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अंतरराष्ट्रीय जैव-विविधता दिवस अंतरराष्ट्रीय जैव-विविधता दिवस   (AFP or licensors)

अंतरराष्ट्रीय जैव-विविधता दिवस पर संत पापा का ट्वीट संदेश

प्रतिवर्ष 22 मई को अंतरराष्ट्रीय जैव-विविधता दिवस मनाया जाता है। इसे 'विश्व जैव-विविधता संरक्षण दिवस' भी कहते हैं। संत पापा ने सारी सृष्टि के माध्यम से ईश्वर के असीम प्रेम का अनुभव करने हेतु प्रेरित किया।

माग्रेट सुनीता मिंज-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, बुधवार 22 मई 2019 (रेई) :  संयुक्त राष्ट्र संघ ने प्राकृतिक एवं पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में जैव-विविधता के महत्व देखते हुए ही जैव-विविधता दिवस को अंतरराष्ट्रीय दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया। हमारे जीवन में जैव-विविधता का काफी महत्व है। इस दिन संत पापा ने ट्वीट कर सारी सृष्टि के माध्यम से ईश्वर के असीम प्रेम का अनुभव करने हेतु प्रेरित किया।

संदेश में उन्होंने लिखा, “प्रत्येक प्राणी का एक विशेष कार्य होता है, कोई भी फालतू नहीं है। संपूर्ण ब्रह्मांड ईश्वर के असीम स्नेह और प्रेम की भाषा में हमसे बातें करते हैं, मिट्टी, पानी, पहाड़, सब कुछ में ईश्वर का प्रेम है।”

लाखों विशिष्ट जैविक की कई प्रजातियों के रूप में पृथ्वी पर जीवन उपस्थित है और हमारा जीवन प्रकृति का अनुपम उपहार है। अत: पेड़-पौधे, अनेक प्रकार के जीव-जंतु, मिट्टी, हवा, पानी, महासागर-पठार,  समुद्र-नदियां इन सभी प्रकृति की देन का हमें संरक्षण करना चाहिए, क्योंकि यही हमारे अस्तित्व एवं विकास के लिए काम आती है। संत पापा फ्राँसिस ने अपने प्रेरितिक उद्बोधन “लौदातो सी” में इस पर चर्चा की है।

जैव-विविधता की कमी होने से प्राकृतिक आपदा जैसे बाढ़, सूखा और तूफान आदि आने का खतरा और अधिक बढ़ जाता है अत: हमारे लिए जैव-विविधता का संरक्षण बहुत जरूरी है। हमें एक ऐसे पर्यावरण का निर्माण करना है, जो जैव-विविधता में समृद्ध, टिकाऊ और आर्थिक गतिविधियों के लिए हमें अवसर प्रदान कर सकें।

22 May 2019, 16:21