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वाटिकन में जेनेवा,नेपल्स और सरदेनया से आये बच्चों से मुलाकात करते संत पापा वाटिकन में जेनेवा,नेपल्स और सरदेनया से आये बच्चों से मुलाकात करते संत पापा  

सभी अलगाव को दूर करते हुए "बच्चों की ट्रेन" संत पापा के पास

वाटिकन में जेनेवा, नेपल्स और सरदेनया से आये बच्चों से मुलाकात कर संत पापा ने उन्हें हर परिस्थिति में आशावान और एकजुट बने रहने का संदेश दिया।

माग्रेट सुनीता मिंज-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, शनिवार, 8 जून 2019 (रेई) : संत पापा फ्राँसिस ने शनिवार को वाटिकन स्थित संत दामासो प्रांगण में इटली के ‘फ्रेच्चा रोस्सा 1000’ बच्चों की ट्रेन से आये करीब 400 बच्चों से मुलाकात की।

जेनेवा,नेपल्स और सरदेन्या के बच्चे

इटली के ट्रेन में तीन स्कूलों के बच्चे थे। ‘फ्रेच्चा रोस्सा 1000’  ट्रेन में जेनेवा रेलवे स्टेशन से कुछ बच्चे जेनेवा से चढ़े, जो गत वर्ष मोरांदी पुल के ढह जाने से प्रभावित हुए थे। ट्रेन चिवितावेक्या स्टेशन पर रुकी और सरदेन्या द्वीप के कुछ बच्चे चढ़े जो मोबी टोमी पानी जहाज से चिवितावेक्या स्टेशन तक आये थे, ये बच्चे 2013 में द्वीप में आये बाढ़ से प्रभावित हुए थे। बच्चों की ट्रेन रोम तेरमनी स्टेशन में रुकी और वहाँ नेपल्स के कुछ बच्चे चढ़े जो सबसे अधिक खतरों वालो क्षेत्र से आये थे।

संत पापा से मुलाकात

बच्चों ने वाटिकन के संत दोमासो के आंगन में संत पापा फ्राँसिस से मुलाकात की और कुछ ने अपने जीवन में घटी त्रासदियों को बताया। संत पापा ने खुशी से उनका स्वागत कर उन्हें हर परिस्थिति में आशावान और एकजुट बने रहने का संदेश दिया।

आयोजकों ने बताया कि पहल का विषय - सभी अलगाव को दूर करने के लिए पुलों का निर्माण करना। बचपन से ही बच्चों को हर प्रकार के लगाव और दीवार को तोड़ना और प्रेम को विकसित करने हेतु अवसर देना आवश्यक है। बच्चों के दैनिक जीवन को घायल करने वाले बाढ़ों पर पुलों का निर्माण करना है।

इस यात्रा की पहल संस्कृति के लिए परमधर्मपीठीय परिषद द्वारा की गई है। इस वर्ष 7वें संस्करण में इस पहल की विषय वस्तु, "प्रकाश रुपी समुद्र में सोने का पुल" है।

विदित हो कि गत वर्ष 14 अगस्त को मोरांदी पुल के ढह जाने से 39 लोग मारे गये थे। करीब 35 कारें और कई ट्रक 45 मीटर (150 फुट) नीचे रेल की पटरियों पर गिर गए। मरने वालों में 8, 12 और 13 साल के बच्चे भी थे।

08 June 2019, 16:31