य के अधीन है।

ईश्वर की माता

यही कारण है कि ईश्वर की माता हमें अपने पुत्र को प्रस्तुत करते हुए आशीष प्रदान करती है। वे उन्हें अपने बाहों में लेतीं और हमारे लिए प्रस्तुत करती हैं ताकि वे हमें आशीष प्रदान करें, समस्त कलीसिया एवं विश्व को आशीष दें। येसु जैसा कि देवदूतों ने बेतलेहेम में गाया, "वे सभी लोगों के लिए आनन्द हैं वे ईश्वर की महिमा एवं सभी लोगों के लिए शांति हैं।" (लूक. 2:14)

यही वजह है कि संत पापा पौल छाटवें ने साल के प्रथम दिन को शांति को समर्पित किया तथा शांति हेतु प्रार्थना, अंतःकरण की जाँच एवं जिम्मेदारी लेने की सलाह दी। साल 2020 के लिए संदेश यही है कि शांति आशा का मार्ग है, एक रास्ता जिसपर हम वार्ता, मेल-मिलाप और पारिस्थितिक बदलाव द्वारा आगे बढ़ता है।

अतः हम अपनी नजर माता और उनके पुत्र पर लगायें। साल के आरम्भ में हम उनसे आशीष ग्रहण करें।

येसु लोगों के लिए आशीर्वाद

येसु उन लोगों के लिए आशीर्वाद हैं जो नैतिक एवं भौतिक दासता के शोषित हैं। वे प्रेम से मुक्त करते हैं। उन लोगों के लिए जो कैदी बनकर अपना आत्म-सम्मान खो चुके हैं, येसु कहते हैं, "पिता आपको प्यार करते हैं, वे आपको नहीं छोड़ते और बड़े धीरज के साथ आपके आने की प्रतीक्षा करते हैं।" जो लोग अन्याय और शोषण के शिकार हैं और उससे निकलने का कोई रास्ता नहीं पा रहे हैं, येसु भाईचारा का रास्ता खोल देते हैं जहाँ हम स्वागत करनेवाले चेहरे, हृदय और हाथ पायेंगे, जहाँ हम अपने कड़वे अनुभव एवं निराशा को एक-दूसरे को बांट पायेंगे और अपनी प्रतिष्ठा को पुनः प्राप्त करेंगे। जो लोग गंभीर रूप से बीमार हैं तथा परित्यक्त एवं निरूत्साह महसूस करते हैं येसु उनके करीब आते, कोमलता से घाव का स्पर्श करते, उसपर सांत्वना का तेल लगाते तथा दुर्बलता को अच्छाई के कार्य करने की शक्ति में परिणत कर देते हैं। जो लोग कैदखाने में हैं और अपने आप में बंद रहना चाहते हैं येसु प्रकाश की एक छोटी सी किरण से शुरू करके आशा के क्षितिज को खोल देते हैं।  

अपने घमंड के आसन से नीचे उतरें

संत पापा ने ईश माता मरियम का आशीर्वाद लेने की प्रेरणा देते हुए कहा, "प्यारे भाइयो एवं बहनो, हम अपने घमंड के आसन से नीचे उतरें और ईश्वर की माता से आशीर्वाद की याचना करें। वे हमें येसु को प्रस्तुत करती हैं, हम उनका आशीर्वाद ग्रहण करें उनकी अच्छाइयों के लिए अपना हृदय खोलें। इस तरह नया साल आशा और शांति की एक यात्रा हो न केवल शब्दों में बल्कि वार्ता, मेल-मिलाप एवं सृष्टि की देखभाल के दैनिक कार्यों द्वारा।"  

इतना कहने के बाद संत पापा ने भक्त समुदाय के साथ देवदूत प्रार्थना का पाठ किया तथा सभी को अपना प्रेरितिक आशीर्वाद दिया।

01 January 2020, 15:54