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स्वर्गीय रानी प्रार्थना के दौरान संत पापा फ्रांसिस स्वर्गीय रानी प्रार्थना के दौरान संत पापा फ्रांसिस  (Vatican Media)

पुनर्जीवित येसु हमारे साथ चलते हैं

संत पापा फ्रांसिस ने 22 अप्रैल को स्वर्गीय रानी प्रार्थना के पूर्व येसु के पास्का और सुसमाचार में नारियों की भूमिका पर चिंतन किया।

दिलीप संजय एक्का-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, सोमवार 22 अप्रैल 2019 (रेई) संत पापा फ्राँसिस ने 22 अप्रैल को संत पेत्रुस महागिरजाघर के प्रांगण में स्वर्गीय रानी प्रार्थना हेतु जमा हुए हज़ारों विश्वासियों और तीर्थयात्रियों को  संबोधित करते हुए कहा, प्रिय भाई और बहनो, सुप्रभात।

आज और इस पूरे सप्ताह में हम पास्का की खुशी को प्रसारित होता हुए पाते हैं जिसकी अति मनोहर यादगारी हमने कल मनायी है। पास्का जागरण में स्वर्गदूतों के द्वारा येसु की खाली क्रब के निकट कही गई बातें हमारे कानों में ध्वनित होती हैं। उन्होंने बड़े भोरे क्रब के पास गई नारियों से कहा, “आप जीवित को मृतकों के बीच में क्यों खोजती हैंॽ वे यहां नहीं हैं वे मृतकों में से जी उठते हैं।” (लूका. 24.5-6) येसु ख्रीस्त का पुनरूत्थान मानव इतिहास में सबसे विस्मित करने वाली घटना है जहाँ हम ईश्वर के प्रेम में पाप और मृत्यु में विजय होने को पाते हैं जो हमें जीवन की आशा प्रदान करती और हमारे लिए एक ठोस नींव तैयार करती है। हम मानवीय सोच के परे पास्का की घटनाओं को पाते हैं, “ईसा नाजरी... ईश्वर ने मृत्यु के बंधन खोलकर उन्हें पुनर्जीवित किया (प्रेरित2.22.24)”।

नारियों की भूमिका

पास्का सोमवार की धर्मविधि पाठ जो संत मत्ती (28.8-15) के सुसमाचार से लिये गये हैं हमें पुनः येसु की खाली क्रब और “स्वर्गदूत” के पास लेकर आते हैं। नारियां भय और खुशी से पूर्ण शिष्य़ों को समाचार सुनाने हेतु दौड़ पड़ती हैं और उसी वक्त येसु उनके बीच में प्रकट हो जाते हैं। वे उनके चरणों में लिपट जाती और उनकी आराधना करती हैं। येसु उनके भय को दूर करते और उनके हृदय को साहस से भरते हैं जिससे वे अपने भाइयों को उन घटनाओं का हाल सुना सकें। सभी सुसमाचारों में हम नारियों की भूमिका को देखते हैं, मरियम मगदलेना और दूसरी नारियाँ जो पुनरूत्थान का प्रथम साक्ष्य देती हैं। पुरूष अपने में भयभीत अपने को अंतिम व्यारी की कोटरी में बंद किये थे। पेत्रुस और योहन मरियम मगदलेना की बातों के सुन कर शीघ्रता से क्रब की ओर दौड़ पड़ते और वे क्रब को खुला और खाली पाते हैं। संत पापा ने कहा कि यहाँ हम नारियों को देखते हैं जो पुनर्जीवित येसु से सर्वप्रथम मिलतीं और उनके जीवित होने का खबर दूसरों को देती हैं।

आप भयभीत न हों

प्रिय भाइयो एवं बहनो संत पापा ने कहा कि येसु के द्वारा नारियों को कही गई बातें भी हमारे जेहन में ध्वनित होती हैं, “आप भयभीत न हों, जाकर संदेश दें।” पास्का तृदिवसीय धर्मविधियों में हमने येसु के मृत्यु और पुनरुत्थान की यादगारी मनाई है और अब हम मृतकों में से जीवित येसु ख्रीस्त में विश्वास की आंखों से चिंतन करने हेतु बुलाये जाते हैं। हमें भी व्यक्तिगत रुप में येसु से मिलने और उनका साक्ष्य देने, उन्हें घोषित करने को कहा जाता है।

पास्का की प्रचीन रीति को हम इन दिनों दुहराते हैं, “येसु ख्रीस्त मेरा विश्वास जीवित हैं।” हम भी उनमें पुनर्जीवित हैं, हम उनके साथ मृत्यु से जीवन में प्रवेश करते हैं, पापों की गुलामी से प्रेम की स्वतंत्रता में प्रवेश करते हैं। अतः हम अपने को पास्का के सांत्वना पूर्ण संदेश और अपने में इसकी महिमा की ज्योति से सराबोर करें जो हमारे जीवन से भय के अंधकार और दुःख को दूर करता है। पुनर्जीवित प्रभु येसु ख्रीस्त हमारी बगल में चलते हैं। वे अपने को उनमें प्रकट करते जो उन्हें पुकारते और उन्हें अपना प्रेम दिखलाते हैं, जो सर्वप्रथम अपनी प्रार्थना में और अपने जीवन की खुशी में उसे अपने विश्वास और कृतज्ञता में जीते हैं। हम इसे अपने जीवन में उपस्थित महसूस करते हैं जब हम अपने जीवन की खुशी में दूसरों का स्वागत करते, मित्रता औऱ प्रकृति पर चिंतन करते हुए अपने जीवन को व्यतीत करते हैं। इस दिन की खुशी को मनाने हुए हम अपने में येसु ख्रीस्त की उपस्थिति को अपने जीवन में अनुभव करने हेतु बुलाये जाते हैं।

संत पापा ने कहा कि हम माता मरियम से निवेदन करें वे हमें शांति और चैन को अनुभव करने में मदद करें जो कि पुनर्जीवित प्रभु येसु के उपहार हैं हम उन्हें अपने उन भाई-बहनों से साथ साझा कर सकें विशेषकर उनके साथ जिन्हें हमारी सांत्वना और आश की जरुरत है।

इतना कहने के बाद संते पापा फ्रांसिस ने सभी तीर्थयात्रियों और विश्वासियों के साथ स्वर्गीय रानी प्रार्थना का पाठ किया और सभों को अपने प्रेरितिक आशीर्वाद प्रदन किया।

22 April 2019, 15:33