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अमाजोन के लिए धर्माध्यक्षीय धर्मसभा अमाजोन के लिए धर्माध्यक्षीय धर्मसभा  

अमाजोन सिनॉड ब्रीफिंग: नेटवर्किंग और सह-जिम्मेदारी

अमाजोन के लिए धर्माध्यक्षीय धर्मसभा के अंतिम दस्तावेज़ के प्रारुप पर चर्चा जारी है, चार सिनॉड प्रतिभागियों ने मंगलवार दोपहर को वाटिकन प्रेस कार्यालय में प्रेस ब्रीफिंग के दौरान अपने विचार और अनुभव साझा किए।

माग्रेट सुनीता मिंज-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, बुधवार 23 अक्टूबर 2019 (वाटिकन न्यूज)  : मंगलवार, छोटे दलों में अंतिम दस्तावेज़ के प्रारुप पर चर्चा करने का अंतिम दिन था। धर्मसभा सूचना आयोग के सचिव, जेसुइट फादर जाकोमो कोस्टा ने कहा कि प्रतिभागी "अभी भी सुन रहे हैं और योगदान दे रहे हैं।" अंतिम दस्तावेज तैयार करने के लिए जिम्मेदार लोगों को परिणाम सौंप दिए जाएंगे और धर्मसभा शनिवार को मतदान करेगी।

सुश्री जूडित दा रोचा

सुश्री जूडिट दा रोचा ब्राजील में बांधों से प्रभावित पीड़ितों के आंदोलन का राष्ट्रीय समन्वयक है। उन्होंने जलविद्युत केंद्रों द्वारा उत्पन्न खतरों और नदियों के किनारे रहने वाले लोगों तथा मछुआरों की समस्याओं पर प्रकाश डाला। सुश्री दा रोचा ने बेघर हुए परिवारों, विस्थापित हुए समुदायों, नष्ट हुई परंपराओं और संस्कृतियों, महिलाओं पर हो रहे घरेलू हिंसा और यौन उत्पीड़न के बारे में साझा किया।

उन्होंने कहा कि हमें ऊर्जा और बिजली उत्पादन के अन्य तरीकों को विकसित करने की जरूरत है।

महाधर्माध्यक्ष हेक्टर मिगुएल कैबरेहोस विदार्ते

ट्रूजिलो के महाधर्माध्यक्ष हेक्टर मिगुएल कैबरेहोस विदार्ते, ओ.एफ.एम, पेरू अमेरिकी धर्माध्यक्षीय सम्मेलन और लैटिन अमेरिकी धर्माध्यक्षीय सम्मेलन के अध्यक्ष हैं। उन्होंने पत्रकारों से कहा कि धर्मसभा प्रकृति और मानवता दोनों पर ध्यान आकर्षित कर रही है।

महाधर्माध्यक्ष ने कहा कि प्रकृति जैव विविधता और पारिस्थितिकी है और यह एक संयोग नहीं है कि धर्मसभा असीसी के संत फ्राँसिस को समर्पित है, जिन्होंने प्रकृति के लिए अपने प्यार को इतनी अर्थपूर्ण तरीके से व्यक्त किया। मनुष्य को प्रकृति के साथ एक सम्मानजनक रिश्ते का आनंद लेने के लिए वापस लौटना चाहिए। उन्होंने कहा,“पृथ्वी के प्रति सम्मान हमें ईश्वर के साथ जोड़ता है।”

महाधर्माध्यक्ष हेक्टर के अनुसार, अस्तित्ववादी विषयों और मानव व्यक्ति की केंद्रीयता पर चर्चा करने के लिए हमें “गंभीर और अधिक साहसी होने की आवश्यकता है।” “पारस्परिक संबंधों” के महत्व पर जोर देते हुए, उन्होंने पुष्टि की, कि अमाजोन के नौ देशों को प्रभावित करने वाले मुद्दे “राष्ट्रीय सीमाओं से परे हैं।”

धर्माध्यक्ष कारेल मार्टिनुस चोएन्नी

सूरीनाम की राजधानी परमारिबो के धर्माध्यक्ष कारेल मार्टिनस चोएन्नी ने अपनी गवाही दी। उन्होंने कहा कि अपने देश का 92% हिस्सा अभी भी हरा-भरा है, "लेकिन अगर ग्लोबल वार्मिंग जारी रहता है" तो यह अमाजोन को नष्ट कर देगा। "जलवायु परिवर्तन हम सभी को प्रभावित करता है", उन्होंने "कैरिबियन में तूफान की घटना" का उदाहरण दिया।  

उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, “यूरोप, अमेरिका, चीन और जापान को अपनी जीवन शैली बदलनी चाहिए, अन्यथा हम आत्म-विनाश की राह पर हैं।” हमें “एकजुटता” की एक नई अर्थव्यवस्था की आवश्यकता है, क्योंकि वर्तमान अर्थव्यवस्था “अगली पीढ़ी के लिए अन्यायपूर्ण है।” उन्होंने रचनात्मकता की कमी और राजनीतिक ठहराव की निंदा की और सत्ता के राजनेताओं से सही समाधान खोजने हेतु आग्रह किया।

कार्डिनल फ्रिडोलिन अंबोंगो बेसुंगु

कार्डिनल फ्रिडोलिन अंबोंगो बेसुंगु, ओ.एफ.एम. कपुचिन, डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो में किंशासा का महाधर्माध्यक्ष हैं। उन्होंने कहा कि अमाजोन के लिए धर्मसभा में अफ्रीका,विशेष रूप से, कांगो बेसिन का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। कार्डिनल ने अमाजोन क्षेत्र और कांगो बेसिन के बीच समानता का वर्णन करते हुए कहा कि वे दोनों "गैर-जिम्मेदार शोषण के कारण संकटग्रस्त हैं" और यह कि दोनों क्षेत्रों के लोगों का वजूद समाप्त या नष्ट होने के कगार पर है।

उनकी प्रस्तुति का मुख्य मुद्दा “सह-जिम्मेदारी” और “जवाबदेही” था। उन्होंने विश्व नेताओं को और अधिक जिम्मेदार होने का आह्वान किया। कार्डिनल बेसंगु ने कहा, “धर्मसभा मानवता को आशा दे रही है कलीसिया के रूप में हमें हिम्मत करनी चाहिए।”

नेटवर्किंग के बारे में एक सवाल

 प्रेस कार्यालय में उपस्थित पत्रकारों ने कलीसिया के अंदर और बाहर दोनों जगह नेटवर्किंग के विभिन्न रूपों से संबंधित प्रश्न पूछा।

कार्डिनल बेसुंगु ने कांगो बेसिन के लिए समन्वित प्रयासों का वर्णन किया और इन्हें पूरे इक्वाटोरियल जंगल में फैलाया गया है, जिसका शाब्दिक अर्थ है “सीमाओं से परे जाना।”

महाधर्माध्यक्ष कैबरेहोस विदार्ते ने धर्मसभा के निष्कर्ष को लागू करने का निर्णय लेने की बात कही। उन्होंने एक "कलीसियाई संस्था" के रूप में "जीवंत और सक्रिय" नेटवर्क बनाने की इच्छा व्यक्त की, जो अमाजोन क्षेत्र के सभी देशों को एकजुट करेगा।

सुश्री दा रोचा ने बहुराष्ट्रीय कंपनियों के प्राकृतिक संसाधनों के दोहन के प्रभावों, मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दे, अवसाद, यहां तक कि आत्महत्या का वर्णन किया। लोगों से कहा जाता है कि "स्थान छोड़ो या मरो।"  उन्होंने कहा कि सामाजिक-सांस्कृतिक प्रभाव दर्द और पीड़ा पहुँचाता है।

भविष्यवाणी के बारे में एक सवाल

यह पूछे जाने पर कि कलीसिया इस मुद्दे को किस प्रकार दुनिया के सामने प्रकट कर सकती है धर्माध्यक्ष चोएन्नी ने कहा कि "इसका उत्तर शिक्षा है।" उन्होंने कहा कि लोगों को "समस्या की तात्कालिकता का कोई एहसास नहीं है" और वे अपनी जीवन शैली का त्याग करने के लिए तैयार नहीं हैं।

धर्माध्यक्ष ने कहा कि वनों को बचाने और हमारी जीवन शैली को बदलने की इच्छा के बीच एक "विरोधाभास" है।

महाधर्माध्यक्ष कैबरेहोस विदार्ते ने "हमारे सामान्य घर की देखभाल करने की प्रतिबद्धता पर ध्यान देने की आवश्यकता पर जोर दिया।"। उन्होंने दोहराया कि "अमाजोन और जलवायु परिवर्तन के बीच एक संबंध" है, यह कोप 25 पर चर्चा की जाएगी, संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन सम्मेलन, दिसंबर में चिली में होने वाली है।

पहल के बारे में एक सवाल

प्रस्तावों और पहलों के संदर्भ में, सुश्री जुडित दा रोचा ने याद किया कि अमोजोन के आदिवासी लोगों के पास "अस्तित्व और प्रतिरोध का इतिहास" है। उन्होंने कहा, "कलीसिया और समाज को एक साथ काम करना चाहिए," पहले से ही जो काम चालू है उसी को और मजबूत करने की जरुरत है।

इस संबंध में, कार्डिनल बेसुंगू ने अपना अनुभव साझा किया। उन्होंने कहा कि कांगो में खानों के शोषण के विषय में, कलीसिया एनजीओ के साथ काम करने और वकालत की गतिविधियों को बढ़ावा देने के कारण, ओबामा प्रशासन के तहत संयुक्त राज्य अमेरिका में एक कानून को मंजूरी मिल गई। फिर भी, बड़े निगमों के हितों के लिए कानूनी फैसले लागू करना मुश्किल हो जाता है। यही कारण है कि हमें एक "वैश्विक दृष्टिकोण" और अधिक सह-जिम्मेदारी दिखाने की आवश्यकता है।

23 October 2019, 16:00