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सन्त पापा फ्राँसिस से मुलाकात करते कार्डिनल आखिल्ले सिल्वेसत्रीनी, तस्वीर 2013 सन्त पापा फ्राँसिस से मुलाकात करते कार्डिनल आखिल्ले सिल्वेसत्रीनी, तस्वीर 2013 

कार्डिनल सिल्वेस्त्रीनी के निधन पर सन्त पापा ने भेजा शोक सन्देश

वाटिकन के वरिष्ठ कार्डिनल आखिल्ले सिल्वेस्त्रीनी के निधन पर गहन शोक प्रकट करते हुए सन्त पापा फ्राँसिस ने, उनकी बहनों मरिया लूईज़ा एवं आन्जेला सिल्वेस्त्रीनी को, एक तार सन्देश प्रेषित कर दिवंगत आत्मा के प्रति भावभीनी श्रद्धान्जलि अर्पित की है।

जूलयट जेनेवीव क्रिस्टफर-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, शुक्रवार, 30 अगस्त 2019 (रेई, वाटिकन रेडियो): वाटिकन के वरिष्ठ कार्डिनल आखिल्ले सिल्वेस्त्रीनी के निधन पर गहन शोक प्रकट करते हुए सन्त पापा फ्राँसिस ने, उनकी बहनों मरिया लूईज़ा एवं आन्जेला सिल्वेस्त्रीनी को, एक तार सन्देश प्रेषित कर दिवंगत आत्मा के प्रति भावभीनी श्रद्धान्जलि अर्पित की है।   

पूर्वी रीति की कलीसियाओं के लिये गठित परमधर्मपीठीय धर्मसंघ के पूर्वाध्यक्ष वाटिकन के वरिष्ठ कार्डिनल आखिल्ले सिल्वेस्त्रीनी का निधन गुरुवार को रोम में हो गया था। वे 95 वे वर्ष के थे।

सात परमाध्यक्षों के काल में सक्रिय

तार सन्देश में सन्त पापा फ्राँसिस ने लिखाः "कार्डिनल आखिल्ले सिल्वेस्त्रीनी के निधन की दुखद ख़बर पाकर मैं अत्यन्त दुखी हुआ हूँ और उनके परिवार सहित उन सब लोगों के प्रति अपनी गहन सहानुभूति प्रकट करना चाहता हूँ जो उनके करीब रहें हैं तथा उनके कार्यों की प्रशंसक रहे हैं। इसी प्रकार मैं कार्डिनल महोदय के धर्मप्रान्त फायेन्सा-मोदीलियाना के वासियों के प्रति भी संवेदना व्यक्त करता हूँ।

कृतज्ञ भाव से मैं, दशकों के अन्तराल में, कार्डिनल आखिल्ले सिल्वेस्त्रीनी द्वारा, सात परमाध्यक्षों के कार्यकाल के दौरान, सर्वप्रथम वाटिकन राज्य के सच्चिवालय में, फिर, परमधर्मपीठीय प्रेरितिक अदालत में और अंततः पूर्वी रीति की कलिसीयाओं के लिये गठित परमधर्मपीठीय धर्मसंघ में दी गई सेवाओं एवं सहयोग के लिये ईश्वर के प्रति धन्यवाद ज्ञापित करता हूँ।"

पुरोहित, सक्षम कूटनीतिज्ञ और सत्यनिष्ठ मेषपाल

कार्डिनल की महान भूमिका की याद करते हुए उन्होंने लिखा, "अपनी बुलाहट के प्रति समर्पित रहते हुए उन्होंने, अन्यों की ज़रूरतों के प्रति सजग, एक सच्चे पुरोहित, विनम्र एवं सक्षम कूटनीतिज्ञ तथा कलीसिया एवं सुसमाचार के प्रति निष्ठावान मेषपाल की स्मृति हमारे समक्ष छोड़ी है।"

सन्त पापा ने आगे लिखा, "प्रभु ईश्वर से दिवंगत आत्मा की चिर शान्ति हेतु प्रार्थना करते हुए मैं समस्त शोकाकुल लोगों के लिये दिव्य सान्तवना की मंगलयाचना करता हूँ तथा सबको अपना प्रेरितिक आशीर्वाद प्रदान करता हूँ।"

इटली के फायेन्सा धर्मप्रान्त में 25 अक्टूबर सन् 1923 ई. को कार्डिनल सिल्वेस्त्रीनी का जन्म हुआ था। 19 वर्ष की आयु में उन्होंने गुरुकुल में प्रवेश किया था तथा 1946 ई. में आप पुरोहित अभिषिक्त किये गये थे। सन् 1953 ई. में आप वाटिकन की कूटनैतिक सेवाओं से जुड़े तथा वियतनाम, चीन, इन्डोनेशिया एवं दक्षिण पूर्व एशिया के देशों से सम्बन्धित मामलों पर वाटिकन सचिवालय में कार्य करते रहे थे।

1973 से 1979 तक आप पोंटिफ़िकल एक्लेसियेस्टिकल अकादमी में राजनयिक कानून के प्राध्यपक रहे। सन् 1979 में आपका धर्माध्यक्षीय अभिषेक सम्पन्न हुआ जिसके बाद से आपने कई देशों में जैसे स्पेन, माल्टा, अर्जेनटीना, निकारागुआ, एल साल्वाडोर, पोलैण्ड, हैयती, स्वीडन लेबनान एवं सिरिया में विविध मुद्दों पर बातचीत हेतु परमधर्मपीठीय शिष्ठमणडल का नेतृत्व किया। सन् 1988 से 1991 तक कार्डिनल सिल्वेस्त्रीनी वाटिकन स्थित परमधर्मपीठीय प्रेरितिक अदालत के अध्यक्ष तथा 1991 से सन् 2000 तक पूर्वी रीति की कलीसियाओं के लिये गठित परमधर्मपीठीय धर्मसंघ के अध्यक्ष रहे थे। 28 जून, सन् 1988 को, सन्त पापा जॉन पौल द्वितीय द्वारा, आप कार्डिनल नियुक्त किये गये थे।

30 August 2019, 12:02