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बैंकॉक के सेन्ट लूईस अस्पताल की भेंट बैंकॉक के सेन्ट लूईस अस्पताल की भेंट  (ANSA)

बैंकॉक के सेन्ट लूईस अस्पताल में रोगियों के प्रति एकातमता

बैंकॉक के वत रक्षाभोपित सतहित सिमरन बौद्ध मन्दिर में गुरुवार को बौद्ध परमगुरु महामुनी के साथ साक्षात्कार के उपरान्त सन्त पापा फ्राँसिस ने शहर के काथलिक अस्पताल सेन्ट लूईस में रोगियों, उपचारकों एवं चिकित्सकों से मुलाकात की।

जूलयट जेनेवीव क्रिस्टफर-वाटिकन सिटी

बैंकॉक, गुरुवार, 21 नवम्बर, 2019 (रेई, वाटिकन रेडियो): बैंकॉक के वत रक्षाभोपित सतहित सिमरन बौद्ध मन्दिर में गुरुवार को बौद्ध परमगुरु महामुनी के साथ साक्षात्कार के उपरान्त सन्त पापा फ्राँसिस ने शहर के काथलिक अस्पताल सेन्ट लूईस में रोगियों, उपचारकों एवं चिकित्सकों से मुलाकात की।

बैंकॉक का सेन्ट लूईस बाल अस्पताल

सेन्ट लूईस बाल अस्पताल इस वर्ष अपनी स्थापना की 120 वीं जयन्ती मना रहा है। सन् 1898 ई. में सियाम के परमधर्मपीठीय प्रेरितिक प्रशासक महाधर्माध्यक्ष लूईस द्वारा इस अस्पताल की आधार शिला रखी गई थी। अस्पताल का मिशन "जहाँ प्रेम है, वहाँ ईश्वर है" आदर्श वाक्य पर आधारित है। आज इसका संचालन प्रतिष्ठित डॉक्टरों, उपचारिकाओं और शोधकर्ताओं की एक टीम द्वारा अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरणों की मदद से किया जा रहा है।

सन्त पापा से साक्षात्कार

काथलिक कलीसिया के परमाध्यक्ष सन्त पापा फ्राँसिस का साक्षात्कार करने सेन्ट लूईस अस्पताल के रंगभवन में गुरुवार को लगभग 700 चिकित्सक, उपचारक एवं कर्मचारी उपस्थित हुए थे। इस अवसर पर सन्त पापा ने प्रभु ईश्वर के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया और कहा कि यह ईश्वर का अनुग्रह ही है जिसके चलते वे, थाईलैण्ड के लोगों और, विशेष रूप से, यहाँ के ज़रूरतमन्दों को, कलीसिया द्वारा अर्पित अनुपम सेवा के चश्मदीद गवाह बने। इस अवसर पर उन्होंने प्रेम, दया चंगाई और मानव जीवन की रक्षा जैसे मानवीय मूल्यों को प्रकाशित किया।

पीड़ितों के संग

अस्पताल के रोगियों एवं विकलांगों को सन्त पापा ने अपना आशीर्वाद प्रदान किया और कहगा कि इस प्रकार, भले ही चन्द क्षणों के लिये, वे पीड़ितों के संग उनकी पीड़ा में उनके साथ हैं। सेन्ट लूईस अस्पताल को सन्त पापा ने शिशु येसु को गोद लिये माँ मरियम को दर्शाते एक भित्त चित्र की प्रतिलिपि भी उपहार स्वरूप भेंट की।
 

21 November 2019, 12:26