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अमाजोन सिनॉड ब्रीफिंग: पारिस्थितिक पाप और अभिन्न प्रतिक्रियाएं

वाटिकन प्रेस कार्यालय में अमाजोन सिनॉड के पांचवें दिन की ब्रीफिंग में चार सिनॉड प्रतिभागियों ने अब तक की चर्चाओं को साझा किया और पत्रकार के सवालों का जवाब दिया।

माग्रेट सुनीता मिंज-वाटिकन सिटी 

वाटिकन सिटी, शनिवार 12 अक्टूबर 2019 (वाटिकन न्यूज) :  अमाजोन सिनॉड के पांचवें दिन की ब्रीफिंग में मेक्सिको के महाधर्माध्यक्ष कार्डिनल कार्लोस अगुएर रेतेस, ब्राजील, पालमास के महाधर्माध्यक्ष पेद्रो ब्रिटो गुईमारेस, ब्राजील, रियो ब्रांको के धर्माध्यक्ष जाकविन पेरतिनेज फर्नांडीस और मेडिकल मिशनरी धर्मबहन ब्रिजीट वीलर थे।

कार्डिनल कार्लोस अगुएर रेतेस

कार्डिनल कार्लोस अगुएर रेतेस ने "पर्यावरण परिवर्तन" के लिए हमारी प्रतिबद्धता के बारे कहा। जलवायु परिवर्तन ने "गरीबों के कष्टों" को बढ़ा दिया है और "अभिन्न पारिस्थितिकी" कलीसिया की प्रतिबद्धता है। कार्डिनल कार्लोसने कहा कि एक अभिन्न पारिस्थितिकी का अर्थ है जीवन शैली में बदलाव, फेंकने वाली संस्कृति को त्यागना। यह आवश्यक है कि हम इनके प्रति जागरूकता बढ़ाएं, क्योंकि इनके द्वारा पृथ्वी के सबसे गरीब लोग ही ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं।

ब्राजील, पालमास के महाधर्माध्यक्ष पेद्रो ब्रिटो गुईमारेस

महाधर्माध्यक्ष पेद्रो ने कहा कि वे ब्राजील के केंद्र में स्थित सबसे युवा राज्य से आते हैं। जहाँ 1.5 मिलियन लोग रहते हैं, साथ में 9 मिलियन मवेशी भी हैं। मवेशी अक्सर लोगों की तुलना में बेहतर स्वास्थ्य सेवा का आनंद लेते हैं। ऐसा इसलिए है क्योंकि उनका मांस विदेशों में निर्यात किया जाता है। महाधर्माध्यक्ष पेद्रो ने कहा कि इस क्षेत्र में प्राथमिक पशु आहार सोयाबीन है, लेकिन अत्यधिक फसल उगाने के कारण पृथ्वी पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है। सोया उगाने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले कीटनाशकों और रसायनों ने नदियों को प्रदूषित कर दिया है। मवेशियों की देखभाल के लिए बहुत पानी की भी आवश्यकता होती है और यह भी प्राकृतिक संसाधनों को नष्ट करने की जोखिम है। यह पर्यावरण के विरुद्ध पाप है। इसे हमें स्वीकारने की जरुरत है।

धर्माध्यक्ष जोवाकिन पर्टीनिज फर्नांडीज ओ.ए.आर रियो ब्रांको (ब्राजील)

धर्माध्यक्ष जोवाकिन ने अपने अमाजोन क्षेत्र के इतिहास के बारे में बात की। उन्होंने कहा कि अन्य लोगों को इसके बारे अच्छी तरह से ज्ञात नहीं है, यह इसलिए क्योंकि स्थानीय संस्कृति पत्थर के बजाय लकड़ी पर आधारित है, इसलिए चीजें अधिक आसानी से विघटित हो जाती हैं। उन्होंने कहा कि वे उन शहीदों की धरती से आते हैं जहां "हर पेड़ के नीचे एक शहीद को दफनाया गया है।" धर्माध्यक्ष जोवाकिन ने बताया कि कैसे इस क्षेत्र के लोगों को गुलाम बनाया गया था। उन्होंने कहा कि अपने नियोक्ताओं को अपनी उपज बेचने के लिए मजबूर किया गया था, वे ऐसी स्थिति में फंस गए जिससे वे शायद ही कभी जिंदा निकल पाएँ हों।

धर्माध्यक्ष जोवाकिन ने बताया कि दूरी और संचार की कमी के कारण कलीसिया इस "मानव पीड़ा के स्थान" में मौजूद नहीं थी, धर्माध्यक्ष को डोंगी द्वारा इस क्षेत्र तक पहुंचने में एक महीने का समय लग सकता है। धर्माध्यक्ष जोवाकिन ने कहा कि इस क्षेत्र के लोगों को हिंसा के अपने सभी "दुःख और क्रूर इतिहास" से उबरने में लंबा समय लगेगा। इससे पहले कि वे खुद सोचने और निर्णय लेने में स्वतंत्र महसूस करें, उन्हें कई पीढ़ियां लगेंगी।

मेडिकल मिशनरी धर्मबहन ब्रिजीट वीलर

सिस्टर ब्रिजीट वीलर ने यह पुष्टि करते हुए अपनी प्रस्तुति शुरू की कि अमाजोन की इस नाटकीय स्थिति का सामना करने के लिए कलीसिया अमाजोन के लोगों के साथ मिलकर चलना चाहती है। उन्होंने ‘इंस्ट्रूमेंटुम लबोरिस’ का हवाला देते हुए कहा कि कलीसिया को पूरे ग्रह के स्वास्थ्य को संबोधित करने के लिए "भविष्यवाणी" के साथ बोलने की आवश्यकता है। सिस्टर वीलर ने कहा, आदिवासी लोगों की संस्कृति का स्वागत करने की और उनके आदर्श "बीन विविर" को स्वीकार करने की आवश्यकता है। "बीन विविर" का अर्थ है कि आम लोगों के बीच बड़े समुदाय में और पृथ्वी के साथ एकजुटता में रहना।

उन्होंने कहा कि जब हम पृथ्वी का गलत तरीके से प्रयोग करते हैं, तो हम खुद इसका परिणाम भोगते हैं। सिस्टर वीलर ने कलसिया के सभी स्तरों पर एक अभिन्न पारिस्थितिकी की शुरुआत करने का आह्वान किया और प्लास्टिक के उपयोग को शून्य करने का सुझाव दिया। उसने आदिवासियों के पक्ष में वकालत करने की भी बात कही, खासकर जब उनके अधिकारों का उल्लंघन किया गया है।

बहुराष्ट्रीय निगमों के बारे में एक प्रश्न

धर्मबहन वीलर ने भी कंपनियों द्वारा बहुराष्ट्रीय कानून का अनुपालन नहीं करने के संबंध में पहले सवाल का जवाब दिया। उसने पुष्टि की कि हम सभी एक आमघर में रहते हैं इसलिए दूसरों के अधिकारों के लिए लड़ना महत्वपूर्ण है। फिर उसने उदाहरण दिया कि कैसे जर्मनी ने एक कानून पारित किया है जिसके अनुसार पर्यावरणीय क्षति का कारण बनने वाली कंपनियों को अन्य देशों में उस क्षति को पूरा करने पर भी जवाबदेह ठहराया जाता है।

अलग रहने वाले आदिवासी समुदायों के बारे में एक प्रश्न

पालमास के महाधर्माध्यक्ष पेद्रो ने अलग रहने वाले आदिवासी समुदायों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि  कुछ समुदाय खुद अलग-थलग रहने के लिए चुनते हैं। दूसरों को अलग रहने के लिए या दूर भागने के लिए मजबूर किया जाता है क्योंकि उनके क्षेत्र पर आक्रमण किया जा रहा है। वे घने जंगलों में रहने के लिए जाते हैं। अन्य लोगों के साथ उनका कोई संपर्क नहीं रहता है। कभी-कभी उन तक पहुंचना असंभव है। जिनमें कुछ तो आम सर्दी से या बीमारियों से मर जाते हैं। इन अलग-थलग लोगों के साथ कोई संपर्क नहीं होने से, हम नहीं जानते कि वे कैसे सोचते हैं, या वे क्या चाहते हैं। धर्मसभा इस विषय पर चर्चा कर रही है। उन्होंने कहा कि कलीसिया के लिए अपने तरीके से जीने के अधिकार की रक्षा करना महत्वपूर्ण है।

एवांजेलिकल कलीसियाओं के बारे में एक सवाल

कार्डिनल कार्लोस ने अमाजोन क्षेत्र में एवांजेलिकल कलीसियाओं की उपस्थिति की पुष्टि की। उनहोंने कहा कि लोग "सबसे पहले ईश्वर का वचन चाहते हैं"। उन्होंने कुछ अध्ययनों का हवाला देते हुए कहा कि लोगों को एक कलीसिया से दूसरी कलीसिया में जाते हुए पाया गया है, लेकिन इस मुद्दे का ठीक से विश्लेषण करने में समय लगेगा। कभी-कभी यह सिर्फ इसलिए होता है क्योंकि लोग अपनी कठिनाइयों को हल करने की उम्मीद में विभिन्न क्षेत्रों में विभिन्न कलीसियाओं के दरवाजों पर दस्तक देते हैं।

महाधर्माध्यक्ष पेद्रो ने कहा कि विशाल दूरी को देखते हुए पुरोहितों का हर जगह होना असंभव है। यदि कोई ईश्वर के वचन की घोषणा करता है, तो लोग उनका अनुसरण करेंगे।

धर्माध्यक्ष जोवाकिन ने सहमति व्यक्त की कि धर्मसभा को इस स्थिति का विश्लेषण करने की आवश्यकता है लेकिन हम सभी स्वास्थ्य, शैक्षिक या वित्तीय समस्याओं को हल नहीं कर सकते।

धर्मसभा में महिलाओं की भागीदारी के बारे में एक सवाल

सिस्टर वीलर ने छोटे कामकाजी समूहों और महिलाओं के प्रेरितिक कार्यों की मान्यता के बारे में पूछे गये प्रश्न का उत्तर दिया। उन्होंने इस बात की पुष्टि की कि काम करने वाली महिलाओं और समूहों में "कोई याजकीय रवैया नहीं है" और "अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता" ने एक ऐसा माहौल उत्पन्न किया है जहां "महत्वपूर्ण सवालों को सम्मानपूर्वक और खुले तौर पर रखा जा सकता है"। उसने इसे "एक साथ समझदारी" का एक सुंदर अनुभव बताया।

सिस्टर वीलर ने याद किया कि ‘सिनॉड कार्यकारी दस्तावेज’ इस बात की पुष्टि करता है कि अमाजोन क्षेत्र में महिलाएं ज्यादातर प्रेरिताई काम करती हैं। उन्होंने कहा कि कई महिलाएं आदिवासी लोगों के साथ काम कर रही हैं और आदिवासियों के धर्मशास्त्र के साथ जुड़ना चाहती हैं। उन्होंने इस स्तर पर महिलाओं की उपस्थिति को "हमारे समय का संकेत" के रूप में वर्णित किया। उन्होंने महिलाओं के खिलाफ हिंसा पर काबू पाने के लिए काम करने, न्याय के लिए खड़े होने और "पुरुषवाद" संस्कृति पर काबू पाने पर भी उल्लेख किया। धर्मसभा में विभिन्न विश्ष्टिता प्राप्त 35 महिलाएँ मौजूद हैं और यह एक महत्वपूर्ण कदम है।

पारिस्थितिक पापों के बारे में एक सवाल

महाधर्माध्यक्ष पेद्रो ने "पारिस्थितिक पाप" के बारे में अपनी पिछली टिप्पणी पर उठाये गये प्रश्न में इस बात की पुष्टि की, कि वे आशावादी व्यक्ति हैं और इस बात से आश्वस्त हैं कि "एक अलग दुनिया संभव है"। हालांकि, जब तक हम प्रकृति का ध्यान नहीं रखते हैं, "हम अपने जीवन के लिए पूर्व शर्तों से समझौता करते हैं।" हम अपने विश्वास को प्रकट करते हुए कहते हैं कि हम"स्वर्ग और पृथ्वी का निर्माता" ईश्वर में विश्वास करते हैं, तो हम स्वयं से प्रश्न किए बिना, प्रकृति के खिलाफ पाप करते रहते हैं।"  हम जिस दुनियाँ में निवास करते हैं उससे अलग और कोई दूसरी दुनिया नहीं है जहाँ मनुष्य निवास कर सकता है। अतः हमें इस दुनिया की देख-भाल करनी चाहिए। 

12 October 2019, 16:46