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कम्पाला में सेकाम की 50 वर्षीय जयन्ती कम्पाला में सेकाम की 50 वर्षीय जयन्ती 

स्वर्ण जयन्ती पर अफ्रीकी धर्माध्यक्षों को संत पापा का संदेश

संत पापा फ्राँसिस ने अफ्रीका एवं मडागास्कर (एसईसीएएम) के धर्माध्यक्षीय सम्मेलन सभा की स्वर्ण जयन्ती के अवसर पर एक संदेश भेजा।

उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी

अफ्रीका के धर्माध्यक्ष स्वर्ण जयन्ती मनाने हेतु 21 से 28 जुलाई तक यूगांडा के कम्पाला में एकत्रित हैं। संत पापा ने अफ्रीका एवं मडागास्कर के धर्माध्यक्षीय सम्मेलन के अध्यक्ष महाधर्माध्यक्ष गाब्रिएल एमबीलिंजी को पत्र भेजकर कहा कि वे उनके साथ हैं जो 50 सालों तक इस भ्रातृत्वपूर्ण समुदाय में कार्य करने हेतु सर्वशक्तिमान ईश्वर से प्राप्त कृपादानों के लिए धन्यवाद देने हेतु एकत्रित हुए हैं।

2015 में सभा को सम्बोधित वक्तव्य का हवाला देते हुए उन्होंने अपनी प्रार्थनाओं का आश्वासन दिया कि एसईसीएएम के सदस्य प्रेरितिक शिष्यता में सबल हो सकें क्योंकि सुसमाचार प्रचार के महान कार्य का अर्थ है कि सुसमाचार हमारे जीवन के हर आयाम में प्रवेश करे ताकि हम भी दूसरों के लिए सुसमाचार के संदेश वाहक बन सकें।  

इस तरह एसईसीएएम समस्त अफ्रीका महाद्वीप में स्थानीय कलीसियाओं को अपनी  महत्वपूर्ण सेवा देता रहे।

एसईसीएएम और संत पापा पौल षष्ठम

संस्था का उद्घाटन संत पापा पौल षष्ठम की 50 वर्षों पूर्व यूगाँडा यात्रा के दौरान हुई थी जिसका उद्देश्य अफ्रीका के धर्माध्यक्ष धार्मिक कार्यों की एकात्मता एवं सहयोग   अफ्रीकी स्तर पर तथा काथलिक कलीसिया की शिक्षा, एकात्मता एवं स्थानीय समुदाय में सहभागिता को बढ़ावा देना है। इस अवसर पर संत पापा पौल षष्ठम ने अफ्रीका की कलीसिया के विश्वास को सुदृढ़ करते हुए इस प्रकार घोषणा की थी,

"तू अफ्रीका, इस समय तेरे अपने मिशनरी हैं।

तू अब सक्षम है और अफ्रीकी ख्रीस्तीय होना चाहती है।"    

स्वर्ण जयन्ती की विषयवस्तु है, "अफ्रीका में ईश्वर की कलीसिया का परिवार, जयन्ती मनायें, अपने मुक्तिदाता येसु ख्रीस्त की घोषणा करें।"

एसईसीएएम ने गौर किया है कि अफ्रीका कई शताब्दियों से सुसमाचार को ग्रहण कर उसका प्रचार करता आया है। एसईसीएएम की जयन्ती मनाते हुए अफ्रीका और मडागास्कर के हर काथलिक को निमंत्रण दिया जाता है कि वे अपने अंदर मिशन के बुलावे को सुनें और उत्साह के साथ इसका प्रत्युत्तर दें।

23 July 2019, 15:53