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संत पापा फ्राँसिस और संयुक्त राष्ट्र महासचिव अंतोनियो गुटेरेस संत पापा फ्राँसिस और संयुक्त राष्ट्र महासचिव अंतोनियो गुटेरेस  (ANSA)

संत पापा द्वारा मानवीय संकट के प्रति उदासीन न होने का आग्रह

संत पापा फ्राँसिस ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव अंतोनियो गुटेरेस से मुलाकात की। बैठक के अंत में,संत पापा ने एक वीडियो संदेश दिया, जिसमें दुनिया के सामने आने वाली आपातकालीन परिस्थितियों को दूर करने की तत्काल आवश्यकता पर बल दिया गया।

माग्रेट सुनीता मिंज-वाटिकन सिटी

 वाटिकन सिटी, शक्रवार,20 दिसम्बर 2019 (रेई) : संत पापा फ्राँसिस ने शुक्रवार 20 दिसम्बर को वाटिकन में संयुक्त राष्ट्र महासचिव अंतोनियो गुटेरेस से मुलाकात की। बैठक के अंत में,संत पापा फ्राँसिस ने एक वीडियो संदेश दिया। संत पापा के संदेश के बाद संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने संत पापा को स्वागत करने हेतु तहे दिल से धन्यवाद दिया। संत पापा के बाद उन्होंने भी वीडियो संदेश दिया।

संत पापा ने वीडियो संदेश में कहा कि हमारी मुलाकात बहुत अच्छे समय में हो रही है जब क्रिसमस महापर्व के लिए कुछ दिन बाकी रह गये हैं। इस पुण्य समय में हम अपने प्रियजनों और सभी परिस्थितियों को पिता ईश्वर के सम्मुख लाते हैं। हम अपने आपको और सभी लोगों को एक पिता के बच्चों के रुप में स्वीकार करते हैं।  

हम उन सभी भले लोगों के लिए ईश्वर को धन्यवाद देते हैं जो दूसरों की सेवा में अपना जीवन बिताते हैं। हम उन लोगों को भी धन्यवाद  देते हैं जो जीवन से कभी हार नहीं मानते तथा एक अधिक मानवीय और सुदृढ़ समाज का निर्माण करते हैं। हम जानते हैं कि हम खुद को अकेले नहीं बचा सकते।

दुःखद परिस्थितियाँ

अन्याय, असमानता,  गरीबी और दुनिया के उन बच्चों से हम दूर नहीं जा सकते या हमें दूर जाना भी नहीं चाहिए, जो पानी, भोजन या आवश्यक देखभाल के अभाव में मर रहे हैं।

हम बच्चों के खिलाफ किसी भी तरह के दुर्व्यवहार के मामले में दूसरे पक्ष से दूर नहीं जा सकते। हम सभी को मिलकर इस कुरीति से लड़ना होगा।

हम अपने कई भाइयों के लिए अपनी आँखें बंद नहीं कर सकते हैं, जो संघर्ष, हिंसा, गरीबी और जलवायु परिवर्तन के कारण अपने देशों को छोड़ देते हैं और अक्सर दुःखद परिस्थितियों का सामना करते हैं।

हम मानव जीवन के खिलाफ हमलों तथा हर तरह के मानव शोषण के प्रति उदासीन नहीं रह सकते। हमें उन लोगों की हर तरह से मदद करनी चाहिए, जिन्हें देखभाल की जरूरत है।

धर्म का दुरुपयोग

जब दुनिया के विभिन्न हिस्सों में विभिन्न धर्मों के विश्वासियों को सताया जाता है, तो हम उनसे दूर नहीं रह सकते और हमें उनसे दूर रहना भी नहीं चाहिए।

नफरत, हिंसा, उत्पीड़न, उग्रवाद और अंध कट्टरता को प्रोत्साहित करने के लिए धर्म का उपयोग, साथ ही निर्वासन और हाशिए पर जीने के लिए मजबूर करने वालों को ईश्वर के प्रतिशोध का सामना करना होगा।

परमाणु हथियार

हथियारों की होड़ और परमाणु हथियार भी ईश्वर के प्रतिशोध की दुहाई देता है। न केवल परमाणु हथियारों का उपयोग, बल्कि इसको रखना भी अनैतिक है, जिसमें विनाशकारी दुर्घटना की गुंजाइश बनी रहती है। एकमात्र दुर्धटना से पूरी मानवता अंधकार के गर्त में समा सकती है।

हम कई युद्धों के प्रति उदासीन नहीं रह सकते, जहाँ युद्ध जारी है और बहुत सारे निर्दोष लोगों को अपना जीवन खोना पड़ता है।  

लोगों और राष्ट्रों के बीच वार्तालाप, कूटनीति में अंतर्राष्ट्रीय संगठनों की भूमिका और बहुपक्षवाद को समझने की जरुरत है। एक शांतिपूर्ण दुनिया के निर्माण के लिए समझ अपरिहार्य है।

हमारे आम घर की देखभाल

आइए, हम खुद को एक ही मानवता के सदस्य के रूप में पहचानें और हम अपनी भूमि की देखभाल करें, जिसे ईश्वर ने पीढ़ी दर पीढ़ी, हमें हिरासत में दिया है क्योंकि हम इसपर खेती करते हैं और इसे विरासत के रूप में अपने बच्चों के लिए छोड़ देते हैं।

प्रदूषणकारी उत्सर्जन को कम करने और एक अभिन्न पारिस्थितिकी के लिए प्रतिबद्धता की तत्काल आवश्यकता है। आइये, हम कुध करें, इसके पहले कि बहुत देर हो चुकी हो!

आज कई युवाओं की आवाजें, हमें इस बात से अवगत कराने में मदद करती हैं कि आज दुनिया में क्या हो रहा है। वे हमसे शांति के बीज बोने की मांग करते हैं। अकेले नहीं किन्तु साथ मिलकर हम एक अधिक मानव और सभ्य समाज का निर्माण कर पायेंगे।

क्रिसमस, अपना वास्तविक सादगी में, हमें याद दिलाता है कि वास्तव में जीवन में प्यार ही मायने रखता है है।

20 December 2019, 15:02