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पूर्वी कलीसिया के सदस्यों से मुलाकात करते संत पापा पूर्वी कलीसिया के सदस्यों से मुलाकात करते संत पापा  (ANSA)

पूर्वी कलीसियाओं के कानून हेतु गठित सोसाईटी द्वारा संत पापा से मुलाकात

संत पापा फ्राँसिस ने बृहस्पतिवार 19 सितम्बर को वाटिकन में कलीसियाई कानून के प्रोफेसर तथा पूर्वी कलीसियाओं के लिए कानून की सोसाईटी के सदस्यों से मुलाकात की। सदस्यों ने सोसाईटी की स्थापना (1969) की 50वीं वर्षगाँठ के अवसर पर संत पापा से मुलाकात की।

उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, बृहस्पतिवार, 19 सितम्बर 2019 (रेई)˸ सोसाईटी की स्थापना फादर इवन जुजेक ने की थी जिन्होंने पूर्वी कलीसिया के कानून में महत्वपूर्ण योगदान दिये हैं।

संत पापा ने कहा, "सोसाईटी का कार्य विभिन्न कलीसियाओं (पूर्वी काथलिक, ऑर्थोडॉक्स और ऑरिएंटल कलीसियाओं) के विशेषज्ञों को एक साथ लाता है जो ख्रीस्तीय एकतावर्धक वार्ता को बढ़वा देता है। इसके द्वारा ईशशास्त्र, आध्यात्मिकता एवं धर्मविधि, प्रेरितिक क्रिया-कलाप और कलीसियाई कानून में हम एक-दूसरे से कितना अधिक सीख सकते हैं।

कलीसियाई कानून ख्रीस्तीय एकतावर्धक वार्ता के लिए आवश्यक  

कलीसियाई कानून ख्रीस्तीय एकतावर्धक वार्ता के लिए आवश्यक है। काथलिक कलीसिया द्वारा कई ईशशास्त्रीय वार्ता, विशेषकर ऑर्थोडॉक्स कलीसिया एवं ऑरिएंटल कलीसिया के साथ होती है अतः इससे स्पष्ट है कि कलीसियाई कानून न केवल ख्रीस्तीय एकतावर्धक वार्ता में सहायक है बल्कि एक आवश्यक आयाम भी है।

सिनॉडालिटी

संत पापा ने सिनॉडालिटी का उदाहरण देते हुए कहा कि जब इसे संस्थानों और कलीसिया की प्रणालियों में लागू किया गया, तब सिनॉडालिटी ने कलीसिया के नियमों का ख्रीस्तीय एकतावर्धक आयाम व्यक्त किया। इससे एक ओर हमें अन्य परम्पराओं से सिनॉडल अनुभव सीखने का अवसर प्राप्त हुआ है, खासकर, पूर्वी कलीसिया से, वहीं दूसरी ओर, जिस तरह काथलिक कलीसिया ने सिनॉडलिटी को व्यक्त किया, यह अन्य ख्रीस्तियों के साथ संबंध के लिए महत्वपूर्ण है। यही ख्रीस्तीय एकतावर्धक वार्ता के लिए चुनौती है। एक सिनॉडल कलीसिया के निर्माण हेतु हमारी प्रतिबद्धता जिसके लिए हम सभी बुलाये गये हैं, प्रभु के द्वारा एक भूमिका सौंपी गयी है उसका महत्वपूर्ण पारिस्थितिकी आशय है।  

प्रथम शताब्दी के आम कानूनी धरोहर पर आधारित, काथलिक कलीसिया एवं ऑर्थोडॉक्स कलीसिया के बीच वर्तमान ईशशास्त्रीय वार्ता, वास्तव में, प्रधानता एवं सिनॉडालिटी की आम समझ है और कलीसिया की एकता की सेवा में उनका संबंध है।

संत पापा की आशा

संत पापा ने सदस्यों को सम्बोधित कर कहा कि उनकी खोज का एक सिनॉडल आयाम है। वे एक-दूसरे को सुनते, परम्परा एवं अनुभवों का अवलोकन करते हुए पूर्ण एकता की ओर आगे बढ़ रहे हैं।  

संत पापा ने कहा, "मैं आप के कार्य के लिए आभारी हूँ जिसके लिए मैं निश्चिंत हूँ कि यह न केवल कलीसिया के कानून के विकास में बड़ा सहयोग प्रदान करेगा बल्कि प्रभु की प्रार्थना "कि वे एक हो जाएँ...ताकि संसार विश्वास कर सके"(यो.17:21). को पूर्ण करने की ओर हमारे कदमों को आगे ले चलेगा।”

अंत में संत पापा ने सोसाईटी को अपना आशीर्वाद दिया तथा उन्हें धन्य कुँवारी मरियम को समर्पित किया ताकि उनकी ममतामयी निगाहें उनपर सदा बनी रहे। 

19 September 2019, 16:40