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अमाजोन के आदिवासी प्रतिनिधियों से संत पापा की भेंट अमाजोन के आदिवासी प्रतिनिधियों से संत पापा की भेंट  (Vatican Media)

अमाजोन आदिवासी प्रतिनिधियों से पापा की भेंट

संत पापा फ्रांसिस ने बृहस्पतिवार को अमाजोन के आदिवासी समुदाय के प्रतिनिधियों से मुलाकात की।

दिलीप संजय एक्का-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, शुक्रवार, 18 अक्टूबर (2019) संत पापा फ्रांसिस ने बृहस्पतिवार को दोपहर के साढ़े तीन बजे, धर्माध्यक्ष रोके पालोची, पोर्तो वेल्हो के महाधर्माध्य और कार्डिनल क्लाउदियो ह्यूम की अगुवाई में अमाजोन के 40 आदिवासी प्रतिनिधियों से एक व्यक्तिगत मुलाकात की जो धर्मसभा में पान-अमाजोनिया प्रांत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।

संत पापा के प्रति कृतज्ञता 

इस मिलन के दौरान दो आदिवासी प्रतिनिधियों, एक नर और दूसरी नारी ने पूरे पान-अमाजोनिया के नाम एक छोटा संबोधन पत्र पढ़ा जिसका सार संत पापा फ्रांसिस के प्रति कृतज्ञता के भाव थे। संबोधन पत्र में संत पापा के प्रति आदिवासी समुदाय ने अपने हृदय के उद्गार प्रकट करते हुए इस बात हेतु निवेदन किया कि वे उन्हें शांति और खुशी में जीवनयापन, उनकी भूमि, जल, जंगल और जमीन की रक्षा हेतु उनकी मदद करें, जिसे आने वाली पीढ़ी उनका आनंदमय उपयोग कर सके। 

सुसमाचार एक बीज  

संत पापा ने इसके उत्तर में इस बात पर जोर देते हुए कहा कि सुसमाचार एक बीज के समान है जो भूमि पर गिरता और उस भूमि की विशेषताओं के अनुरूप बढ़ता है। अमाजोन प्रांत में उत्पन्न हो रही एक नये प्रकार के उपनिवेश के बारे में उन्होंने अपनी चिंता व्यक्त की। अंत में उन्होंने ख्रीस्तीयता के उद्भव का जिक्र करते हुए कहा कि इसकी उत्पत्ति यहूदी समाज में हुई लेकिन यह ग्रीक और लैटिन भूमि में प्रसारित हुआ और दूसरे देशों जैसे कि स्लाविक, पूर्वी और अमेरीका में फैल गई। संत पापा ने कहा, “सुसमाचार को सांस्कृतिक अनुकूलनता की जरूरत है क्योंकि “लोग अपनी संस्कृति के अनुसार येसु के वचनों को अच्छी तरह से समझते हैं।”

18 October 2019, 17:26