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संत पापा फ्राँसिस संत पापा फ्राँसिस  (ANSA)

अंतरराष्ट्रीय युवा मंच के प्रतिभागियों को संत पापा का संदेश

अंतरराष्ट्रीय युवा मंच के प्रतिभागियों से संत पापा ने मुलाकात कर उन्हें ईश्वर की आवाज़ को सुनने और उन मार्गों का अनुसरण करने का आग्रह किया जिसे ईश्वर ने उनके लिए तैयार किया है।

माग्रेट सुनीता मिंज-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, शनिवार 22 जून 2019 (रेई) : संत पापा फ्राँसिस ने वाटिकन के संत क्लेमेंटीन सभागार में 11वीं  अंतरराष्ट्रीय युवा मंच के 350 प्रतिभागियों से मुलाकात की जिसका आयोजन जीवन, परिवार एवं लोकधर्मियों के लिए बने परमधर्मपीठीय विभाग द्वारा की गई। इसका उद्देश्य युवा लोगों के विश्वास, बुलाहटीय आत्म परख और 2018 को युवाओं पर हुए धर्मसभा के कार्यान्वयन को बढ़ावा देना है।  

11वीं अंतरराष्ट्रीय युवा मंच के प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए संत पापा ने कहा, “आप युवा लोग, प्रेरितिक हृदय-परिवर्तन के प्रमुख पात्र हैं। 2018 धर्मसभा के धर्माध्यक्षों ने आपसे यही उपेक्षा की है। 2018 धर्मसभा के अंतिम दस्तावेज़ में हम एम्माउस के मार्ग पर दो चेलों की येसु से मुलाकात की चर्चा पाते हैं यही युवाओं द्वारा कलीसिया के मिशन में सहभागिता है। अतः उनकी सभा का आयोजन के समय का चुनाव यूँ ही नहीं किया जाता परंतु कलीसिया जब ‘कॉरपुस ख्रीस्टी’ याने येसु के शरीर का महापर्व मनाती है। एम्माउस के मार्ग पर चेलों के साथ हुए बातों द्वारा येसु आज भी युवाओं से अपनी बातें कहना चाहते हैं। (सीएफ, लूकस 24: 13-35) येसु से मुलाकात करने के बाद चेलों में दिनभर चलने के बावजूद नई स्फूर्ति आई वे अंधकार में भी येसु के साथ चलने के लिए तैयार थे। येसु ने उन्हें जीवन जीने की नई दिशा दी। उसी प्रकार आज भी येसु आप युवाओं से उन लोगों की ज्योति बनने हेतु बुलाते हैं जिन्होंने अभी तक येसु को नहीं जाना है और अंधकारमय जीवन जी रहे हैं।”  

समुदाय

संत पापा ने कहा कि क्लेओफास और दूसरे चेले को पुनर्जीवित प्रभु से मुलाकात कर अपनी खुशी को साझा करने की जरुरत महसूस हुई। वे इसे अपने आप में रख नहीं पाये अतः रातों-रात अपने समुदाय वापस लौटे। आप भी इस मंच में सहभागी होकर खुशी का अनुभव कर रहे होंगे और अपने देश लौटकर अपने दोस्तों के साथ जरुर साझा करेंगे। चेलों ने येसु को अपने साथ रहने के लिए आग्रह किया। सुसमाचार में हम पाते हैं कि येसु के रुपांतरण के समय पेत्रुस याकुब और योहन ने पर्वत पर ही रहने और तम्बू बनाने की बात कही थी। जब मरियम मगदली पुनर्जीवित प्रभु से मिलीं और उनसे लिपटे रहना चाहती थीं, परंतु येसु ने उसे मिशन दिया और वह समुदाय लौट गई। येसु के साथ मुलाकात के अनुभव को हम सिर्फ अपने लिए नहीं रख सकते, इसे हमें दूसरों के साथ साझा करना है। (अंतिम दस्तावेज धर्मसभा, 115)। संत पापा ने कहा कि जितना हम अपने अनुभव को दूसरों से साझा करते हैं उतना ही हम प्रभु की उपस्थिति और खुशी का अनुभव अपने जीवन में करते हैं।

ईश्वर के वर्तमान हैं युवा

संत पापा ने युवाओं को पुनः याद दिलाता कि वे ईश्वर के वर्तमान और कलीसिया के भी वर्तमान हैं। कलीसिया को उनकी जरुरत है। “आप कलीसिया रुपी शरीर के अंग हैं और आप एक दूसरे के साथ जुड़े हुए हैं शरीर का कोई अंग शरीर से अलग कर दिया जाये तो वह बेकार हो जाता है उसी तरह कलीसिया से अलग रहकर आप अकेले में बेजान हो जायेंगे। एक साथ रहकर ही हम दुनिया में परिवर्तन ला सकते हैं।और इस जीवन यात्रा में प्रभु का शरीर, उनका वचन हमें शक्ति प्रदान करता है। हमें जीवन के अंधेरे में जीने वालों के पास जाकर प्रभु की ज्योति को देना है।”

एक महत्वपूर्ण घोषणा

संत पापा ने प्रतिभागियों को आने वाले विश्व युवा दिवस 2022 के बारे एक महत्वपूर्ण घोषणा की, जो लिसबन में होगी। आने वाले विश्व युवा दिवस 2022 की विषयवस्तु है,“मरियम उठी और शीघ्रता से चल पड़ी।”(सीएफ, लूक,1:39)। संत पापा ने कहा कि आने वाले दो वर्षों में वे इन दो पदों पर मनन करें, “युवक, मैं तुमसे कहता हूँ उठो।” (लूकस,7:14) विश्व युवा दिवस 2020 और “उठो, मैं तुम्हें इस लिए दिखाई पड़ा कि तुम्हें अपना सेवक और साक्षी नियुक्त करुँ।” (प्रेरित चरित, 26:16) विश्व युवा दिवस 2021

संत पापा ने कहा, “आप ईश्वर की आवाज़ को सुनिये जो आपसे उठने और उन मार्गों का अनुसरण करने का आग्रह करते हैं जिसे उन्होंने आपके लिए तैयार किया है। मरियम की तरह और उसके साथ मिलकर, आप हर रोज अपने आनंद और प्यार को दूसरों तक पहुंचायें।”  

22 June 2019, 15:14