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प्रार्थना जागरण में युवाओं के साथ संत पापा फ्राँसिस प्रार्थना जागरण में युवाओं के साथ संत पापा फ्राँसिस  (ANSA)

येसु आपको एक मिशन सौंपते हैं, मडागास्कर के युवाओं से संत पापा

संत पापा राजधानी अन्टानानारिवो के बाहर, सोमानंद्राकिज़े धर्मप्रांतीय कैंप में युवाओं के साथ एक जागरण प्रार्थना में भाग लिया, और उनसे यह पूछते हुए चुनौती दी कि क्या येसु उन पर भरोसा कर सकते हैं?

माग्रेट सुनीता मिंज-वाटिकन सिटी

अन्टानानारिवो, रविवार 8 सितम्बर 2019 (रेई, वाटिकन न्यूज़) :  मडागास्कर की अपनी प्रेरितिक यात्रा के प्रथम दिन शनिवार 7 सितम्बर को संत पापा फ्राँसिस सोमानंद्राकिज़े धर्मप्रांतीय कैंप में देश के विभिन्न धर्मप्रांतों से आये युवाओं के साथ एक जागरण प्रार्थना में भाग लिया।

उत्सव की शुरुआत दो युवाओं के साक्ष्य के साथ हुई, जिन्होंने संत पापा को कारावास प्रेरितिक कार्यों और अन्य मिशन कार्य में अपने अनुभवों को साझा किया।

विश्वास में आगे बढ़ना

संत पापा फ्राँसिस ने दोनों युवाओं को अपना जीवन साक्ष्य साझा करने हेतु धन्यवाद दिया। संत पापा ने कहा कि युवाओं के साथ रहना कितना अच्छा लगता है, जो अपने विश्वास की खोज करते हैं और खुलकर जीते हैं। संत पापा ने कहा कि येसु ने भी यर्दन नदी के किनारे अपने चेलों से पूछा था कि वे क्या ढूँढते हैं। युवाओं को खोज जारी रखनी चाहिए। प्रभु जानते हैं कि हम उस खुशी की तलाश कर रहे हैं जिसके लिए हम बनाए गए थे और इस खुशी को दुनिया हमसे नहीं ले पाएगी।" युवाओं को इस निश्चितता के साथ तलाश में आगे बढ़ना चाहिए कि हर कदम में प्रभु उनके साथ हैं।

संत पापा ने कहा कि विश्वास पर आधारित कोई भी खोज, "उस दुनिया को बेहतर स्थान बनाने में मदद करती है जहाँ हम रहते हैं।" हम दूसरों के लिए जो करते हैं, वह हमें बदल देता है, लोगों को देखने के हमारे नजरिये और न्याय करने के हमारे तरीके को बदलता है। यह हमें अधिक संवेदनशील बनाता है। हम खुद में अनुभव करते हैं कि प्रभु हमारे जीवन का हिस्सा बन गये हैं और वे हमारे जीवन की डोर संभालते हैं।

नाम से पुकारना

संत पापा ने कहा, "ईश्वर हमें हमारे पापों, त्रुटियों, दोषों या हमारी कमजोरियों से नहीं लेकिन हमारे नाम से बुलाते हैं। जबकि शैतान बारंबार हमारे पापों और गल्तियों को याद कराकर हममें हीनता की भावना से ग्रसित करते हैं। प्रभु हमेशा हमें याद दिलाते हैं "हम उसकी आँखों में कितने कीमती हैं, और वे हमें एक मिशन सौंपते हैं।"

एक नई शुरुआत

एक युवा द्वारा साझा किये गये कारावास प्रेरितिक कार्य का उल्लेख करते हुए, संत पापा ने बताया कि उस युवा ने क्या सीखा था। "आपने कटाक्ष आलोचना का परित्याग किया जो हमेशा हमें पंगु बनाता है। आपको एहसास हुआ कि जेल में बड़ी संख्या में लोग इसलिए नहीं थे क्योंकि वे बुरे थे, बल्कि इसलिए कि उन्होंने बुरे विकल्प का चुनाव किया था। उन्होंने गलत रास्ता अपनाया था और उन्हें इसका एहसास हुआ। अब उन्हें एक नई शुरुआत करनी है।”

कभी हार मत मानो

संत पापा ने कहा, "सबसे सुंदर उपहारों में से एक, येसु के साथ हमारी दोस्ती हमें प्रदान कर सकती है", वह यह है कि प्रभु हमेशा हमारे साथ हैं और हमें कभी नहीं छोड़ते हैंं। हम सभी अनुभव से जानते हैं, कि हम लोग रास्ता भटक सकते हैं, भ्रम में पड़ सकते हैं। जीवन के अंधेरे में माया-मोह में फंस सकते हैं। परंतु एक बात याद रखनी चाहिए कि जीवन में कभी हार नहीं माननी चाहिए। येसु हमारे अच्छे दोस्त, हमें हर कठिनाई से ऊपर उठाने के लिए हर तरह से मदद करने को तैयार रहते हैं।

मुझ पर येसु का भरोसा

संत पापा ने मडागास्कर के युवाओं से कहा, "ईश्वर आप पर भरोसा करने वाले पहले व्यक्ति हैं", "लेकिन वह आपको खुद पर, अपने कौशल और क्षमताओं पर भरोसा करने के लिए भी कहते हैं।" प्रभु आपसे "एक दूसरे को प्रोत्साहित करने, अपने जीवन का सबसे सुंदर पृष्ठ लिखने, उदासीनता को अस्वीकार करने और आपके सामने आने वाली कई समस्याओं का एक ख्रीस्तीय के समान सामना करने के लिए कहते हैं। संत पापा ने युवाओं को खुद से पूछने को कहा, "क्या येसु मुझ पर भरोसा कर सकते हैं?"

संत पापा ने जोर देकर कहा, “प्रभु ने हमें एक मिशन सौंपा है। इस मिशन को हम अकेले नहीं परंतु येसु के साथ पूरा कर सकते हैं।  संत पापा ने एक और युवा के गवाह के उदाहरण का उपयोग करते हुए बताया कि "अपने बलबूते एक मिशनरी शिष्य बनना असंभव है।" हम अपने दम पर बड़ी चीजों को पूरा करने में सक्षम हो सकते हैं, "लेकिन प्रभु के साथ मिलकर असंभव कार्य को भी करने में सक्षम होते हैं।”

माता मरिया का "हाँ"

संत पापा फ्राँसिस ने युवाओं को याद दिलाया कि "हम सब एक बड़े परिवार के सदस्य हैं" और मरिया हमारी माता हैं। उसने कभी नहीं कहा कि चलो देखते हैं चीजें कैसे बदल जाती हैं, उसने बस "हाँ" कहा। यह उन सभी का "हां" है जो "खुद को प्रतिबद्ध करने और जोखिम लेने के लिए तैयार हैं, सब कुछ दांव पर लगाने के लिए तैयार हैं।, माँ मरिया अपने बच्चों पर नज़र रखती है कहीं वे जीवन में थक तो नहीं गये हैं और आशा की रोशनी बुझ न जाए।संत पापा ने कहा कि मडागास्कर के युवाओं से हमारी उपेक्षा है कि वे आशा की ज्योति को जलाये रखते हुए प्रभु के मिशन में आगे बढ़ें।

 

08 September 2019, 14:58