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कार्मेल की माता मरियम की शोभा यात्रा कार्मेल की माता मरियम की शोभा यात्रा  (AFP or licensors)

माऊंट कार्मेल की माता मरियम का पर्व

संत पापा फ्राँसिस ने 16 जुलाई को कार्मेल पर्वत (माऊंट कार्मेल) की माता मरियम के पर्व दिवस पर प्रेषित ट्वीट संदेश में, माता मरियम की याद करने का निमंत्रण दिया।

उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, बृहस्पतिवार, 16 जुलाई 19 (रेई)˸ उन्होंने संदेश में लिखा, "आज कार्मेल पर्वत की माता मरियम का पर्व है हम माता मरियम पर चिंतन करें जो ख्रीस्त के क्रूस के बगल में खड़ी थी, वह भी कलीसिया का स्थान है जो ख्रीस्त के करीब है।"

कार्मेल पर्वत का जिक्र राजाओं के पहले ग्रंथ में किया गया है जहाँ नबी एलियाह ने बाल देवता के साढ़े चार सौ नबियों को चुनौती दी थी और जीवन्त ईश्वर पर इस्राएलियों के विश्वास को पुनः जागृत किया था।

कार्मेलाईट ऑर्डर की परम्परा के अनुसार 16 जुलाई सन् 1251 को संत सिमोन स्टॉक जो एक कार्मेलाईट था उसे धन्य कुँवारी मरियम का दिव्य दर्शन हुआ था।

इंगलैंड से पवित्र भूमि की तीर्थयात्रा के दौरान वह कार्मेलाईट बन गया था। कहा जाता है कि तीर्थयात्रा से वापस लौटने पर उन्हें एक दिव्य दर्शन प्राप्त हुआ जिसमें धन्य कुँवारी मरियम ने उनके लिए कार्मेल पर्वत का स्कापुलर प्रस्तुत करते हुए कहा था, "मेरे प्रिय पुत्र अपने ऑर्डर के स्कापुलर को ग्रहण करो, यह मेरे विशेष अनुग्रह का चिन्ह है जिसको मैंने तुम्हारे लिए प्राप्त किया है। जो इस स्कापुलर को पहनते हुए मरेगा वह अनन्त आग से बच जाएगा। यह मुक्ति का बैज, खतरे के समय सुरक्षा कवच तथा शांति एवं सुरक्षा की प्रतिज्ञा है।"

16 July 2019, 17:02