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सिनॉड में भाग लेते प्रतिभागी सिनॉड में भाग लेते प्रतिभागी  (AFP or licensors)

सिनॉड धर्माचार्यों की दूसरी बैठक का सार

सिनॉड में भाग लेनेवाले प्रतिभागियों ने सोमवार को दूसरे बैठक में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार किया। अंतिम दस्तावेज के विस्तार हेतु आयोग के सदस्यों की नियुक्ति की गयी और साथ ही साथ सूचना आयोग का भी गठन किया गया।

उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी

सोमवार को दूसरी बैठक में अमाजोन पर सिनॉड के धर्माध्यक्षों ने अंतिम दस्तावेज के विस्तार आयोग एवं सूचना आयोग का गठन किया।

आयोग के चार सदस्यों का चुनाव किया गया और तीन अन्य सदस्यों की नियुक्ति संत पापा फ्राँसिस आने वाले दिनों में करेंगे।

सिनॉड के धर्माध्यक्षों ने निम्नलिखित मुद्दों पर बहस किया-

जलवायु

उन्होंने जलवायु परिवर्तन से संघर्ष करने में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला, जिसमें स्वीडेन की युवा कार्यकर्ता ग्रेता थनबर्ग की याद की गयी। जलवायु परिवर्तन पर चिंतन करते हुए सिनॉड के धर्माचार्यों ने कहा कि जलवायु एक सार्वजनिक संसाधन है जिसकी रक्षा की जानी जाहिए और उसे भावी पीढ़ी के लिए सुरक्षित रखा जाना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि जीवाश्म ईंधन के प्रयोग को रोका जाना चाहिए विशेषकर, औद्योगिक देशों में यह प्रदूषण का मुख्य कारण है।    

जल

दूसरा मुद्दा जिसपर सिनॉड के धर्माध्यक्षों ने विचार किया, वह था जल। उन्होंने भूमिगत जल के रसायनिक प्रदूषण से रक्षा पर जोर दिया जो बहुराष्ट्रीय उत्पादन के द्वारा उत्पन्न होता है। उन्होंने वर्तमान में आदिवासी लोगों को प्रभावित करने वाले सक्रिय औद्योगिक खनन पर विशेष ध्यान दिया। उन्होंने कहा कि जल की रक्षा के द्वारा आदिवासी लोगों को जीवित रहने में मदद दिया जा सकता है।

धार्मिक पूजा-पाठ का अधिकार

आदिवासी लोगों के धार्मिक अनुष्ठानों के संबंध में धर्माध्यक्षों ने कहा कि कलीसिया उन सभी के प्रति उदार विचार रखती है जो अंधविश्वास से जुड़ा नहीं हैं और पूजा की सच्ची भावना से मनाये जाते हैं।

संस्कार

अंततः धर्माध्यक्षों ने कार्य दस्तावेज के लिए एक प्रस्ताव पर विचार किया कि जहाँ पुरोहितों की कमी है वहाँ पर संस्कारों को किस तरह उपलब्ध किया जाए।

08 October 2019, 16:40