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धर्म शान्ति के लिये विश्व सम्मेलन, वाटिकन 2017 धर्म शान्ति के लिये विश्व सम्मेलन, वाटिकन 2017   (ANSA)

पड़ोसी प्रेम एवं सृष्टि की देखभाल धर्मों का मुख्य सिद्धान्त

वाटिकन में 07 से 09 मार्च तक धर्मों एवं धारणीय विकास पर आयोजित अन्तरराष्ट्रीय सम्मेलन में उपस्थित विश्व के प्रतिनिधियों को शुक्रवार को सम्बोधित करते हुए सन्त पापा ने धारणीय विकास एवं एकीकरण पर बल देते हुए कहा, “जब हम धारणीयता या स्थायी विकास की बात करते हैं तब हम एकीकरण और समावेश को किनारे नहीं कर सकते इसलिये कि सभी आवाज़ों को सुनना अनिवार्य है।”

जूलयट जेनेवीव क्रिस्टफर-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, शुक्रवार, 8 मार्च 2019 (रेई, वाटिकन रेडियो): सन्त पापा फ्राँसिस ने कहा है कि समस्त धर्मों का मुख्य सिद्धान्त पड़ोसी प्रेम तथा सृष्टि की देखभाल होना चाहिये.

वाटिकन में 07 से 09 मार्च तक धर्मों एवं धारणीय विकास पर आयोजित अन्तरराष्ट्रीय सम्मेलन में उपस्थित विश्व के प्रतिनिधियों को शुक्रवार को सम्बोधित करते हुए सन्त पापा ने धारणीय विकास एवं एकीकरण पर बल देते हुए कहा, “जब हम धारणीयता या स्थायी विकास की बात करते हैं तब हम एकीकरण और समावेश को किनारे नहीं कर सकते इसलिये कि सभी आवाज़ों को सुनना अनिवार्य है. "

आवाज़ों को सुनना अनिवार्य

उन्होंने कहा कि निर्धनों तथा हाशिये पर जीवन यापन करनेवाले लोगों की व्यथाओं को सुनना तथा उन्हें समाज में जगह देना अनिवार्य है तब ही हम रचनात्मक और स्थायी विकास के रास्ते पर अग्रसर हो सकते हैं.  

सन्त पापा फ्राँसिस ने कहा कि 2015 में 190 से अधिक देशों द्वारा अनुमोदित 2030 के लिये निर्धारित धारणीय विकास लक्ष्य विश्वव्यापी वार्ता के लिये एक महान कदम है जो एक सजीव "नई और सार्वभौमिक एकजुटता" को चिन्हित करता है.   

सन्त पापा ने कहा, "काथलिक परम्परा सहित विभिन्न धार्मिक परम्पराओं ने सतत विकास के उद्देश्यों को अपनाया है क्योंकि ये ऐसी वैश्विक भागीदारी प्रक्रियाओं का परिणाम हैं जो एक ओर, लोगों के मूल्यों को प्रतिबिंबित करते हैं तो दूसरी ओर, विकास की अखण्ड दृष्टि द्वारा समर्थित हैं."

केवल आर्थिक विकास, विकास नहीं

सन्त पापा ने कहा कि जब हम विकास की बात करते हैं तब यह ध्यान में रखना होगा कि किसके और कौन से विकास की हम चर्चा करते हैं इसलिये कि बहुत अधिक समय से विकास का अर्थ केवल आर्थिक विकास तक सीमित रखा जाता रहा है. राष्ट्रीय विकास के संकेतक सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) सूचकांकों पर आधारित हैं.

उन्होंने कहा कि केवल आर्थिक विकास पर ध्यान देने के रवैये ने आधुनिक आर्थिक प्रणाली को एक खतरनाक रास्ते पर पहुंचा दिया है, जहां प्रगति का आकलन केवल भौतिक विकास के संदर्भ में किया जाता है, जिसके कारण हम पर्यावरण और हमारे साथी मनुष्यों का शोषण करने के लिए लगभग बाध्य हैं.

सन्त पापा फ्राँसिस ने कहा कि मानव विकास का अर्थ केवल आर्थिक विकास नहीं है यहन्ततः एक मिशन है, एक बुलाहट है जिसका स्वतंत्र एवं ज़िम्मेदार उत्तर दिया जाना अनिवार्य है.   

08 March 2019, 11:36