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वाटिकन के महागिरजाघर में प्रार्थना करते संत पापा फ्राँसिस वाटिकन के महागिरजाघर में प्रार्थना करते संत पापा फ्राँसिस   (ANSA)

प्रार्थना हमेशा भ्रातृत्व की भावना उत्पन्न करती है

संत पापा फ्राँसिस ने 9 नवम्बर को रोम स्थित संत जॉन लातेरन महागिरजाघर के प्रतिष्ठापन पर्व के अवसर पर ट्वीट संदेश में प्रार्थना एवं भ्रातृत्व की भावना के बीच गहरे संबंध पर प्रकाश डाला।

उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, शनिवार, 9 नवम्बर 2019 (रेई)˸ प्रार्थना और प्रेम को एक-दूसरे से अलग नहीं किया जा सकता। प्रार्थना से ही प्रेम की भावना उत्पन्न होती है जिससे प्रेरित होकर व्यक्ति भाई-बहनों की सेवा में आगे बढ़ता है।  

संत पापा फ्राँसिस ने 9 नवम्बर रोम स्थित संत जॉन लातेरन महागिरजाघर के प्रतिष्ठापन पर्व के अवसर पर ट्वीट संदेश में प्रार्थना एवं भ्रातृत्व की भावना के बीच गहरे संबंध को प्रकट किया।

उन्होंने संदेश में लिखा, "प्रार्थना हमेशा भ्रातृत्व की भावना उत्पन्न करती है, यह घेरे को तोड़ती, सीमाओं को पार करती, अदृश्य किन्तु सच्चा और प्रभावशाली संबंधों का निर्माण करती है तथा आशा के क्षितिज को खोलती है।"

संत जॉन लातेरन महागिरजाघर के प्रतिष्ठापन पर्व के उपलक्ष्य में संत पापा फ्राँसिस आज शाम 5.30 बजे संत जॉन लातेरन महागिरजाघर में समारोही ख्रीस्तयाग अर्पित करेंगे। संत जॉन लातेरन महागिरजाघर को रोम और विश्व के सभी गिरजाघरों की माता एवं शीर्ष महागिरजाघर माना जाता है। यह रोम के धर्माध्यक्ष का महागिरजाघर है।    

09 November 2019, 13:14