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थाईलैंड के सरकारी प्रतिनिधियों को संदेश देते हुए संत पापा फ्रांसिस थाईलैंड के सरकारी प्रतिनिधियों को संदेश देते हुए संत पापा फ्रांसिस   (Vatican Media)

थाईलैंड में संत पापा, न्याय और सद्भाव में रहने की प्रतिबद्धता

संत पापा फ्रांसिस ने थाईलैंड के सरकारी प्रतिनिधियों, राजनीतिक और धार्मिक नेताओं, राजनयिकों और नागर समाज के प्रतिनिधियों को अपना पहला आधिकारिक संदेश दिया। अन्य बातों के अलावा, संत पापा ने उन्हें याद दिलाया कि किसी भी व्यक्ति द्वारा सामान्य भलाई के कार्यों को करना संभ्रांत कार्यों में से एक है।

माग्रेट सुनीता मिंज-वाटिकन सिटी

बैंकॉक,गुरुवार 21 नवम्बर 2019 (रेई) : संत पापा फ्राँसिस ने अपनी थाईलैंड की यात्रा के दौरान गुरुवार पूर्वाहन को बैंकॉक के गवर्मेंट हाउस में देश के प्रधान मंत्री, संसद के सदस्यों, राजनायिकों, राजनीतिक तथा धार्मिक नेताओं और नागर समाज के प्रतिनिधियों से मुलाकात की और उन्हें अपना पहला आधिकारिक संदेश दिया।

संत पापा ने माननीय प्रधान मंत्री के स्वागत भाषण के लिए धन्यवाद दिया तथा उन्होंने थाईलैंड को "सदियों पुरानी आध्यात्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं का संरक्षक" बताया, एक बहु-नैतिक और विविध राष्ट्र जिसे "अपने कई जातीय समूहों के बीच सौहार्द और शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व के लिए जाना जाता है।"

वैश्वीकरण

संत पापा फ्राँसिस ने कहा कि वैश्वीकरण को अक्सर संकीर्ण आर्थिक दृष्टि से देखा जाता है और यह “हमारे लोगों की सुंदरता और आत्मा को आकार देने वाली विशिष्ट विशेषताओं को मिटा देता है।” एकता का अनुभव जो विविधता को स्वीकार करता और सम्मान करता है, हम सभी के लिए प्रेरणा और प्रोत्साहन के रूप में कार्य करता है,जो इस तरह की दुनिया अपने बच्चों के लिए छोड़ना चाहते हैं।”

अंतरधार्मिक संवाद

संत पापा ने कहा कि वे सर्वोच्च बौद्ध धर्मगुरु के साथ "दोस्ती और परस्पर संवाद को बढ़ावा देने के महत्व और तात्कालिकता के संकेत" के रूप में अपनी बैठक की प्रतीक्षा कर रहे हैं। उन्होंने थाईलैंड के "छोटे लेकिन जीवंत काथलिक समुदाय" की प्रतिबद्धता की पुष्टि की, जो हमें हमारे कई भाइयों और बहनों के क्रंदन के प्रति संवेदनशील होने के लिए प्रेरित करता है, जो गरीबी, हिंसा और अन्याय के संकटों से मुक्त होने के लिए तरस रहे हैं।"

स्वतंत्रता

थाईलैंड का शाब्दिक अर्थ है, "मुक्त भूमि"। संत पापा फ्राँसिस ने इस तथ्य को संदर्भित करते हुए कहा कि हम जानते हैं कि स्वतंत्रता केवल तभी संभव है, जब हम एक-दूसरे के लिए सह-जिम्मेदार महसूस करते और हर प्रकार की असमानता को दूर करने में सक्षम होते हैं।" इसलिए, "यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता है कि व्यक्तियों और समुदायों के पास शिक्षा, गरिमापूर्ण श्रम और स्वास्थ्य देखभाल की व्यवस्था तक उनकी पहुंच है। न्यूनतम स्तर पर स्थिरता को प्राप्त करना, एक अभिन्न मानव विकास को सक्षम बनाता है।

प्रवास

संत पापा फ्राँसिस ने प्रवासन के मुद्दे की ओर सबका ध्यान आकर्षित कराया, जिसे उनहोंने "हमारे समय के परिभाषित संकेतों में से एक" और "हमारी पीढ़ी के सामने आने वाले प्रमुख नैतिक मुद्दों में से एक" कहा। संत पापा ने थाईलैंड वासियों को प्रवासियों और शरणार्थियों का स्वागत और स्वीकार करने हेतु सहृद धन्यवाद दिया और उनकी उम्मीद है कि अंतर्राष्ट्रीय समुदाय इस दुखद पलायन को जन्म देने वाले मुद्दों का हल निकालने के लिए जिम्मेदारी और दूरदर्शिता के साथ कार्य करेगा और सुरक्षित, व्यवस्थित एवं विनियमित प्रवासन को बढ़ावा देगा।

शोषण

संत पापा ने उन सभी महिलाओं और बच्चों की ओर से भी कहा, जो "शोषण, दासता, हिंसा और दुर्व्यवहार के हर रूप का शिकार बनते हैं।" उन्होंने फिर से, थाई सरकार के प्रयासों के लिए आभार व्यक्त किया जो इस बुराई को जड़ से उखाड़ने का काम कर रहे हैं। संत पापा ने यह भी याद दिलाया कि यह वर्ष बाल और किशोर के अधिकारों पर सम्मेलन की स्थापना की तीसवीं वर्षगांठ है। उन्होंने कहा "हमारा भविष्य, बड़े पैमाने पर हमारे अपने बच्चों के सम्मानजनक भविष्य से जुड़ा हुआ है।

अतिथि-सत्कार

संत पापा ने अंत में थाई अधिकारियों, राजनयिकों और नागर समाज के प्रतिनिधियों से कहा कि हमारे समाजों को "आतिथ्य के कारीगरों" की आवश्यकता है। पुरुषों और महिलाओं को न्याय,एकजुटता और भ्रातृत्व सौहार्द के साथ सभी लोगों के अभिन्न विकास के प्रति प्रतिबद्ध होने की आवश्यकता है। संत पापा फ्राँसिस ने कहा,"आप में से प्रत्येक ने, विभिन्न तरीकों से, इस राष्ट्र के प्रत्येक कोने तक पहुँचने के लिए सामान्य भलाई की सेवा को सक्षम बनाने हेतु अपना जीवन समर्पित किया है; यह किसी भी व्यक्ति द्वारा किए जाने वाले संभ्रांत कार्यों में से एक है।

 

21 November 2019, 14:18